दावोस में झारखंड की गूंज: CM हेमंत सोरेन ने ऊर्जा व सतत विकास पर वैश्विक साझेदारी को दी नई दिशा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ऊर्जा, सतत विकास और क्षेत्रीय नेतृत्व पर वैश्विक संवादों में झारखंड का सशक्त प्रतिनिधित्व किया।
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मुख्यमंत्री ने झारखंड को बताया भविष्य का सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल हब
- राज्यों की भूमिका को बताया निर्णायक
दावोस (स्विट्जरलैंड)। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस की बैठक के दूसरे दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड ने वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। ऊर्जा उत्पादन, उपभोग, सतत विकास और क्षेत्रीय नेतृत्व से जुड़े अहम वैश्विक संवादों में मुख्यमंत्री ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माताओं, निवेशकों और वैश्विक संगठनों के समक्ष झारखंड की विकास दृष्टि को मजबूती से रखा।
यह भी पढ़ें: ग्रीन स्टील से औद्योगिक क्रांति: WEF में झारखंड सरकार–टाटा स्टील का ₹11,000 करोड़ का ऐतिहासिक करार
आज #WEF दावोस में INDIA PAVILION के उद्घाटन समारोह में केंद्र सरकार तथा देश के अन्य राज्यों के माननीयों के साथ शामिल होने का सौभाग्य मिला। वैश्विक मंच में आयोजित हो रहे कार्यक्रम में झारखण्ड पहली बार शामिल हुआ है, यह हम सभी के लिए गौरव की बात है।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) January 20, 2026
मैं झारखण्ड राज्य से आता हूं, जो… pic.twitter.com/T3Fe5d3thn
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इंटर मिनिस्टीरियल डायलॉग में संबोधन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। इस सत्र में स्लोवाकिया के पूर्व वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री वाजिल हुडाक सहित कई वैश्विक नेता और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए। चर्चा का केंद्र बिंदु सतत एवं समावेशी आर्थिक विकास के लिए वैश्विक सहयोग के ढांचे को और अधिक मजबूत बनाना था।
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM के नेतृत्व में #WEF2026 की बैठक में आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहा है। यह पहली बार है कि @fjcci को भी राज्य सरकार के सहयोग से वैश्विक मंच पर प्रतिनिधित्व मिला है।@JharkhandAtWEF @IndiainSwiss #WEF2026 pic.twitter.com/OBJylLikrz
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) January 20, 2026
नवीकरणीय ऊर्जा और निवेश पर जोर
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड में नवीकरणीय ऊर्जा, भारी वाहन निर्माण, हरित औद्योगिक निवेश और बागवानी क्षेत्र में टिकाऊ पद्धतियों को अपनाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और हरित उद्योगों के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने “कैपिटल इन एक्शन: स्केलिंग एनर्जी सिस्टम्स थ्रू पॉलिसी, फाइनेंस एंड रीजनल लीडरशिप” विषयक सत्र में भी भाग लिया। इस दौरान स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों के विस्तार, नवाचार आधारित वित्तपोषण और प्रभावी नीतिगत समन्वय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
इस क्रम में मुख्यमंत्री के साथ @fjcci के प्रतिनिधियों एवं अन्य लोगों ने #davos में विभिन्न पवेलियन का भ्रमण किया। झारखण्ड से जोहार दावोस में गूंज रहा है।@JharkhandAtWEF @IndiainSwiss #Davos26 #WEF2026 pic.twitter.com/yoaZYyTW1Y
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) January 20, 2026
राज्यों की भूमिका को बताया अहम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तय किए गए जलवायु परिवर्तन और स्थिरता लक्ष्यों को धरातल पर उतारने में राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने झारखंड सरकार के उन प्रयासों को रेखांकित किया, जिनके तहत औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक मजबूती के साथ संतुलित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड भविष्य उन्मुख नीतियों, निवेश-अनुकूल वातावरण और समावेशी विकास मॉडल के माध्यम से न केवल देश बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
वैश्विक मंच पर झारखंड की मजबूत पहचान
दावोस में झारखंड की यह सक्रिय भागीदारी राज्य की स्वच्छ ऊर्जा, सतत औद्योगिकीकरण और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय संवादों और वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से झारखंड भविष्य के लिए एक संतुलित, टिकाऊ और मजबूत आर्थिक मॉडल की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।






