शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में बड़ा ट्विस्ट! ‘एनकाउंटर’ के डर का दावा कर बरी हुआ बलिया का राज सिंह

शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में गिरफ्तार बलिया के राज सिंह को कोर्ट से राहत मिल गई है। राज सिंह ने दावा किया कि यदि CBI जांच नहीं होती तो उनका एनकाउंटर हो सकता था। CCTV फुटेज और दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने माना कि घटना के दिन वह बलिया में मौजूद थे।

शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में बड़ा ट्विस्ट! ‘एनकाउंटर’ के डर का दावा कर बरी हुआ बलिया का राज सिंह
शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में गिरफ्तार राज सिंह को राहत ।
  • CBI जांच ने बचाई जान? राज सिंह बोले- “मैं बलिया में था”
  • CCTV ने पलटा पूरा केस! राज सिंह को मिली राहत

कोलकाता (Threesocieties.com Desk): पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) रहे चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा मोड़ सामने आया है। मामले में शक के आधार पर गिरफ्तार किए गए उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह को अदालत से राहत मिल गई है। रिहाई के बाद राज सिंह ने मीडिया के सामने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि यदि इस मामले की जांच CBI नहीं करती, तो उनका “एनकाउंटर” भी हो सकता था।

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राज सिंह ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। उन्हें डर था कि कहीं उन्हें फर्जी मुठभेड़ में न मार दिया जाए। हालांकि, परिवार द्वारा उपलब्ध कराए गए CCTV फुटेज, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों ने उनकी बेगुनाही साबित कर दी।

CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

राज सिंह की बहन दीपशिखा के अनुसार, कोलकाता की अदालत ने CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानते हुए पाया कि घटना के दिन राज सिंह बलिया में मौजूद थे। CBI ने भी परिवार द्वारा दिए गए सबूतों की जांच की और उन्हें सही पाया। रिहाई के बाद राज सिंह अपनी मां जामवंती से लिपटकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यदि परिवार ने समय रहते CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं कराया होता, तो शायद आज वह जिंदा नहीं होते।

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“संगठन भी साथ नहीं आया” — राज सिंह

राज सिंह ने कहा कि वह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, पूर्वांचल प्रांत के प्रदेश सचिव हैं, लेकिन मुश्किल वक्त में संगठन ने उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह संगठन से इस्तीफा देने पर भी विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा,
“मुझे भरोसा था कि मैं निर्दोष हूं। CCTV फुटेज मेरे पास सबसे बड़ा सच था, इसलिए विश्वास था कि आखिरकार न्याय मिलेगा।”

मां बोलीं — “रामलला ने बेटे को वापस भेजा”

राज सिंह की मां जामवंती ने कहा कि उन्हें भगवान राम पर पूरा भरोसा था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी से पहले राज ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए थे और उसी आस्था के कारण उनका बेटा सुरक्षित वापस लौटा।

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कैसे राज सिंह तक पहुंची जांच?

CBI ने 10 मई को बिहार के बक्सर से मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर 11 मई को राज सिंह को हिरासत में लिया गया। इसके बाद जांच एजेंसी ने बलिया के रसड़ा क्षेत्र के रतोपुर गांव निवासी राजकुमार सिंह को भी मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया। बताया गया कि राजकुमार सिंह कई दस्तावेजों में खुद को “राज” लिखता था और दाढ़ी-बाल की वजह से दोनों के चेहरे में भी कुछ समानता थी। इसी आधार पर CBI ने दोनों के बीच संबंधों की जांच शुरू की।

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फेसबुक वीडियो भी बना चर्चा का विषय

राज सिंह को जमानत मिलने के बाद उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें वह कहते नजर आए — “जय श्रीराम… सबका जवाब मिलेगा, थोड़ा धैर्य रखिए… मीडिया को भी जवाब देने आ रहे हैं…” वीडियो में राज सिंह आत्मविश्वास से भरे दिखाई दिए। अब उनकी रिहाई के बाद यह मामला राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

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राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में एक आरोपी की रिहाई और उसके “एनकाउंटर” संबंधी बयान ने पूरे मामले को नया राजनीतिक रंग दे दिया है। अब निगाहें CBI की आगे की जांच और असली साजिशकर्ताओं की पहचान पर टिकी हैं।