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रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के ट्रांसफर तथा पदस्थापना से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में गठित शिकायत कोषांग समिति में संशोधन करते हुए उसका पुनर्गठन किया गया है। नई समिति पुलिसकर्मियों की तबादला एवं पदस्थापन संबंधी समस्याओं और अनुरोधों पर सुनवाई करेगी।

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पुलिस मुख्यालय का यह कदम विभागीय पारदर्शिता बढ़ाने और पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। लंबे समय से ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर पुलिस विभाग के भीतर कई तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में अब इन मामलों की सुनवाई उच्चस्तरीय समिति द्वारा की जाएगी।

एडीजी मनोज कौशिक को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी

नई शिकायत कोषांग समिति की अध्यक्षता एडीजी मुख्यालय मनोज कौशिक करेंगे। समिति में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि मामलों का निष्पक्ष और गंभीरता से निपटारा हो सके। समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:
अध्यक्ष: मनोज कौशिक (एडीजी मुख्यालय)
सदस्य: असीम विक्रांत मिंज (आईजी सीआईडी)
सदस्य: पंकज कंबोज (आईजी मानवाधिकार)
सदस्य सचिव: सुरेन्द्र कुमार झा (डीआईजी कार्मिक)

पुलिस मुख्यालय ने पुराने आदेश में किया संशोधन

पुलिस मुख्यालय ने 4 मई 2025 को जारी पुराने आदेश में संशोधन करते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। अधिकारियों का मानना है कि इससे ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी और पुलिसकर्मियों को अपनी समस्याएं रखने के लिए एक प्रभावी मंच मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, अब पुलिसकर्मी अपने तबादले, पदस्थापना या संबंधित शिकायतों को सीधे समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। समिति इन मामलों की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेगी।

विभागीय स्तर पर ही होगा समाधान

नई व्यवस्था का उद्देश्य विभागीय विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाना है, ताकि अनावश्यक विवाद और प्रशासनिक असंतोष कम हो सके। पुलिस मुख्यालय का यह कदम पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस विभाग के कई अधिकारियों का मानना है कि इस समिति के गठन से ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया में निष्पक्षता बढ़ेगी और कर्मियों का भरोसा भी मजबूत होगा।