झारखंड: जेल शिफ्टिंग के दौरान रिया सिन्हा के पास मिला मोबाइल-सिम, DSP की टीम की तलाशी में खुला बड़ा राज

रांची से चाईबासा जेल शिफ्ट की जा रही गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा के पास से पुलिस ने मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया है। DSP पूजा कुमारी के नेतृत्व में हुई तलाशी के बाद चाईबासा सदर थाना में नई FIR दर्ज की गई है। पुलिस जेल के भीतर से अपराधी नेटवर्क संचालित होने की आशंका की जांच कर रही है।

झारखंड: जेल शिफ्टिंग के दौरान रिया सिन्हा के पास मिला मोबाइल-सिम, DSP की टीम की तलाशी में खुला बड़ा राज
गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की वाइफ रिया पर कसा शिकंजा।

    HighLights:

  • चाईबासा मंडल कारा में प्रवेश के दौरान रिया सिन्हा की तलाशी में मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
  • रियलमी मोबाइल, चार सिम कार्ड, चार्जर, एयरबड्स और हस्तलिखित नोट्स जब्त
  • सदर थाना में कांड संख्या 64/26 के तहत नई FIR दर्ज
  • पुलिस को आशंका, जेल के भीतर से संचालित हो रहा था अपराधी नेटवर्क
  • रिया सिन्हा पर पहले से रंगदारी समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं
  • गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के गिरोह की गतिविधियों की जांच तेज

रांची(Threesocieties.com Desk): झारखंड पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी और कई गंभीर मामलों में विचाराधीन बंदी रिया सिन्हा के पास से चाईबासा मंडल कारा में प्रवेश के दौरान मोबाइल फोन, सिम कार्ड समेत कई प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने चाईबासा सदर थाना में एक और प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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जानकारी के अनुसार रिया सिन्हा को रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से सुरक्षा व्यवस्था के बीच चाईबासा मंडल कारा स्थानांतरित किया जा रहा था। जेल परिसर में प्रवेश के बाद निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उसकी गहन तलाशी ली गई। इसी दौरान महिला पुलिस टीम को उसके पास से छिपाकर रखे गए कई प्रतिबंधित सामान मिले।

DSP पूजा कुमारी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई डीएसपी (मुख्यालय) पूजा कुमारी के नेतृत्व में गठित महिला पुलिस टीम ने अंजाम दी। तलाशी जेल के बाहरी गेट के अंदर स्थित एक विशेष कक्ष में की गई, जहां रिया सिन्हा के कपड़ों और उसके पास मौजूद सामानों की बारीकी से जांच की गई। तलाशी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने रिया सिन्हा की पैंट की जेब और हाथ में पकड़े ब्लेजर से कई आपत्तिजनक और प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद कीं।

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस द्वारा बरामद सामान में शामिल हैं—

रियलमी कंपनी का एक पुराना मोबाइल फोन (मॉडल नंबर RMX-3710)
तीन जियो और एक एयरटेल सहित चार क्षतिग्रस्त सिम कार्ड
वीवो कंपनी का मोबाइल चार्जर और चार्जिंग केबल
बोट कंपनी का एयरबड्स और उसका चार्जिंग बॉक्स
हस्तलिखित नोट्स से भरी एक कॉपी

पुलिस ने जब इन सामानों के बारे में रिया सिन्हा से पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।

जेल से अपराध संचालन की आशंका

पुलिस और जेल प्रशासन को आशंका है कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल जेल के भीतर से आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने में किया जा रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद मोबाइल और सिम कार्ड का उपयोग किन लोगों से संपर्क करने या किस प्रकार की गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। बरामद मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कराई जाएगी ताकि किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

रिया सिन्हा पर पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रिया सिन्हा के खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में रंगदारी, आपराधिक षड्यंत्र और संगठित अपराध से जुड़े करीब 14 मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल कई मामलों में विचाराधीन बंदी के रूप में जेल में बंद है।वहीं उसके पति सुजीत सिन्हा को झारखंड के संगठित अपराध जगत का एक बड़ा नाम माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह लंबे समय से एक आपराधिक गिरोह का संचालन करता रहा है और उसके नेटवर्क के तार राज्य के कई जिलों तक फैले हुए हैं।

रंगदारी और हत्या की साजिश रचने का आरोप

एफआईआर में पुलिस ने आरोप लगाया है कि रिया सिन्हा अपने पति और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर जेल के भीतर से रंगदारी वसूली, हत्या की साजिश, लूट और अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। पुलिस का दावा है कि गिरोह मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का इस्तेमाल कर जेल के अंदर से ही अपराधी नेटवर्क को संचालित करता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

सदर थाना में दर्ज हुआ नया मामला

इस पूरे मामले में चाईबासा सदर थाना में कांड संख्या 64/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि प्रतिबंधित सामान जेल परिसर तक कैसे पहुंचा और इसमें किसी अंदरूनी मदद की भूमिका तो नहीं थी।इस बरामदगी के बाद झारखंड पुलिस ने रिया सिन्हा और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।