रामगढ़ में पुलिस-प्रिंस खान गैंग में एनकाउंटर, शूटर शिवराज के पैर में लगी गोली; पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद
रामगढ़ के भुरकुंडा में पुलिस और प्रिंस खान गैंग के शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में शिवराज घायल हो गया। अभियान में 4 पिस्टल, 80 जिंदा कारतूस बरामद हुए और एक अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किया गया।
HighLights:
रामगढ़ के भुरकुंडा में पुलिस और प्रिंस खान गैंग के शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा के बीच मुठभेड़
पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में शिवराज के दाहिने पैर में लगी गोली
मौके से दो पिस्टल, 59 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल बरामद
शिवराज की निशानदेही पर एक और आरोपी गिरफ्तार, उसके पास से दो पिस्टल और 21 कारतूस मिले
रांची की ज्वैलरी दुकान में बड़ी वारदात की तैयारी की सूचना के बाद चला संयुक्त ऑपरेशन
रामगढ़ (Threesocieties.com Desk): झारखंड में सोमवार की सुबह पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़ जिले के भुरकुंडा ओपी क्षेत्र में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह के शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पर फायरिंग करने के बाद जवाबी कार्रवाई में शिवराज के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को पहले भुरकुंडा सीसीएल अस्पताल और फिर रामगढ़ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया।
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सुबह 5 बजे चला संयुक्त ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, रांची, धनबाद और रामगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम को खुफिया सूचना मिली थी कि शिवराज राम किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में है। इसी सूचना के आधार पर रविवार रात उसे सयाल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में शिवराज ने पुलिस को बताया कि उसने भुरकुंडा स्थित बंद केंद्रीय विद्यालय के जर्जर भवन में हथियार छिपाकर रखे हैं। इसके बाद पुलिस उसे हथियार बरामद कराने के लिए मौके पर लेकर पहुंची।
हथियार निकालते ही पुलिस पर कर दी फायरिंग
जैसे ही शिवराज छिपाए गए हथियार निकालने पहुंचा, उसने अचानक पिस्टल उठाकर पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें शिवराज के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
80 जिंदा कारतूस और 4 पिस्टल बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने शिवराज की निशानदेही पर दो पिस्टल, 59 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में उसने यह भी खुलासा किया कि उसके साथी के पास भी हथियार रखे गए हैं। इसके बाद पुलिस ने कुजू ओपी क्षेत्र के हुआग गांव में छापेमारी कर आरिज आलम (कुछ प्रारंभिक रिपोर्टों में अनीज अंसारी का भी उल्लेख) को गिरफ्तार किया। उसके पास से दो पिस्टल और 21 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इस तरह पूरे अभियान में पुलिस ने कुल 4 पिस्टल और 80 जिंदा कारतूस जब्त किए।
रांची में ज्वैलरी दुकान को बनाना था निशाना
पुलिस के अनुसार, धनबाद और रांची पुलिस को सूचना मिली थी कि शिवराज राम रांची की एक ज्वैलरी दुकान में बड़ी वारदात की तैयारी कर रहा है। इसी इनपुट के आधार पर संयुक्त अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया गया और संभावित बड़ी घटना को टाल दिया गया।
हाल ही में जेल से छूटा था शिवराज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिवराज राम 14 मई को जेल से बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद उसकी गतिविधियां लगातार संदिग्ध बनी हुई थीं और वह पुलिस की निगरानी में था।
कई संगीन मामलों में दर्ज हैं केस
शिवराज राम के खिलाफ रामगढ़ और हजारीबाग के विभिन्न थानों में फायरिंग, रंगदारी, आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। वह उरीमारी में विस्थापित नेता दसई मांझी पर गोली चलाने की घटना में भी आरोपी रहा है। पुलिस का कहना है कि शिवराज पहले श्रीवास्तव गिरोह और राहुल दुबे गिरोह के लिए काम करता था। बाद में वह सुजीत सिन्हा के संपर्क में आया और फिर गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह का सक्रिय सदस्य बन गया।
एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना के बाद रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि रांची और धनबाद पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया। हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
एसपी ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।






