क्या जेल जाने से बच जाएंगे बिहार के 6 बार के विधायक राजू सिंह? कोर्ट ने मांगी प्रोबेशन रिपोर्ट
हर्ष फायरिंग मामले में दोषी ठहराए गए बिहार के छह बार के विधायक राजू कुमार सिंह ने प्रोबेशन पर रिहाई की मांग की है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रोबेशन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है और पीड़ित परिवार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 3 जुलाई तय की है
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): हर्ष फायरिंग मामले में दोषी करार दिए गए बिहार के साहिबगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजू कुमार सिंह ने अब अदालत से राहत की गुहार लगाई है। छह बार विधायक रह चुके राजू सिंह ने राउज एवेन्यू कोर्ट में आवेदन देकर अच्छे आचरण और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका का हवाला देते हुए प्रोबेशन (परिवीक्षा) पर रिहाई की मांग की है।
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मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि राजू सिंह को इससे पहले किसी भी आपराधिक मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है। उनका राजनीतिक जीवन लंबा रहा है और जनता के बीच उनकी छवि सकारात्मक रही है। इसी आधार पर उन्हें प्रोबेशन का लाभ दिए जाने की मांग की गई।
कोर्ट ने मांगी प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट
बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रोबेशन अधिकारी को विधायक राजू कुमार सिंह के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।यह रिपोर्ट अदालत को बताएगी कि दोषी के सामाजिक व्यवहार, चरित्र, सार्वजनिक जीवन और भविष्य में कानून का पालन करने की संभावना को देखते हुए प्रोबेशन का लाभ दिया जाना चाहिए या नहीं।
पीड़ित परिवार को भी दिया गया सुनवाई का मौका
अदालत ने केवल आरोपी पक्ष की दलीलों पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि मृतक डॉ. अर्चना गुप्ता के परिजनों को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सजा और संभावित राहत पर फैसला लेने से पहले पीड़ित पक्ष का पक्ष भी सुना जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार की राय अदालत के अंतिम निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
3 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख तय की है। इस दिन प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी और पीड़ित परिवार का पक्ष भी रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि दोषी विधायक को प्रोबेशन का लाभ दिया जाए या उन्हें सजा भुगतनी होगी।
क्या होता है प्रोबेशन?
प्रोबेशन यानी परिवीक्षा एक ऐसी कानूनी व्यवस्था है, जिसमें कुछ मामलों में दोषी व्यक्ति को जेल भेजने के बजाय निगरानी और कुछ शर्तों के साथ रिहा किया जा सकता है। अदालत आरोपी के आचरण, अपराध की प्रकृति, सामाजिक पृष्ठभूमि और भविष्य में सुधार की संभावना को देखते हुए यह राहत देती है। हालांकि, यह पूरी तरह अदालत के विवेक और मामले के तथ्यों पर निर्भर करता है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा
राजू कुमार सिंह बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं और कई बार विधायक रह चुके हैं। ऐसे में उनकी ओर से प्रोबेशन पर रिहाई की मांग और अदालत द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।अब सबकी निगाहें 3 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो सकेगा कि राजू सिंह को अदालत से राहत मिलती है या उन्हें जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा।






