केंदुआडीह भू-धंसान कांड: धनबाद-बोकारो रोड बंद, सड़क खुलवाने 24 घंटे के अनशन पर बैठे विधायक राज सिन्हा

धनबाद के केंदुआडीह में भू-धंसान के कारण बंद धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क को लेकर जनआक्रोश बढ़ गया है। विधायक राज सिन्हा के नेतृत्व में 24 घंटे का आमरण अनशन शुरू हुआ। आंदोलनकारियों ने प्रशासन और बीसीसीएल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सड़क निर्माण और यातायात बहाली की मांग की।

केंदुआडीह भू-धंसान कांड: धनबाद-बोकारो रोड बंद, सड़क खुलवाने 24 घंटे के अनशन पर बैठे विधायक राज सिन्हा
ड़क निर्माण की मांग को ले राज सिन्हा ने खोला मोर्चा
  • धनबाद की लाइफलाइन सड़क बंद
  • गैस रिसाव के बाद भू-धंसान के बाद सड़क बंदी से जनता परेशान

धनबाद (Threesocieties.com Desk): केंदुआडीह में हुए भू-धंसान के बाद बंद पड़े धनबाद–बोकारो मुख्य सड़क मार्ग को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। सड़क बंद होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को कोयलांचल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ा आंदोलन शुरू हो गया। धनबाद विधायक राज सिन्हा के नेतृत्व में केंदुआ स्थित राजपूत बस्ती मोड़ पर 24 घंटे का आमरण अनशन शुरू किया गया।

यह भी पढ़ें: धनबाद में नेशनल लोक अदालत का बड़ा रिकॉर्ड: 170 करोड़ की रिकवरी, 3.73 लाख मामलों का निपटारा

दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुए इस अनशन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी संगठन, चैंबर ऑफ कॉमर्स, सामाजिक संगठन और क्षेत्रीय प्रतिनिधि शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने प्रशासन और बीसीसीएल के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सड़क निर्माण और यातायात बहाली की मांग उठाई।

प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप

आंदोलनकारियों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने पहले वार्ता का आश्वासन देकर आंदोलन स्थगित कराया, लेकिन बाद में तय बैठक को ही टाल दिया। दरअसल, 23 से 25 अप्रैल तक विधायक राज सिन्हा के नेतृत्व में धरना दिया गया था। इसके बाद प्रशासन ने 2 मई को वार्ता की तारीख तय की थी। आश्वासन मिलने पर धरना स्थगित कर दिया गया, लेकिन तय दिन बैठक नहीं हुई। इसी से नाराज होकर अब संघर्ष समिति ने आमरण अनशन का रास्ता अपनाया है।

“जनता परेशान, लेकिन समाधान नहीं” : राज सिन्हा

अनशन स्थल पर विधायक राज सिन्हा ने कहा कि केंदुआडीह सड़क धंसान से आम जनता, व्यापारी, छात्र और मजदूर वर्ग भारी परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन, बीसीसीएल और संबंधित विभाग अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल सके हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण और यातायात बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। राज सिन्हा ने कहा कि पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई, लेकिन जब उससे समाधान नहीं निकला तो अब 24 घंटे का अनशन शुरू किया गया है।

बड़ी संख्या में जुटे लोग

अनशन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। विभिन्न सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दिसंबर से शुरू हुई थी समस्या

बताया जा रहा है कि पिछले साल दिसंबर में केंदुआ क्षेत्र में गैस रिसाव की घटनाएं सामने आने लगी थीं। इसके बाद 16 अप्रैल को केंदुआडीह थाना के समीप धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग के किनारे भू-धंसान हो गया। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर सड़क बंद कर दी थी। हालांकि, सड़क बंद होने के कई सप्ताह बाद भी वैकल्पिक व्यवस्था या स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। अब यह मुद्दा राजनीतिक और जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।