महाराष्ट्र : TCS नासिक में ‘लव जिहाद’ सिंडिकेट का पर्दाफाश, HR मैनेजर समेत 7 अरेस्ट, मास्टरमाइंड निदा खान फरार

महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS ऑफिस में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों ने हड़कंप मचा दिया है। HR मैनेजर समेत 7 लोग गिरफ्तार, SIT जांच जारी, कई चौंकाने वाले खुलासे।

महाराष्ट्र : TCS नासिक में ‘लव जिहाद’ सिंडिकेट का पर्दाफाश, HR मैनेजर समेत 7 अरेस्ट, मास्टरमाइंड निदा खान फरार
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।

मुंबई/नासिक (Threesocieties.com Desk): महाराष्ट्र के नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) ऑफिस से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे कॉर्पोरेट जगत को हिला दिया है। यहां कथित तौर पर ‘लव जिहाद’, यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का एक संगठित नेटवर्क चलने के आरोप लगे हैं।

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पुलिस ने इस मामले में अब तक HR मैनेजर समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कथित मास्टरमाइंड निदा खान अभी भी फरार है। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफ़ी शेख, आसिफ आफ़ताब अंसारी और एचआर मैनेजर निदा खान है। निदा खान को ‘लेडी कैप्टन’ कहा जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने महिलाओं से दोस्ती की, उन्हें सहज महसूस कराया और फिर धीरे-धीरे उन्हें नमाज पढ़ने और हिजाब पहनने के लिए प्रेरित किया। 

लव जिहाद’ सिंडिकेट का आरोप

एक गवाह के मुताबिक, आरोपियों के बीच यह बातचीत होती थी। “हिंदू लड़कियों से दोस्ती करो, शादी करो और उन्हें धर्म बदलने के लिए तैयार करो।” इतना ही नहीं, आरोप है कि इस काम के लिए पैसे भी दिए जाते थे, जिससे यह मामला एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

 SIT जांच और गिरफ्तारियां

नासिक पुलिस ने अब तक 9 शिकायतों के आधार पर FIR दर्ज की है और जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। गिरफ्तार आरोपियों में छह पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मुख्य आरोपी HR मैनेजर निदा खान फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

 AGM अश्विनी चैनानी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

इस मामले में असिस्टेंट जनरल मैनेजर Ashwini Ashok Chainani को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोप है कि उन्होंने पीड़िताओं की शिकायतों को दबाया और आरोपियों को संरक्षण दिया। कंपनी के अंदर हो रहे शोषण पर कार्रवाई नहीं की।अदालत ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस उन्हें दोबारा हिरासत में ले सकती है।

आतंकी कनेक्शन और फंडिंग की जांच

पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों को किसी कट्टरपंथी संगठन या विदेशी फंडिंग से मदद मिल रही थी।क्या यह एक संगठित ‘कॉर्पोरेट नेटवर्क’ था। इसके लिए आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।

कंपनी का एक्शन

TCS प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी गिरफ्तार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। मामले मेंआंतरिक जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपी  रजा मेमन के माता-पिता ने आरोपों से इनकार किया है। उनकी मां ने कहा, “मेरा बेटा बेकसूर है। उसे फंसाया जा रहा है। वह ऐसा कुछ नहीं कर सकता।” पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

 राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

मामले के सामने आने के बाद इसे “कॉर्पोरेट जिहाद” बताया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग उठ रही है
नेताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
 आगे क्या?

SIT अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह व्यक्तिगत अपराध था या संगठित गैंग हैं। कितने लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। और कितने पीड़ित सामने आ सकते हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

क्या है पूरा मामला?

नासिक के TCS कार्यालय में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि पिछले चार वर्षों से उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया जा रहा था। पीड़िताओं का कहना है कि कंपनी के सीनियर कर्मचारी (टीम लीडर्स) पिछले चार साल से उन पर यौन शोषण एवं मतांतरण का दबाव डाल रहे थे। सीनियर कर्मचारियों ने दोस्ती और शादी का झांसा देकर संबंध बनाये। धर्म बदलने के लिए दबाव डाला गया। नमाज पढ़ने, रोजा रखने और हिजाब पहनने के लिए प्रेरित किया गया। मना करने पर मानसिक प्रताड़ना और धमकी दी गई। एक पुरुष कर्मचारी ने भी आरोप लगाया कि उसे जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसके धर्म का अपमान किया गया।

आठ महिलाओं और एक पुरुष कर्मचारी को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और मजबूर किया

पुलिस सूत्रों का कहना है कि वहां आठ महिलाओं और एक पुरुष कर्मचारी को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और मजबूर किया गया। सभी ने आरोप लगाया है कि उन्हें गोमांस खाने और आफिस में नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। उनके अपने धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया गया। यह मामला तब सामने आया, जब कुछ महिला कर्मचारियों के पहनावे में बदलाव देखा गया और उन्होंने रमजान के दौरान रोजा रखना शुरू कर दिया। तब स्वजन की शिकायत के बाद नासिक पुलिस ने इस मामले में सभी पीडि़ताओं की ओर से कुल नौ एफआइआर दर्ज कर अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में छह टीम लीडर्स हैं, जिनके नाम हैं, आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाह रुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार एवं दानिश शेख। T कंपनी की एचआर प्रबंधक अश्विनी छनानी को भी गिरफ्तार किया गया है, क्योंकि कर्मचारियों द्वारा शिकायत करने पर उसने आरोपितों पर कार्रवाई करने के बजाय पीडि़त महिलाओं को मुंह बंद रखने के लिए धमकाया।

हिंदू लड़कियों को गर्लफ्रेंड बनाओ और शादी करो
नासिक ऑफिस में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया, “वे कहते थे कि हिंदू लड़कियों को गर्लफ्रेंड बनाओ और शादी करो। वे उन्हें धर्म बदलने के लिए उकसाते थे और अपने धर्म की बातें करते थे। आरोपियों को इस काम के लिए पैसे भी दिए जाते थे। यह सब 2021 से चल रहा था। यहां तक कि एचआर मैडम को भी पैसे दिए गए थे।” पुलिस ने पिछले सप्ताह आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों पर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई थी। इन महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके सीनियर अधिकारियों ने उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। जब उन्होंने एचआर विभाग में शिकायत की, तो कोई सुनवाई नहीं हुई। ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 तक हुईं।

पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने शादी का झूठा वादा करके एक महिला कर्मचारी के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। एक अन्य महिला को उसने अनुचित तरीके से छुआ और उसकी शादीशुदा जिंदगी के बारे में शर्मनाक बातें कीं। जब शिकायतकर्ता ने कंपनी के बड़े अधिकारियों से बार-बार शिकायत की, तो उन्होंने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। उल्टा, उन्होंने आरोपियों के काम को बढ़ावा दिया। आरोपियों ने महिलाओं की शारीरिक बनावट पर भी अश्लील टिप्पणियां कीं। एक पुरुष कर्मचारी पर भी आरोप है कि उसे जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसके धर्म का अपमान किया गया।