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धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद-एलटीटी एक्सप्रेस के उद्घाटन समारोह को लेकर नया विवाद सामने आया है। सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता कृष्णा अग्रवाल ने समारोह में जनप्रतिनिधियों को दिए गए निमंत्रण और बाद में उसे रद्द किए जाने के मामले में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन दाखिल किया है। उन्होंने भारतीय रेलवे, धनबाद मंडल के लोक सूचना पदाधिकारी (PIO) से कई अहम बिंदुओं पर जवाब मांगा है।

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बताया जा रहा है कि 6 अप्रैल 2026 को आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में मेयर संजीव सिंह और झारिया विधायक रागिनी सिंह को लेकर निमंत्रण सूची में बदलाव किया गया, जिससे विवाद गहरा गया है।

RTI में मांगी गई ये अहम जानकारियां

कृष्णा अग्रवाल द्वारा दायर आवेदन में निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है:

03.04.2026 और 06.04.2026 के पत्रांक (सी.702/एमपी-एमएलए/कार्यक्रम/26) से संबंधित प्रमाणित प्रतियां
आमंत्रित जनप्रतिनिधियों की सूची किस प्राधिकरण और किस तारीख को स्वीकृत हुई
क्या किसी दबाव या निर्देश के कारण निमंत्रण सूची में बदलाव किया गया? संबंधित फाइल नोटिंग
बैनर और पोस्टर में बदलाव का आदेश किस अधिकारी ने दिया
यदि केवल सांसद और विधायक को बुलाना था, तो झारिया विधायक रागिनी सिंह का नाम क्यों हटाया गया
कार्यक्रम से जुड़ी आधिकारिक प्रोटोकॉल/गाइडलाइन की प्रति
निमंत्रण विवाद ने पकड़ा तूल

सूत्रों के अनुसार, पहले जारी निमंत्रण में मेयर और विधायक दोनों का नाम शामिल था, लेकिन कार्यक्रम के करीब आते-आते इसमें बदलाव कर दिया गया। खासकर विधायक रागिनी सिंह का नाम हटाए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस पूरे मामले में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज प्रशासनिक निर्णय था या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव काम कर रहा था।

रेलवे पर पारदर्शिता का दबाव

RTI दाखिल होने के बाद अब भारतीय रेलवे के धनबाद मंडल पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है। यदि आवेदन में मांगी गई जानकारी सार्वजनिक होती है, तो इससे पूरे विवाद की सच्चाई सामने आ सकती है।

क्या है आगे की स्थिति?

अब सबकी नजर इस बात पर है कि लोक सूचना पदाधिकारी तय समय सीमा में क्या जवाब देते हैं और क्या इस विवाद से जुड़े नए तथ्य सामने आते हैं।