धनबाद। उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर का रहने वाला गैंगस्टर अमन सिंह ने पहले ही तय कर लिया था कि उसे गैंगस्टर बनना है। पूर्वांचल के कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी से मुलाकात के बाद अमन सिंह शार्प शूटर बन गया। इसके बााद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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अमन को अपने गांव की एक मामूली लड़ाई में पहली बार वर्ष 2010 में जेल जाना पड़ा था। इसके बाद फैजाबाद जेल भेजा गया था। जेल में उसकी मुलाकात यूपी के कुख्यात मुन्ना बजरंगी से हुई थी। अमन सिंह ने उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी के कहने पर वर्ष 2015 में आजमगढ़ के अतरोलिया में डा. सरोज को गोली मारी थी।
रंगदारी के अलावा कोयले से कर रहा था कमाई
डाक्टर की मर्डर केस में अमन अरेस्ट हुआ था। वह दो साल तक आजमगढ़ की जेल में बंद रहा। जेल से बाहर निकला तो उसने जुर्म की दुनिया से अपना रिश्ता और मजबूत कर लिया। धनबाद के एक्स डिप्टी मेयर नीरज सिंह की मर्डर के बाद वह धनबाद के अपराध जगत में भी बड़ा नाम बन गया। पुलिस ने वर्ष 2022 के मई माह में अमन सिंह के भाई अजय सिंह को अरेस्ट किया था।
अजय ने पुलिस को दिये गये बयान में कहा था कि बिहार और यूपी जाने वाले कोयले में उसकी धनबाद के कोयला तस्करों के साथ 30 परसेंट की पार्टनरशीप थी। इस पैसों से उसने कई जगहों पर चल और अचल-संपत्ति बनाई। उसने नेपाल समेत कई जगहों पर फ्लैट और जमीन खरीद रखी है। नेपाल के अलावा अमन ने बिहार, यूपी, बंगाल में भी कई अचल संपत्तियां अर्जित कीं। अजय सिंह ने पुलिस को बताया था कि अमन सिंह धनबाद में रंगदारी से भी लगभग 30 लाख रुपये हर महीने कमाई करता था।