बिहार: 7 जन्मों का वादा, 2 साल में खूनी अंजाम: प्रेमिका बनी पत्नी के सिर में पति ने दागीं 3 गोलियां
कमतौल थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह के दो साल बाद पत्नी साक्षी कुमारी की गोली मारकर हत्या करने वाले पति सुमन भारद्वाज उर्फ शिशिर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की है। मृतका के पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है।
दरभंगा (Threesocieties.com Desk): भगवान को साक्षी मानकर सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाने वाले एक पति ने महज दो साल के भीतर अपनी प्रेमिका से बनी पत्नी की जिंदगी ही छीन ली। कमतौल थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर पश्चिमी गांव में हुई इस सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने पत्नी साक्षी कुमारी (24) की गोली मारकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी पति सुमन भारद्वाज उर्फ शिशिर को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से एक पिस्टल बरामद की गई है। हालांकि पिस्टल में लगा मैगजीन खाली मिला और उसमें कोई कारतूस नहीं था। घटना स्थल से पुलिस ने पांच खोखे बरामद किए थे। वहीं पोस्टमार्टम के दौरान साक्षी के सिर से तीन गोलियां निकाली गईं, जबकि चौथी गोली आर-पार हो गई थी।
पूछताछ में कबूला जुर्म
सदर टू के एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि इस मामले में कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब मुख्य आरोपी शिशिर को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस पूछताछ में शिशिर ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि आपसी विवाद के कारण उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
किशोरावस्था से अपराध की दुनिया में था सक्रिय
जांच में सामने आया है कि शिशिर किशोरावस्था से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। पुलिस उसे तीन बार गिरफ्तार कर पर्यवेक्षण गृह भेज चुकी थी। कम उम्र होने के कारण उसे कानूनी राहत मिलती रही, लेकिन अपराध की दुनिया से उसका नाता नहीं टूटा।उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। हथियार रखने और अपराधी प्रवृत्ति की वजह से वह लगातार पुलिस की निगरानी में रहा है।
चचेरी बहन से हुआ था प्रेम, फिर हुई शादी
जानकारी के अनुसार शिशिर का अपनी रिश्ते की चचेरी बहन साक्षी कुमारी से प्रेम संबंध था। दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद परिवार को उम्मीद थी कि शिशिर का जीवन पटरी पर लौट आएगा। उसने कदम चौक पर एक दुकान भी शुरू की थी, लेकिन शादी के महज दो साल बाद यह रिश्ता खौफनाक अंत तक पहुंच गया। 11 जून को हुई साक्षी की हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया।
दहेज हत्या का भी आरोप
मृतका के पिता और पेशे से इंजीनियर नीलेश भारद्वाज ने अपने दामाद शिशिर के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या 20 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर की गई। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बेटी पढ़ाई के लिए फरीदाबाद से दरभंगा नहीं आई होती तो वह शिशिर के संपर्क में नहीं आती और शायद आज जीवित होती।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
एक समय प्रेम कहानी के रूप में चर्चित यह रिश्ता अब हत्या और अपराध की कहानी बन गया है। जिस साक्षी को जीवनभर साथ निभाने का वादा किया गया था, उसी की हत्या ने समाज को कई सवालों के सामने खड़ा कर दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।






