बिहार का सबसे बड़ा गंगा पुल तैयार होने की कगार पर, 98% काम पूरा; जानिए कब दौड़ेंगी गाड़ियां
बिहार का सबसे बड़ा कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल लगभग तैयार है। 98% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जुलाई के पहले सप्ताह तक परियोजना पूरी होने की उम्मीद है। जानिए कब शुरू होगा यह मेगा ब्रिज और कैसे बदलेगी बिहार की कनेक्टिविटी।
HighLights
- जुलाई के पहले सप्ताह तक कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
- 19.76 किलोमीटर लंबी परियोजना पटना को उत्तर बिहार से जोड़ेगी
- पुल शुरू होने से गांधी सेतु पर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद
- हाजीपुर, समस्तीपुर और वैशाली तक सफर होगा आसान और तेज
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार में बुनियादी ढांचे को नई पहचान देने वाली कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल परियोजना अब लगभग पूरी होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। राज्य का यह महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में है और निर्माण एजेंसियों का दावा है कि अगले महीने के पहले सप्ताह तक बाकी बचा काम भी पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल परियोजना का 98.1 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
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रविवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। विभाग का कहना है कि अब केवल अंतिम तकनीकी और फिनिशिंग से जुड़े कार्य बचे हुए हैं।
जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पुल से जुड़े शेष निर्माण कार्यों को जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद परियोजना पूरी तरह तैयार हो जाएगी। हालांकि पुल आम लोगों के लिए कब खोला जाएगा, इसे लेकर अंतिम निर्णय परीक्षण और तकनीकी मंजूरी के बाद लिया जाएगा।
19.76 किलोमीटर लंबी है पूरी परियोजना
यह छह लेन ग्रीनफील्ड परियोजना बिहार के सबसे बड़े सड़क पुल प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इसकी कुल लंबाई 19.76 किलोमीटर है, जिसमें करीब 9.76 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल और लगभग 10 किलोमीटर लंबे एप्रोच रोड शामिल हैं।
यह परियोजना पटना के कच्ची दरगाह क्षेत्र को वैशाली जिले के बिदुपुर से जोड़ेगी। इसके शुरू होने के बाद राजधानी पटना और उत्तर बिहार के कई जिलों के बीच सीधा और तेज सड़क संपर्क स्थापित होगा।
पुल पर तेजी से चल रहा फिनिशिंग वर्क
फिलहाल पुल पर एक्सपेंशन ज्वाइंट्स की स्ट्रेसिंग, रोड लेयरिंग, सुरक्षा बैरियर, लाइटिंग और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। परियोजना के पहले चरण में कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक लगभग 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।
गांधी सेतु पर कम होगा ट्रैफिक का दबाव
इस पुल के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा। अभी उत्तर बिहार जाने वाले अधिकांश वाहनों को गांधी सेतु का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे अक्सर लंबा जाम देखने को मिलता है। नया छह लेन पुल शुरू होने के बाद हाजीपुर, समस्तीपुर, वैशाली और आसपास के इलाकों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे कृषि, व्यापार, उद्योग और परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक पुल नहीं बल्कि उत्तर बिहार की आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साबित हो सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से माल ढुलाई, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि निर्माण पूरा होने के बाद आखिर कब इस मेगा प्रोजेक्ट को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।






