झारखंड में दिखेगा कोल माइंस और इको टूरिज्म का नया रंग, अंडरग्राउंड कोल माइंस में शुरू होगा पर्यटन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में अंडरग्राउंड कोल माइंस टूरिज्म, इको टूरिज्म, नेतरहाट ग्लास ब्रिज, पतरातू रोपवे, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और खिलाड़ियों के कल्याण को लेकर बड़े निर्देश दिए। पर्यटन और खेल क्षेत्र में राज्य सरकार की नई कार्ययोजना पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
HighLights:
- झारखंड की अंडरग्राउंड कोल माइंस को पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी
- नेतरहाट में ग्लास ब्रिज/ग्लास वॉच टावर बनाने का निर्देश
- पतरातू समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर रोपवे विकसित करने की योजना
- सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग और रांची में इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा
- झारखंड की नई पर्यटन नीति तैयार करने का निर्देश
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड सरकार राज्य के पर्यटन और खेल क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरदर्शी फैसले लिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की अंडरग्राउंड कोयला खदानों को पर्यटन स्थल (कोल माइंस टूरिज्म) के रूप में विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके साथ ही नेतरहाट में ग्लास ब्रिज, पतरातू में रोपवे, इको टूरिज्म सर्किट, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और खिलाड़ियों के कल्याण को लेकर भी कई अहम निर्देश दिए।
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कोयला खदानों में शुरू होगा टूरिज्म, देश में बनेगा नया मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। राज्य की अंडरग्राउंड कोल माइंस को पर्यटन के साथ जोड़कर एक नया मॉडल तैयार किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जिलों में भूमिगत कोयला खदानें हैं, उन्हें चिन्हित कर वहां पर्यटन विकसित करने की व्यवहारिक योजना बनाई जाए।यदि यह योजना जमीन पर उतरती है तो पर्यटक पहली बार झारखंड की ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण कोयला खदानों को करीब से देख सकेंगे। इससे राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इको टूरिज्म बनेगा झारखंड की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर राज्य है। यहां जंगल, पहाड़, झरने, वन्यजीव और धार्मिक स्थल पर्यटन की अपार संभावनाएं रखते हैं। उन्होंने अधिकारियों को सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग और रांची सहित अन्य जिलों में इको टूरिज्म की संभावनाओं का सर्वे कर शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का योजनाबद्ध विकास किया जाए ताकि झारखंड को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सके।
नेतरहाट में बनेगा ग्लास ब्रिज, लोध फॉल और कोयल व्यू पॉइंट का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने लातेहार जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को यहां ग्लास ब्रिज या ग्लास वॉच टावर, कोयल व्यू पॉइंट पर कॉटेज, ट्रैकिंग सुविधा, स्विमिंग पूल और अन्य आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा लोध फॉल में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
पतरातू घाटी में रोपवे, पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पतरातू घाटी देश के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां बनने वाले व्यू पॉइंट के कार्य में तेजी लाई जाए और पतरातू सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर रोपवे स्थापित करने की योजना तैयार की जाए। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नई पर्यटन नीति भी बनेगी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को झारखंड की नई पर्यटन नीति तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीति बनाई जाए जिससे निजी निवेश बढ़े, स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य के पर्यटन स्थलों का समग्र विकास हो।
खिलाड़ियों पर विशेष फोकस, सीएम बोले—मेडल विजेता सब्जी बेचते नहीं दिखने चाहिए
खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री का रुख बेहद सख्त दिखाई दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भविष्य में ऐसी कोई खबर नहीं आनी चाहिए कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाला खिलाड़ी आर्थिक तंगी के कारण सब्जी बेचने या अन्य छोटे-मोटे कार्य करने को मजबूर हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे खिलाड़ियों का विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाए तथा आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन और सहायता योजना बनाई जाए।
खेलगांव और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने रांची स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (खेलगांव) की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए उसके रखरखाव, वित्तीय प्रबंधन और खिलाड़ियों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की दिशा में भी योजना तैयार करने को कहा गया। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों तथा विशेषज्ञों को झारखंड बुलाने और राज्य के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों में एक्सपोजर विजिट कराने का भी निर्देश दिया।
12 हजार कलाकारों का होगा सत्यापन
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक राज्य के करीब 12 हजार कलाकारों का पंजीकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों के डेटाबेस का सत्यापन कराने और कला, साहित्य तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के समग्र विकास के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
रोजगार, पर्यटन और खेल—तीनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव संभव
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस समीक्षा बैठक को राज्य के लिए एक व्यापक विकास रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है। यदि अंडरग्राउंड कोल माइंस टूरिज्म, इको टूरिज्म, नेतरहाट ग्लास ब्रिज, पतरातू रोपवे, नई पर्यटन नीति, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और खिलाड़ियों के लिए प्रस्तावित योजनाएं समय पर धरातल पर उतरती हैं, तो झारखंड न केवल पर्यटन बल्कि खेल और सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विभागीय सचिव मुकेश कुमार. निदेशक पर्यटन नमन प्रियेश लकड़ा, निदेशक खेल छवि रंजन, सहित अन्य उपस्थित थे।






