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  • अभिषेक सिंह के एलान से जिले के सियासत में बढ़ी हलचल
  • मार्च 2026 से पहले नगर निगम चुनाव के आसार
  • महागठबंधन के संभावित चेहरे के रूप में उभरीं पूर्णिमा नीरज सिंह

धनबाद। धनबाद नगर निगम (DMC) मेयर चुनाव को लेकर कोयलांचल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के मेयर पद का चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। यह ऐलान उनके देवर और जनता मजदूर संघ (बच्चा गुट) के महामंत्री अभिषेक सिंह उर्फ गुड्डू सिंह ने किया।

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झरिया से धनबाद तक सियासी संदेश

जीतपुर सिरमुहान धौड़ा में रविवार को आयोजित लिट्टी पार्टी कार्यक्रम के दौरान अभिषेक सिंह ने कहा कि झरिया क्षेत्र के लोगों का लगातार विस्थापन किया जा रहा है, लेकिन मौजूदा विधायक रागिनी सिंह इस समस्या को रोकने और प्रभावितों को सम्मानजनक पुनर्वास दिलाने में पूरी तरह विफल रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले किए गए वादों के उलट, झरियावासियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है और जनता का भरोसा लगातार टूट रहा है।

“पूर्णिमा के कार्यकाल में विकास की रफ्तार तेज थी”

अभिषेक सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के कार्यकाल में झरिया में सड़कों, बुनियादी सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर ठोस काम हुआ था। लेकिन बीते एक वर्ष में विकास की गति ठहर गई है। उन्होंने साफ कहा कि “धनबाद नगर निगम के मेयर पद का चुनाव लड़कर पूर्णिमा नीरज सिंह शहरवासियों के सुख-दुख में सहभागी बनेंगी और नगर की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करेंगी।”

महागठबंधन की संभावित उम्मीदवार?

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पूर्णिमा नीरज सिंह महागठबंधन की ओर से मेयर पद का चेहरा बनने की कोशिश में हैं। उन्होंने झारखंड प्रदेश कांग्रेस और केंद्रीय नेतृत्व से भी संवाद शुरू कर दिया है। हालांकि, नगर निगम चुनाव पार्टी लाइन पर नहीं होगा, लेकिन सभी दल इसे रणनीतिक चुनाव मानकर तैयारी में जुटे हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत

2010 में नीरज सिंह धनबाद के डिप्टी मेयर चुने गये

2017 में नीरज सिंह की हत्या के बाद पूर्णिमा राजनीति में सक्रिय

2019 में कांग्रेस से झरिया विधायक चुनी गयी

2024 में भाजपा की रागिनी सिंह से चुनाव हार गयी

देवर एकलव्य सिंह 2015 में डिप्टी मेयर रह चुके हैं

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मेयर पद जीतकर पूर्णिमा नीरज सिंह धनबाद की राजनीति में फिर से मजबूत वापसी कर सकती हैं।

मार्च 2026 से पहले हो सकते हैं चुनाव

राज्य सरकार की तैयारियों को देखते हुए धनबाद नगर निगम चुनाव मार्च 2026 से पहले कराए जाने की संभावना है। ऐसे में पूर्णिमा नीरज सिंह की सक्रियता को महज बयानबाजी नहीं, बल्कि संगठित राजनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि
 क्या महागठबंधन पूर्णिमा नीरज सिंह के नाम पर मुहर लगाएगा?
और क्या धनबाद को मिलेगा नया राजनीतिक समीकरण?