धनबाद DC का बड़ा एक्शन: गोविंदपुर अंचल कार्यालय में गड़बड़ी पर वेतन रोकने का आदेश
धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने गोविंदपुर अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर दाखिल-खारिज, भूमि मापी, प्रमाण पत्र और सरकारी भूमि अतिक्रमण मामलों की समीक्षा की। लापरवाही मिलने पर कर्मियों का वेतन रोकने और लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए।
- "अतिक्रमण हटाने से लेकर लंबित मामलों तक
- DC ने अधिकारियों को दिया स्पष्ट संदेश—जनता का काम रुकेगा नहीं"
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने रविवार को गोविंदपुर अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने दाखिल-खारिज, भूमि मापी, प्रमाण पत्र निर्गत करने, सरकारी भूमि संरक्षण तथा कार्यालयी अभिलेखों के संधारण में गंभीर खामियां मिलने पर अधिकारियों और कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी।
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निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सबसे पहले जिला स्तर से भेजे जाने वाले महत्वपूर्ण पत्रों तथा अंचल कार्यालय में रखी जाने वाली विभिन्न पंजियों के संधारण की जांच की। इस दौरान कई अभिलेखों में त्रुटियां और संधारण में लापरवाही सामने आने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कर्मियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक सभी पंजियों का शत-प्रतिशत सही संधारण नहीं हो जाता, तब तक संबंधित कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।
उपायुक्त ने सरकारी जमीनों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जे को गंभीर विषय बताते हुए विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि सभी सरकारी जमीनों की पहचान कर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा बिना अनुमति लगाए गए मोबाइल टावरों की पहचान कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया।
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास (अर्बन), खेल मैदान निर्माण तथा अन्य विकास योजनाओं के लिए शीघ्र भूमि आवंटन सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं में भूमि संबंधी बाधाएं जल्द दूर की जानी चाहिए।
राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने दाखिल-खारिज के लंबित मामलों, अस्वीकृत प्रकरणों तथा भूमि मापी के मामलों पर विशेष फोकस किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही झारसेवा पोर्टल के माध्यम से जारी होने वाले जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्रों के लंबित मामलों को शून्य पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
RCMS (राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली) के तहत चल रहे सभी कोर्ट मामलों की ऑनलाइन एंट्री समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से आम लोगों को परेशानी होती है और इस स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक के अंत में उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनोन्मुखी प्रशासन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, ओएसडी राजीव रंजन, अंचल अधिकारी धर्मेंद्र दुबे, बीडीओ जाहिर आलम, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी संजय झा, सीआई नेहा समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।






