बिहार में बड़ा ब्यूरोक्रेटिक धमाका! सम्राट सरकार ने 12 सीनियर IAS अफसरों का किया तबादला
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 12 वरिष्ठ IAS अधिकारियों का तबादला किया है। वित्त, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पर्यटन, ऊर्जा, जल संसाधन और आपदा प्रबंधन समेत कई विभागों में नए सचिव और अपर मुख्य सचिव नियुक्त किए गए हैं।
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने रविवार को राज्य प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 12 वरिष्ठ IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में वित्त, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, ऊर्जा, जल संसाधन, पर्यटन, भवन निर्माण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। सबसे अहम बदलाव मुख्यमंत्री सचिवालय में देखने को मिला, जहां लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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CM सचिवालय में दो नए सचिव
स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह को पर्यटन विभाग का सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं, वाणिज्यकर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग के सचिव का पूर्ण प्रभार सौंपा गया है। साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव का अतिरिक्त दायित्व भी मिला है।

कुमार रवि बने स्वास्थ्य विभाग के सचिव
लंबे समय तक मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव रहे कुमार रवि को अब स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया है। उन्हें भवन निर्माण विभाग के सचिव के कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, संसदीय कार्य विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार उनके पास रहेगा।

आनंद किशोर से वित्त विभाग का अतिरिक्त प्रभार वापस
1996 बैच के IAS अफसर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे आनंद किशोर को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि वे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें उसी भूमिका में बनाए रखा है। 1997 बैच के IAS अफसरपिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। साथ ही वे पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अतिरिक्त प्रभार में भी बने रहेंगे।
1996 बैच के IAS जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल को आपदा प्रबंधन विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। वे दिल्ली स्थित बिहार भवन में स्थानिक आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार सिंह को बियाडा, बिहार फाउंडेशन, निवेश आयुक्त, स्थानिक आयुक्त दिल्ली और आईडा के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के नए सचिव बने कुमार रवि
2005 बैच के IAS अधिकारी कुमार रवि को स्वास्थ्य विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर कार्यरत थे। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और नई योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर उनकी नियुक्ति अहम मानी जा रही है।
पर्यटन विभाग की कमान लोकेश कुमार सिंह को
2003 बैच के IAS अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह को पर्यटन विभाग का सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय और विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं, वाणिज्यकर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग के सचिव का संपूर्ण प्रभार तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
ऊर्जा विभाग संभालेंगे अजय यादव
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव 2005 बैच के IAS अधिकारी अजय यादव को ऊर्जा विभाग का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा उन्हें मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग तथा बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
भवन निर्माण और जल संसाधन विभाग में भी बदलाव
2008 बैच के IAS अधिकारी कला संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार को भवन निर्माण विभाग का सचिव बनाया गया है। वहीं 2010 बैच के IAS अधिकारी चंद्रशेखर सिंह अब जल संसाधन विभाग के नए सचिव होंगे। वह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह को स्थानिक आयुक्त, बिहार भवन के पद पर पदस्थापित किया गया है। वह निवेश आयुक्त, मुंबई के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह को महानिदेशक, कारा एवं सुधार सेवाएं बनाया गया है। वह निबंधक सहयोग समितियां के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
प्रशासनिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग, विभागीय जवाबदेही और प्रशासनिक कार्यक्षमता को और मजबूत करना चाहती है। कई विभागों में लंबे समय से बदलाव की चर्चा चल रही थी, जिसके बाद यह बड़ा फेरबदल किया गया है।






