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धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड की श्रमिक राजनीति और सामाजिक क्षेत्र के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पूर्व केंद्रीय महासचिव, दी झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के ज़ोनल अध्यक्ष और प्रख्यात समाजसेवी अवध किशोर सहाय का शनिवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने धनबाद के असर्फी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

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उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे कोयलांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है।

मजदूरों की आवाज़ थे अवध किशोर सहाय

अवध किशोर सहाय को श्रमिक आंदोलन का एक मजबूत और भरोसेमंद चेहरा माना जाता था। उन्होंने वर्षों तक कोयला मजदूरों के हक और अधिकार के लिए संघर्ष किया। उनकी पहचान सिर्फ एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी के तौर पर भी थी।उन्होंने मजदूरों की समस्याओं को न सिर्फ उठाया, बल्कि उनके समाधान के लिए लगातार संघर्ष किया। यही कारण था कि मजदूरों और आम लोगों के बीच उनकी गहरी पकड़ और सम्मान था।

परिवार और समर्थकों में शोक

एके सहाय के निधन से सहाय परिवार गहरे दुख में डूबा हुआ है। उनके बड़े पुत्र अमरेंद्र कुमार सहाय (मुन्ना जी), जो सरकारी अधिवक्ता और धनबाद बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, ने अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाईं। वहीं उनके दूसरे पुत्र अमितेश सहाय, जो झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (JITA) के अध्यक्ष हैं, भी इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ मौजूद रहे। 

मुनीडीह कपाल घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

रविवार सुबह 10 बजे उनकी अंतिम यात्रा धनबाद के चिरागोड़ा स्थित आवास से निकाली गई। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने शामिल हुए। मुनीडीह कपाल घाट पर पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका दाह संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र अमरेंद्र कुमार सहाय उर्फ मुन्ना बाबू ने उन्हें मुखाग्नि दी।

संगठनों ने दी श्रद्धांजलि

झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (JITA) सहित कई सामाजिक, श्रमिक और व्यावसायिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
सभी ने उन्हें श्रमिक हितों का सच्चा प्रहरी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।धनबाद एमएलए राज सिन्हा, एक्स मिनिस्टर मथुरा प्रसाद महतो समेत अन्य नेताओं ने एके सहाय के निधन पर शोक जताया है। टुंडी एमएलए मथुरा प्रसाद महतो ने एके सहगाय के अवास पहुंच श्रद्धांजलि दी। एमएलए राज सिन्हा अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। 

अपूरणीय क्षति

अवध किशोर सहाय का जाना झारखंड की श्रमिक राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दें।