धनबाद में अवैध कोयला खनन पर अमित शाह का बड़ा एक्शन, 'जीरो कोल लीकेज प्लान' लागू

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध कोयला खनन और चोरी पर उच्चस्तरीय बैठक कर धनबाद में 'जीरो कोल लीकेज प्लान' लागू करने के निर्देश दिए। CISF की क्विक रिस्पॉन्स टीम, हाईटेक निगरानी, ई-वे बिल जांच और MMDR एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई से कोयला माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी।

धनबाद में अवैध कोयला खनन पर अमित शाह का बड़ा एक्शन, 'जीरो कोल लीकेज प्लान' लागू
धनबाद में अब कोयला चोरी पर चलेगा हाईटेक ऑपरेशन, गृह मंत्री ने बनाई नई रणनीति>

     HighLights:

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध कोयला खनन और चोरी पर की उच्चस्तरीय समीक्षा
  • संवेदनशील इलाकों में CISF की क्विक रिस्पॉन्स टीम होगी तैनात
  • सभी कोयला परिवहन के ई-वे बिल की होगी अनिवार्य जांच,
  • हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों और इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी
  • MMDR एक्ट के तहत CISF और CIL अधिकारियों को तलाशी, जब्ती और मुकदमा दर्ज करने की शक्ति
  • बीसीसीएल के कई क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयला चोरी पर केंद्र सरकार की विशेष नजर
  • धनबाद सांसद ढुलू महतो ने पीएम व मंत्री को लिखा था पत्र

नई दिल्ली(Threesocieties.com Desk): देश की कोयला राजधानी धनबाद में लगातार बढ़ रहे अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी के मामलों को लेकर केंद्र सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अवैध खनन और कोयला चोरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए 'जीरो कोल लीकेज प्लान' को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें: Dhanbad Club Election 2026: बसंत हेलीवाल की सचिव पद पर प्रचंड जीत, डॉ. ओपी अग्रवाल बने वरीय उपाध्यक्ष

सांसद ढुलू महतो ने लिखा था पत्र

बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव, कोयला मंत्रालय, सीआईएसएफ, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान विशेष रूप से धनबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती अवैध खनन गतिविधियों और कोयला चोरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। उल्लेखनीय है कि धनबाद सांसद ढुलू महतो ने कोयला चोरी व अवैध खनन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी को पत्र लिखा था। सासंद ने राष्ट्रीय संपत्ति की की चोरी की रोकथाम के लिए ठोस पहल करने का अनुरोध किया था। सांसद के पत्र का असर दिखने लगा है। 

धनबाद में कोयला माफियाओं पर केंद्र की सीधी नजर

गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन केवल राजस्व का नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि यह कानून-व्यवस्था, श्रमिक सुरक्षा और राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण से भी जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध कोयला खनन और चोरी के खिलाफ व्यापक, समयबद्ध और तकनीक आधारित अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा और वैध कोयला उत्पादन की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।

CISF को मिले व्यापक अधिकार

बैठक में जानकारी दी गई कि खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत सीआईएसएफ और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकृत अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए जा चुके हैं। इन अधिकारों के तहत अधिकारी—

संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर सकेंगे।
अवैध कोयला, मशीनरी और वाहनों को जब्त कर सकेंगे
न्यायालय में सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे
तलाशी एवं जब्ती की कानूनी कार्रवाई कर सकेंगे

गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि इन अधिकारों का उपयोग निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत पूरी सख्ती और बेहतर समन्वय के साथ किया जाए।

धनबाद में लागू होगा 'जीरो कोल लीकेज प्लान'

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला 'जीरो कोल लीकेज प्लान' को प्रभावी रूप से लागू करने का लिया गया। इस योजना के तहत—

संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी होगी
अवैध खदानों को चिन्हित कर बंद किया जाएगा
संयुक्त छापेमारी अभियान चलेंगे
कोयले के परिवहन की डिजिटल ट्रैकिंग होगी
अवैध परिवहन को पूरी तरह रोकने का प्रयास किया जाएगा

CISF की क्विक रिस्पॉन्स टीम होगी तैनात

गृह मंत्री ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि कोयला क्षेत्रों को सीआईएसएफ की प्राथमिक तैनाती सूची में शामिल किया जाए। इसके तहत—

संवेदनशील क्षेत्रों में Quick Response Teams (QRT) तैनात होंगी।
सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई होगी।
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

हर ई-वे बिल की होगी जांच

अवैध कोयले के परिवहन पर रोक लगाने के लिए अमित शाह ने जीएसटी विभाग को भी अभियान में शामिल करने का निर्देश दिया। अब—

सभी कोयला परिवहन के ई-वे बिल की जांच होगी।
केवल वैध रूप से निकाले गए कोयले की ही आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बिना दस्तावेज वाले परिवहन पर तत्काल कार्रवाई होगी।

हाईटेक निगरानी से पकड़े जाएंगे अवैध खननकर्ता

गृह मंत्री ने टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि—

हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएं।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का प्रभावी उपयोग हो।
संदिग्ध गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाए।
तकनीक के जरिए अवैध खनन में शामिल लोगों की पहचान की जाए।

कोयला मंत्रालय ने क्या बताया

कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अक्टूबर 2025 में हुई पिछली समीक्षा के बाद कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके तहत— कोयला क्षेत्र समन्वय समिति का गठन किया गया। संयुक्त कार्रवाई तेज की गई। अवैध खनन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई गई। सीआईएसएफ और कोल इंडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया।

बीसीसीएल के ये क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील

धनबाद में बीसीसीएल के कई क्षेत्र अवैध खनन और कोयला चोरी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। इनमें प्रमुख हैं—

बरोरा
ब्लॉक-2
कतरास
सिजुआ
लोदना
बस्ताकोला
कुसुंडा
ईजे एरिया
गोविंदपुर
निरसा

इन इलाकों की बंद एवं परित्यक्त खदानों, आउटसोर्सिंग परियोजनाओं और स्टॉक यार्डों के आसपास समय-समय पर अवैध खनन और चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं।

बीसीसीएल सुरक्षा में तैनात हैं 3174 CISF जवान

वर्तमान में बीसीसीएल की सुरक्षा में कुल 3174 सीआईएसएफ अधिकारी एवं जवान तैनात हैं। कंपनी इनकी सुरक्षा व्यवस्था पर प्रतिवर्ष लगभग— 250-300 करोड़ रुपये वेतन एवं भत्तों पर व  50-60 करोड़ रुपये संसाधनों पर खर्च करती है।

क्या है जीरो कोल लीकेज प्लान?

यह ऐसी रणनीति है जिसका उद्देश्य खदान से उपभोक्ता तक कोयले की पूरी सप्लाई चेन की निगरानी करना है, ताकि कहीं भी कोयले की चोरी, अवैध परिवहन या अवैध खनन की गुंजाइश न रहे।

क्या है MMDR Act?

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 देश में खनिजों के खनन, भंडारण, परिवहन और व्यापार को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है। इस कानून के तहत अवैध खनन, बिना अनुमति परिवहन अथवा अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ— जुर्माना,
वाहन जब्ती, उपकरण जब्ती, कानूनी मुकदमा व न्यायालयीन कार्रवाई की जा सकती है।