बोकारो ट्रेज़री घोटाला में बड़ा खुलासा: ‘ऊपर से नीचे तक बंटा कमीशन’, अकाउंटेंट कौशल पांडे के बयान से मचा हड़कंप
बोकारो ट्रेज़री घोटाला मामले में अकाउंटेंट कौशल पांडे ने एसआईटी पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए कमीशन और अधिकारियों की मिलीभगत की बात कबूली है। e-Kuber सिस्टम में हेरफेर कर 25 महीनों में 63 बार सरकारी राशि निकाली गई। अब CID कई अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड के चर्चित बोकारो ट्रेज़री घोटाला मामले में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। तीन दिनों तक चली एसआईटी की पूछताछ में बोकारो पुलिस कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल पांडे ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि इस पूरे घोटाले में “ऊपर से नीचे तक कमीशन” का खेल चलता था और कई लोगों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा लगातार जारी रहा।
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सूत्रों के मुताबिक, कौशल पांडे ने जांच अधिकारियों को बताया कि सरकारी खजाने से निकाली गई राशि का हिस्सा अलग-अलग स्तरों पर बांटा जाता था। कमीशन देने के बाद ही फर्जी भुगतान और निकासी की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता था। इस खुलासे के बाद अब कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कस सकता है।
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तीसरे दिन खत्म हुई एसआईटी की पूछताछ
कौशल पांडे से डीएसपी नेहा बाला और इंस्पेक्टर नरेश सिन्हा ने लगातार तीसरे दिन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने कई अहम जानकारियां दीं। बताया जा रहा है कि पहले दिन उसने केवल कमीशन लेने की बात स्वीकारी थी, लेकिन तीसरे दिन उसने पूरे नेटवर्क और मिलीभगत की बात कबूल कर ली। एसआईटी अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही कई अधिकारियों और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। वहीं CID भी अब इस मामले में सक्रिय हो सकती है।
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e-Kuber सिस्टम में हेरफेर कर निकाली करोड़ों की रकम
जांच में सामने आया है कि कौशल पांडे ने e-Kuber बिल मैनेजमेंट सिस्टम में गंभीर हेरफेर किया। उसने मृत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जन्मतिथि तथा बैंक खाता संख्या में बदलाव कर फर्जी तरीके से भुगतान निकाला। बताया जा रहा है कि नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच लगभग 25 महीनों में 63 बार अवैध निकासी की गई। यह पूरा घोटाला पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम पर अंजाम दिया गया।
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पत्नी और मां के खातों में ट्रांसफर हुई रकम
जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी खजाने से निकाली गई बड़ी राशि को कौशल पांडे ने अपनी पत्नी अनु पांडे और मां के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। वित्तीय लेनदेन के दस्तावेजों की जांच की जा रही है और बैंक खातों की भी पड़ताल जारी है।
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पहले भी हो चुकी है पूछताछ
इससे पहले भी कौशल पांडे से पूछताछ की जा चुकी थी। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। बाद में नए तथ्यों और तकनीकी सबूतों के आधार पर उसे फिर से रिमांड पर लेकर साइबर थाना में पूछताछ की गई।
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कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने
कौशल पांडे के बयान के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस घोटाले में शामिल कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। अगर मिलीभगत के आरोप सही पाए जाते हैं तो आने वाले दिनों में पुलिस विभाग और ट्रेज़री से जुड़े कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
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