- सात साल से पाकिस्तान में छिपा था आतंक का चेहरा
- भारत विरोधी आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका
- अल-बद्र कमांडर हमजा बुरहान का खात्मा
श्रीनगर (Threesocieties.com Desk): जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलवामा आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल और प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘अल-बद्र’ के टॉप कमांडर अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। उसकी मौत के बाद सीमा पार बैठे आतंकी संगठनों में हड़कंप मच गया है।
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सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमजा बुरहान पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान और पीओके में बैठकर जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। वह भारत की सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।
कौन था हमजा बुरहान?
हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार था। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रतनीपुरा (खरबतपोरा) इलाके का रहने वाला था। उसके पिता का नाम अहमद डार बताया जाता है। बताया जाता है कि वह वैध यात्रा दस्तावेजों के जरिए भारत से पाकिस्तान पहुंचा था। वहां पहुंचने के बाद वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया। कट्टरपंथी सोच और आतंकी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका के कारण उसने जल्द ही संगठन में ऊंचा स्थान हासिल कर लिया और बाद में उसे कमांडर बना दिया गया।
सात साल से पाकिस्तान में बैठकर चला रहा था आतंक का नेटवर्क
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, हमजा बुरहान पिछले करीब सात वर्षों से पाकिस्तान और पीओके में छिपकर कश्मीर घाटी में आतंकवाद फैलाने का काम कर रहा था। वह स्थानीय युवाओं को बरगलाकर आतंकी संगठनों में भर्ती करवाने, उनका ब्रेनवॉश करने और हथियार उपलब्ध कराने में सक्रिय था। इतना ही नहीं, वह ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के जरिए आतंकियों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और विस्फोटक जुटाने का काम भी करता था।
पुलवामा हमले में थी बड़ी भूमिका
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, हमजा बुरहान ने इस हमले के लिए विस्फोटक सामग्री और हथियार जुटाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह आतंकियों और ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के बीच समन्वय का काम कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में थीं।
भारत सरकार ने UAPA के तहत घोषित किया था आतंकवादी
भारत सरकार ने उसकी आतंकी गतिविधियों और देश विरोधी साजिशों को देखते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत उसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। केंद्र सरकार ने UAPA की चौथी अनुसूची में संशोधन करते हुए अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर का नाम शामिल किया था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि वह कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले बड़े चेहरों में शामिल था।
PoK में मौत के बाद आतंकी संगठनों में खलबली
हमजा बुरहान की मौत को आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि उसकी हत्या किसने की, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अज्ञात हमलावरों ने उसे बेहद करीब से गोली मारी।इस घटना के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों के बीच दहशत और बेचैनी का माहौल बताया जा रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।