झारखंड : “हाईकोर्ट को गुमराह कर रहे अफसर”, विधायक सरयू राय का धनबाद प्रशासन-पुलिस पर बड़ा हमला
धनबाद के टंडाबारी भूधंसान मामले में विधायक सरयू राय ने प्रशासन, पुलिस और BCCL पर गंभीर आरोप लगाए। अवैध खनन, ब्लास्टिंग और हाईकोर्ट को गुमराह करने का मुद्दा गरमाया।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला राजधानी धनबाद में अवैध खनन और लगातार हो रही भूधंसान की घटनाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कतरास क्षेत्र के टंडाबारी बस्ती में हुए भीषण भूधंसान प्रभावित इलाके का दौरा किया और इसके बाद प्रशासन, धनबाद पुलिस और बीसीसीएल (BCCL) पर जमकर हमला बोला।
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दौरे के बाद परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि “धनबाद के अफसर हाईकोर्ट को भी गुमराह कर रहे हैं और जमीनी हकीकत छुपाई जा रही है।”
“घटनास्थल बन गया है ‘शॉर्ट टर्म टूरिस्ट स्पॉट’”
सरयू राय ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि अधिकारियों की नींद सिर्फ हादसों के बाद ही खुलती है। उन्होंने कहा, “ऐसे खतरनाक स्थल जिम्मेदार अधिकारियों के लिए शॉर्ट टर्म टूरिस्ट स्पॉट बन गए हैं, जहां वे सिर्फ निरीक्षण कर लौट जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं करते।” उन्होंने टंडाबारी के हालात को “हृदयविदारक और अविश्वसनीय” बताते हुए पूरे मामले के लिए डीजीएमएस (DGMS) को भी जिम्मेदार ठहराया।
20 किलोमीटर दायरे में धड़ल्ले से अवैध खनन
विधायक ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर के भीतर बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा है, लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है। दामोदर, कतरी और जमुनिया नदियों में सैकड़ों अवैध मुहाने बन गये हैं। बंद खदानों में धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस की “अनदेखी” कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह सब धनबाद पुलिस को क्यों नहीं दिखता।
ओबी डंप और ब्लास्टिंग से बढ़ रहा खतरा
सरयू राय ने बताया कि जिस स्थान पर भूधंसान हुआ, वहां 20 मीटर के भीतर बड़े-बड़े ओबी (ओवरबर्डन) डंप मौजूद हैं, जिससे खतरा अभी भी बना हुआ है। उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनियों पर नियमों के खिलाफ ब्लास्टिंग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “इस लापरवाही की वजह से निर्दोष लोगों की जान जा रही है।”
“BCCL संवेदनहीन, CISF की भूमिका पर सवाल”
बीसीसीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार की कंपनी होने के बावजूद यह आम जनता के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। अवैध खनन रोकने में कोई ठोस कदम नहीं ुठाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसी के रूप में CISF की भूमिका संदिग्ध है।
“हाईकोर्ट को भी गुमराह कर रहे अफसर”
हाईकोर्ट में लंबित अवैध खनन और प्रदूषण मामलों का जिक्र करते हुए सरयू राय ने कहा कि प्रशासन केवल औपचारिक रिपोर्ट देकर मामले को टाल देता है। उन्होंने कहा कि 2011 से लंबित मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हाईकोर्ट के निर्देशों का सही पालन नहीं किया जाता है। रिपोर्ट “दिखावे” के लिए तैयार की जाती है। यहां तक कि उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी न्यायालय को भी गुमराह कर रहे हैं।
मौके पर कई नेता रहे मौजूद
इस दौरान जदयू के महासचिव उदय सिंह, बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय झा, नवनीत कुमार सिंह, गौतम मंडल समेत कई लोग मौजूद रहे।






