बोकारो में तीन दोस्तों की संदिग्ध मौत की जांच CID के हवाले, रेलवे ट्रैक पर मिले शवों का खुल सकता है बड़ा राज
बोकारो रेलवे ट्रैक पर मिले तीन आदिवासी युवकों के शव मामले की जांच अब CID करेगी। DGP के निर्देश पर केस टेकओवर कर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मौत के रहस्य से पर्दा उठाने की तैयारी शुरू हो गई है।
HighLights
- बोकारो रेलवे ट्रैक से मिले तीन आदिवासी युवकों के शव मामले की जांच CID ने संभाली
- मृतकों के परिजनों ने हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंकने की आशंका जताई
- CID अब CDR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच करेगी
- तीनों युवक गोमिया थाना क्षेत्र के मड़वाडीह गांव के रहने वाले थे
रांची/बोकारो (Threesocieties.com Desk): झारखंड के बोकारो जिले में रेलवे ट्रैक के किनारे मिले तीन आदिवासी युवकों के शवों का रहस्य अब राज्य की विशेष जांच एजेंसी CID सुलझाएगी। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा के निर्देश पर इस बहुचर्चित मामले को CID ने टेकओवर कर लिया है। तीनों युवकों की मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच एजेंसी अब वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
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यह मामला चार जून को सामने आया था, जब बोकारो रेलवे स्टेशन से करीब नौ किलोमीटर दूर राधानगर पंचायत के लावाटांड़ इलाके में रेलवे ट्रैक के पास तीन युवकों के शव बरामद किए गए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।
कौन थे तीनों युवक?
मृतकों की पहचान गोमिया थाना क्षेत्र के मड़वाडीह गांव निवासी बबलू सोरेन, दीपक सोरेन और बाबूराम मुर्मू के रूप में हुई थी। तीनों आपस में घनिष्ठ मित्र थे और घटना से एक दिन पहले यानी तीन जून की शाम घर से निकले थे। परिवार के अनुसार किसी ने भी घरवालों को यह नहीं बताया था कि वे कहां जा रहे हैं। अगले दिन तीनों के शव रेलवे ट्रैक के किनारे मिलने से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया था।
हत्या कर हादसे का रूप देने का आरोप
घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला हो सकता है। उनका आरोप है कि तीनों युवकों की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिए गए, ताकि इसे ट्रेन हादसा दिखाया जा सके।दीपक सोरेन के पिता धनीराम मांझी ने सबसे पहले हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों का कहना था कि कई परिस्थितियां ऐसी हैं जो सीधे तौर पर हादसे की कहानी पर सवाल खड़े करती हैं।
बेंगलुरु से लौटा था बबलू, बाबूराम जाने वाला था
जांच में सामने आया है कि बबलू सोरेन हाल ही में बेंगलुरु से अपने गांव लौटा था। वह वहां शटरिंग का काम करता था और 18 मई को घर आया था। तीन जून की शाम घर से निकलते समय उसने अपनी मां से जल्द लौटने की बात कही थी। रात में भी उसकी फोन पर बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद मोबाइल बंद हो गया। वहीं बाबूराम मुर्मू ने पांच जून को बेंगलुरु जाने के लिए टिकट बुक करा रखी थी। वह भी तीन जून की शाम घर से निकला था और फिर वापस नहीं लौटा। दीपक सोरेन ने भी अपनी भाभी से नहाने जाने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद उससे संपर्क नहीं हो सका।
घटनास्थल से क्या मिला था?
पुलिस को घटनास्थल से एक बाइक, शराब की बोतलें और मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इन वस्तुओं को अब CID अपनी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएगी। यह पता लगाने की कोशिश होगी कि मौत से पहले तीनों युवक किन लोगों के संपर्क में थे और आखिरी बार कहां देखे गए थे।
CID की जांच में क्या होगा?
CID ने केस को रांची में पुनः पंजीकृत कर लिया है। जांच एजेंसी अब कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम करेगी—
तीनों युवकों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जाएंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच होगी।
परिजनों, दोस्तों और अन्य परिचितों से पूछताछ की जाएगी।
मौत से पहले की गतिविधियों और लोकेशन का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा।
हत्या, दुर्घटना या किसी अन्य आपराधिक षड्यंत्र के पहलुओं की जांच होगी।
DGP के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
परिजनों और स्थानीय लोगों की लगातार मांग के बाद DGP तदाशा मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद CID को जांच सौंपने का निर्णय लिया गया। माना जा रहा है कि अब जांच एजेंसी हर उस बिंदु की पड़ताल करेगी, जो अब तक अनसुलझा है।
पूरे राज्य की नजर जांच पर
तीन युवकों की एक साथ हुई मौत ने न सिर्फ बोकारो बल्कि पूरे झारखंड में सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और परिजनों को उम्मीद है कि CID की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। फिलहाल तीन दोस्तों की मौत का रहस्य बरकरार है, लेकिन CID की एंट्री के बाद मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना बढ़ गई है।






