झारखंड में रिसर्च-स्टार्टअप को पंख: CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 24 जिलों में दौड़ेगी मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की है। 24 जिलों में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने, छात्रों को साइंस सिटी व तारामंडल भ्रमण कराने और AI आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

झारखंड में रिसर्च-स्टार्टअप को पंख: CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 24 जिलों में दौड़ेगी मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस
M हेमंत सोरेन का विजन: हर जिले तक पहुंचेगा विज्ञान।

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में अब विज्ञान, शोध और स्टार्टअप की नई क्रांति देखने को मिल सकती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने राज्य के सभी 24 जिलों में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस संचालित करने का भी बड़ा फैसला लिया है, ताकि विज्ञान को गांव-गांव और छात्र-छात्राओं तक पहुंचाया जा सके।

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मुख्यमंत्री ने यह निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इस दौरान राज्य में विज्ञान, तकनीक, शोध एवं नवाचार को मजबूत बनाने और उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

विज्ञान को समाज और शासन की जरूरतों से जोड़ना जरूरी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज के समय में विज्ञान और नवाचार को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे समाज और शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही दिशा, उपयुक्त मंच और संस्थागत सहयोग देने की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक और वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

छात्र शोध एवं नवाचार नीति 2026 पर चर्चा

बैठक में परिषद द्वारा तैयार झारखंड छात्र शोध एवं नवाचार नीति 2026 पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई को लेकर तैयार रोडमैप पर भी विचार-विमर्श किया गया। सरकार का मानना है कि विज्ञान और तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में आगे ले जाएंगी।

सभी 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस

मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस को राज्य के सभी 24 जिलों में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल बेहद उपयोगी साबित होगी। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के विद्यार्थियों को इससे बड़ा लाभ मिलेगा, जहां विज्ञान प्रयोगशालाओं और आधुनिक संसाधनों की पहुंच सीमित है। मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी के जरिए बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित की जा सकेगी।

कृषि क्षेत्र में भी तकनीकी नवाचार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी तकनीक और मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि खेती अधिक आधुनिक, आसान और उत्पादक बन सके। इससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।

सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, सभी के लिए बने साइंस सिटी

हेमंत सोरेन ने कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनकर न रह जाए, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे समझें और उससे प्रेरणा लें। उन्होंने इसे समाज में वैज्ञानिक चेतना बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।

सरकारी स्कूलों के बच्चों को कराया जाएगा भ्रमण

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस सेंटर और तारामंडलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी और तारामंडलों का भ्रमण कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस पहल से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और सीखने की उत्सुकता बढ़ेगी। यह कदम ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक विकास मुंडा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवास, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बारा और तकनीकी शिक्षा निदेशक सुनील कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में झारखंड सिर्फ खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान, तकनीक, रिसर्च और स्टार्टअप हब के रूप में भी अपनी नई पहचान बनाएगा।