झारखंड वेतन घोटाला: ज्वाइनिंग से पहले मिली सैलरी, पुलिस-डॉक्टर से कोर्ट मैनेजर तक ने लिया ज्यादा HRA
झारखंड में बड़ा वेतन घोटाला सामने आया है। 94 सरकारी कर्मचारियों को ज्वाइनिंग से पहले ही वेतन दिया गया, जबकि 2301 कर्मचारियों ने तय सीमा से 75% से 133% तक अधिक HRA लिया। पुलिस, डॉक्टर, कोर्ट मैनेजर और अन्य विभागों के कर्मचारी जांच के दायरे में हैं।
- 94 कर्मचारियों को नौकरी जॉइन करने से पहले ही 3.53 करोड़ का भुगतान
- 2301 मामलों में HRA घोटाला उजागर
रांची( Threesocieties.com Desk): झारखंड में सरकारी वेतन भुगतान को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि राज्य के 94 कर्मचारियों को नौकरी में योगदान (ज्वाइनिंग) करने की तारीख से पहले ही वेतन दे दिया गया। इतना ही नहीं, पुलिस अधिकारी, सिपाही, डॉक्टर, कोर्ट मैनेजर और अन्य सरकारी कर्मचारियों द्वारा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक आवास किराया भत्ता (HRA) लेने का मामला भी पकड़ में आया है।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार, 599 ट्रांजेक्शन के जरिए इन 94 कर्मचारियों को कुल 3.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इन कर्मचारियों के पे-बिल पर 69 निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) ने हस्ताक्षर किए थे।
14 कर्मचारियों को अकेले 1.38 करोड़ का भुगतान
जांच में यह भी सामने आया कि 94 कर्मचारियों में से 14 कर्मचारियों को ही 1.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इनके लिए 14 अलग-अलग DDO ने पे-बिल पर हस्ताक्षर किए और 240 ट्रांजेक्शन के माध्यम से भुगतान किया गया। इन कर्मचारियों के वेतन भुगतान में DEO कोडरमा, रांची सहित कई जिलों के शिक्षा पदाधिकारी, हेडमास्टर और सिविल सर्जन तक शामिल पाए गए हैं।
ज्वाइनिंग से पहले वेतन पाने के चौंकाने वाले उदाहरण
1. कृष्णदेव रविदास
30 जुलाई 2024 को PHS मीरगंज में योगदान दिया, लेकिन अप्रैल 2024 से जून 2024 तक का वेतन भी मिला। कुल भुगतान: 2.28 लाख रुपये
2. कुमार सत्यम
26 सितंबर 2025 को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में योगदान दिया, लेकिन जून 2024 से सितंबर 2024 तक का वेतन मिला। कुल भुगतान: 3.22 लाख रुपये
3. सुशमा सोरेन
19 जून 2024 को हिरनपुर स्कूल में योगदान किया, लेकिन मार्च 2024 से अप्रैल 2025 तक वेतन मिला। कुल भुगतान: 1.44 लाख रुपये
4. कुमारी वर्षा
27 जुलाई 2024 को मुर्गू स्कूल में योगदान किया, लेकिन अगस्त 2023 से फरवरी 2024 तक का वेतन मिला। कुल भुगतान: 4.17 लाख रुपये
5. रमण छाबड़ा
30 जुलाई 2024 को स्कूल में योगदान किया, लेकिन अप्रैल 2024 से जनवरी 2024 तक वेतन मिला। कुल भुगतान: 2.13 लाख रुपये
HRA घोटाला भी आया सामने
वेतन घोटाले की जांच के दौरान सरकारी कर्मचारियों द्वारा तय सीमा से अधिक आवास किराया भत्ता (HRA) लेने के 2301 मामले भी सामने आए हैं।
राज्य सरकार ने वर्ष 2024 में Y श्रेणी के शहरों के लिए HRA की सीमा 20% और Z श्रेणी के लिए 10% निर्धारित की थी। लेकिन कई कर्मचारियों ने 75% से 133% तक अधिक HRA लिया।
पुलिस, डॉक्टर और कोर्ट मैनेजर भी जांच के घेरे में
अधिक HRA लेने वालों में पुलिस अधिकारी, SI, ASI, सिपाही, डॉक्टर, कोर्ट मैनेजर और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
कुछ प्रमुख उदाहरण
नागेश्वर रविदास (SI)
20% की जगह 100% की दर से HRA लिया
अधिक भुगतान: 46,880 रुपये
मनीषा दत्ता (कोर्ट मैनेजर)
20% की जगह 88.57% की दर से HRA लिया
अधिक भुगतान: 12,945 रुपये
ज्योति कुमारी (डॉक्टर)
10% की जगह 90% की दर से HRA लिया
अधिक भुगतान: 17,512 रुपये
भवानी शंकर मांडी (ASI)
10% की जगह 133.33% की दर से HRA लिया
अधिक भुगतान: 39,590 रुपये
सुकलाल सरदार (हवलदार)
10% की जगह 118.83% की दर से HRA लिया
अधिक भुगतान: 28,297 रुपये
बड़ा सवाल: सिस्टम की गलती या संगठित घोटाला?
इतनी बड़ी संख्या में ज्वाइनिंग से पहले वेतन भुगतान और HRA में अनियमितता ने सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही है या फिर सुनियोजित तरीके से सरकारी खजाने की लूट? अब जांच एजेंसियां DDO, संबंधित विभागीय अधिकारियों और लाभ लेने वाले कर्मचारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। झारखंड के इस वेतन घोटाले ने राज्य की वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता के टैक्स के पैसों की इस तरह निकासी ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।






