धनबाद में नेशनल लोक अदालत का बड़ा रिकॉर्ड: 170 करोड़ की रिकवरी, 3.73 लाख मामलों का निपटारा

धनबाद में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 3.73 लाख विवादों का निपटारा करते हुए 170 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी की गई। सड़क हादसे में शहीद हुए CRPF जवान अरुण कुमार की पत्नी को 1.14 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। डालसा की पहल से पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत।

धनबाद में नेशनल लोक अदालत का बड़ा रिकॉर्ड: 170 करोड़ की रिकवरी, 3.73 लाख मामलों का निपटारा
12 बेंचों ने निपटाए 3.73 लाख केस।
  • नेशनल लोक अदालत में धनबाद ने बनाया रिकॉर्ड
  • शहीद CRPF जवान की पत्नी को मिला 1.14 करोड़ मुआवजा

धनबाद (Threesocieties.com Desk): राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देश पर आयोजित वर्ष 2026 की दूसरी नेशनल लोक अदालत में धनबाद ने न्यायिक निपटारे का नया रिकॉर्ड कायम किया। जिले में कुल 3 लाख 73 हजार 234 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि 1 अरब 70 करोड़ 98 लाख 15 हजार 838 रुपये की रिकवरी हुई।

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इस दौरान लोक अदालत केवल विवादों के समाधान तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई पीड़ित परिवारों के लिए उम्मीद और इंसाफ का माध्यम भी बनी। सड़क दुर्घटना में शहीद हुए CRPF जवान की पत्नी को 1.14 करोड़ रुपये का मुआवजा सौंपा गया। वहीं, एक अन्य सड़क हादसे में पति को खो चुकी सिविल कोर्टकर्मी की पत्नी को भी एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिला।

कार्यक्रम का उद्घाटन रांची से ऑनलाइन माध्यम से न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने किया। धनबाद में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा चेयरमैन निकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि नेशनल लोक अदालत संविधान की उस भावना को मजबूत करती है, जिसमें सभी को सुलभ और त्वरित न्याय देने की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि हर तीन माह में आयोजित होने वाली लोक अदालत लोगों को वर्षों तक कोर्ट के चक्कर लगाने से बचाती है।

12 बेंचों ने किया लाखों मामलों का निपटारा

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव सह अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनो ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर 12 विशेष बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों ने बैंक ऋण, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, आपराधिक मामलों समेत विभिन्न श्रेणी के कुल 3.73 लाख मामलों का समाधान किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आम लोगों को कम समय और कम खर्च में न्याय मिल रहा है। इससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ भी कम हो रहा है।

शहीद जवान के परिवार को मिला न्याय

नेशनल लोक अदालत का सबसे भावुक क्षण तब सामने आया, जब सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले CRPF जवान अरुण कुमार की पत्नी प्रिया कुमारी को 1 करोड़ 14 लाख 96 हजार रुपये का मुआवजा सौंपा गया। CRPF की 133वीं बटालियन में तैनात 25 वर्षीय जवान अरुण कुमार की 13 मई 2022 को एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उस समय उनकी पत्नी प्रिया आठ माह की गर्भवती थीं। परिवार खुशियों का इंतजार कर रहा था, लेकिन एक तेज रफ्तार कार ने सबकुछ बदल दिया।

घटना के बाद डालसा की टीम और पारा लीगल वॉलंटियर्स तुरंत परिवार के संपर्क में आए। वीर परिवार योजना के तहत इंश्योरेंस कंपनी और सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मोटरयान दुर्घटना दावा अधिनियम के तहत मामला ट्रिब्यूनल में दायर हुआ और त्वरित सुनवाई के लिए अदालत में भेजा गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने तेजी से सुनवाई की और अंततः इंश्योरेंस कंपनी को 1.14 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की ऑनलाइन उपस्थिति में पीड़ित परिवार को चेक सौंपा।

मौजूद रहे कई न्यायिक अधिकारी

कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सुभाष, जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी, विजय कुमार श्रीवास्तव, पारस कुमार सिन्हा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बीके लाल, एसीजेएम पार्थ सारथी घोष समेत बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, लोक अभियोजक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

नेशनल लोक अदालत के इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि त्वरित न्याय व्यवस्था न केवल मामलों का समाधान कर सकती है, बल्कि टूट चुके परिवारों को नई उम्मीद भी दे सकती है।