बिहार : मुजफ्फरपुर में अस्पताल ICU में लगी आग, चीख-पुकार के बीच 6 मरीजों की मौत, कई जिंदगी से जंग लड़ रहे
मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में भीषण आग लगने से ICU वार्ड में भर्ती छह मरीजों की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक लोग झुलस गए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
HighLights
- हादसे में 20 से ज्यादा गंभीर रूप से झुलसे
- शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा आग लगने की शुरुआती वजह
- परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के लगाए आरोप
- फायर सिस्टम फेल होने और सीढ़ी का गेट बंद होने के आरोप
मुजफ्फरपुर (Threesocieties.com Desk): बिहार के मुजफ्फरपुर से गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई। ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद अस्पताल के ICU वार्ड में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा ICU धुएं से भर गया और मरीजों की सांसें थमने लगीं। इस हादसे में अब तक छह मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
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ICU में मची चीख-पुकार, धुएं से भर गया पूरा वार्ड
बताया जा रहा है कि आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल स्थित ICU वार्ड में लगी। जैसे ही धुआं फैलना शुरू हुआ, मरीजों और उनके परिजनों के बीच भगदड़ मच गई। कई मरीज बेड पर ही फंसे रह गए जबकि कुछ को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया।अग्निशमन विभाग के अनुसार सुबह करीब तीन बजे आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची करीब एक दर्जन दमकल गाड़ियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इन मरीजों की हुई मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में शशांक कुमार (औराई), गीता देवी (मोतीपुर), उदय कुमार (शिवहर), कृष्ण नंदन सिंह, चंचला कुमारी और बृजनंदन राय शामिल हैं।शिवहर निवासी उदय कुमार ब्रेन सर्जरी के बाद ICU में भर्ती थे। उनके परिवार के कई सदस्य अस्पताल में मौजूद थे। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें घटना की जानकारी मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
13 बेड के ICU में भर्ती थे 15 मरीज
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के मुताबिक ICU में 13 बेड थे, लेकिन वहां 15 मरीज भर्ती थे। उन्होंने बताया कि कई मरीजों को रेस्क्यू कर आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ICU वार्ड के इंचार्ज भी हादसे में झुलस गए हैं।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अस्पताल परिसर को कब्जे में लेकर सबूत जुटाए जा रहे हैं।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई परिजनों ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद डॉक्टर और कर्मचारी मरीजों को छोड़कर भाग गए। कुछ लोगों का दावा है कि अस्पताल का फायर कंट्रोल सिस्टम काम नहीं कर रहा था और सीढ़ियों का गेट बंद था, जिसके कारण लोगों को बाहर निकलने में भारी परेशानी हुई। एक पीड़ित परिवार ने कहा कि अगर समय पर मदद मिलती तो कई जानें बच सकती थीं।
बुजुर्ग महिला ने बचाई कई लोगों की जान
बताया जा रहा है कि ICU में भर्ती एक बुजुर्ग महिला ने सबसे पहले आग और धुएं को महसूस किया और किसी तरह बाहर निकलकर गार्ड को इसकी जानकारी दी। इसके बाद रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ।
जांच जारी, मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। कई मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।






