सीतामढ़ी से CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: 2028 तक बनेगा भव्य सीता मंदिर, मां सीता के नाम पर होगा मेडिकल कॉलेज

जानकी नवमी पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीतामढ़ी के पुनौराधाम पहुंचे और माता जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने घोषणा की कि 31 दिसंबर 2028 तक भव्य सीता मंदिर का निर्माण पूरा होगा और नए मेडिकल College का नाम मां सीता के नाम पर रखा जाएगा।

सीतामढ़ी से CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: 2028 तक बनेगा भव्य सीता मंदिर, मां सीता के नाम पर होगा मेडिकल कॉलेज
सीएम ने सीतामढ़ी महोत्सव का उद्घाटन किया।

सीतामढ़ी (Threesocieties.com Desk): जानकी नवमी के पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को सीतामढ़ी के पवित्र पुनौराधाम पहुंचे, जहां उन्होंने माता जानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने सीताकुंड में जल अर्पित कर आरती भी की। धार्मिक माहौल और मुख्यमंत्री की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला।

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मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित सीतामढ़ी महोत्सव का उद्घाटन किया और मंच से कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पुनौराधाम में बन रहे भव्य जानकी मंदिर का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2028 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। पहले इसकी समय-सीमा जून 2029 तय की गई थी, लेकिन अब इसे छह महीने पहले पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

मां सीता के नाम पर होगा मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि सीतामढ़ी में बनने वाले नए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का नाम मां सीता के नाम पर रखा जाएगा। इसका नाम “मां सीता मेडिकल कॉलेज” होगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक संस्थान नहीं बल्कि माता सीता की धरती को सम्मान देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां मेडिकल कॉलेज बनाने का संकल्प लिया था और अब उसका काम तेजी से शुरू हो चुका है। सरकार इसे जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

“मां सीता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बना हूं”

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज मेरे लिए गौरव का विषय है कि मां सीता के आशीर्वाद से बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर बैठकर मां का आशीर्वाद लेने आया हूं। जानकी नवमी के दिन यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” उन्होंने कहा कि सीता की जन्मस्थली से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव है और सरकार इस पूरे क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।

भूमिपूजन के समय भी हुई थी बारिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पिछले वर्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां मंदिर निर्माण का शिलान्यास और भूमि पूजन किया था, तब लगातार बारिश हुई थी। उन्होंने कहा, “हजारों साल पहले भी इस क्षेत्र में अकाल पड़ा था। उसी अकाल के दौरान मां जानकी का जन्म हुआ था और उनके जन्म के साथ ही वर्षा हुई थी। भूमि पूजन के समय हुई बारिश भी उसी शुभ संकेत का प्रतीक है।”

50 एकड़ में बनेगा 882 करोड़ का भव्य मंदिर

पुनौराधाम में माता जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण करीब 50 एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा। इस परियोजना की लागत लगभग 882 करोड़ रुपये बताई गई है। मंदिर की ऊंचाई 156 फीट होगी और इसका निर्माण राजस्थान से लाए जा रहे विशेष सैंडस्टोन (बलुआ पत्थर) से किया जाएगा। मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी अयोध्या राम मंदिर के प्रसिद्ध वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा और उनके परिवार को दी गई है। इसे रामायण सर्किट के प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

राम जानकी पथ और सीतापुरम को भी मिली रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां जानकी से जुड़े सभी धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए राम-जानकी पथ का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित “सीतापुरम” परियोजना को पहली कैबिनेट बैठक में ही मंजूरी दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि पुनौराधाम को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

बिहार को समृद्ध बनाने का संकल्प

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में उद्योग, सड़क, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में पीरपैंती और नवीनगर में थर्मल पावर प्लांट जैसी बड़ी परियोजनाएं शुरू हुई हैं और 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश बिहार में लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है, ताकि युवाओं का पलायन रुके और उन्हें राज्य में ही रोजगार मिल सके।

पर्यटन को लेकर सरकार गंभीर

सीतामढ़ी दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ ईको टूरिज्म को लेकर समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने अधिकारियों को धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। सरकार का स्पष्ट फोकस है कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जाए।

नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी चर्चा

सीतामढ़ी दौरे से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद रहे। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कार्यक्रम में सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, विधायक सुनील कुमार पिंटू, गायत्री देवी, पंकज मिश्रा, रामेश्वर महतो, नागेंद्र राव, श्वेता गुप्ता, अनिल कुमार, अमित कुमार, बैद्यनाथ प्रसाद, एमएलसी रेखा कुमारी और बंशीधर सहित कई नेता मौजूद रहे।


जानकी नवमी पर पुनौराधाम पहुंचे CM सम्राट चौधरी, बोले- 31 दिसंबर 2028 तक सीता मंदिर का काम होगा पूरा

सम्राट चौधरी ने जानकी मंदिर में की पूजा-अर्चना


Samrat Choudhary: जानकी नवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीतामढ़ी के पुनौराधाम पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की. उन्होंने लोगों से कहा कि अफसरों को निर्देश दिया गया है कि 31 दिसबंर 2028 तक मां सीता मंदिर का काम पूरा करना है.
Samrat Choudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को सीतामढ़ी के पवित्र पुनौराधाम पहुंचे. यहां उन्होंने माता जानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके बाद वे सीताकुंड गए, जहां जल चढ़ाकर आरती की. धार्मिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया.

मुख्यमंत्री ने जानकी नवमी के अवसर पर सीतामढ़ी महोत्सव का उद्घाटन किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे.

सीता माता के नाम मेडिकल कॉलेज, 2028 तक भव्य मंदिर;
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सीतामढ़ी में बड़े ऐलान
 सीतामढ़ी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीतामढ़ी में कहा कि यहां बनने वाले मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का नाम
मां सीता के नाम पर रखा जाएगा। साथ ही, सीतामढ़ी में भव्य मंदिर का निर्माण दिसंबर 2028 तक पूरा
कर लिया जाएगा।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को जानकी नवमी के अवसर पर सीतामढ़ी महोत्सव का
उद्घाटन किया। इस दौरान सीएम ने कई प्रमुख घोषणाएं कीं। उकीं न्होंनेन्हों ने ऐलान किया कि सीतामढ़ी में जो नया
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनाया जा रहा है, उसका नाम मां सीता पर रखा जाएगा। इसका नाम मां
सीता मेडिकल कॉलेज होगा। साथ ही, सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम में जानकी जन्मस्थली पर जो भव्य मंदिर
का निर्माण हो रहा है, उसका काम 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीतामढ़ी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह मां सीता के
आशीर्वाद से मुख्यमंत्री पद पर बैठे और अब उनका आशीर्वाद लेने आए हैं। जानकी नवमी के अवसर पर

सीता की जन्मस्थली पर आना मां से जुड़ाव दिखता है।
6 महीने कम हुई डेडलाइन
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मां सीता के जन्मस्थल को पूर्ण रूप से विकसित किया जा रहा है। उन्होंनेन्हों ने कहा कि
पुनौरा धाम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर 2028 तक काम पूरा हो जाएगा। पहले डेडलाइन जून
2029 तक थी, लेकिन इसे 6 महीना पहले कर दी गई है। राम जानकी पथ बनाया जा रहा है। पूर्व सीएम
नीतीश कुमार ने यहां सीतापुरम बनाने की घोषणा की थी। हमने पहली कैबिनेट बैठक में ही इसे मंजूरी दे दी।
बिहार को समृद्ध बनाएंगे- सीएम
सीएम सम्राट ने कहा कि सीतामढ़ी में पर्यटन, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने का काम तेजी से
चल रहा है। एनडीए शासन की उपलब्धियों को बताते हुए उन्होंनेन्हों ने कहा कि आज बिहार बदल चुका है।
नीतीश कुमार ने दो दशक तक बिहार को रास्ते पर लाने का काम किया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित
भारत बनाना चाहते हैं। हम बिहार को विकसित और समृद्ध बनाएंगे।
पलायन रोकने पर काम तेज
सम्राट चौधरी ने कहा कि नौजवानों का पलायन रोकने के लिए उद्योग बिहार में लाए जा रहे हैं। बीते दो सालों
में पीरपैंती, नबीनगर में थर्मल पावर प्लांट की परियोजना शुरू हुई। 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन
पर उतर गया है। राज्य सरकार ने एक साल के भीतर 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश बिहार की जमीन पर
उतारने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंनेन्हों नेदावा किया कि उद्योग लगने से बिहार से लोगों का पलायन रुकेगा। जो लोग मजबूरी में बिहार
छोड़कर जाते हैं, उन्हें यहीं रोजगार मिलेगा। ऐसे लोगों को चिह्नित कर बिहार में ही उन्हें कमाई का अवसर
दिया जाएगा।

भूमि पूजन के समय हुई थी बारिश- सम्राट
सीएम ने कहा कि पिछले साल जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने
जानकी मंदिर का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया था। उस समय जब तक पूजन होती रही, तब तक यहां
बारिश होती रही।
उन्होंनेन्हों ने कहा, "हजारों साल पहले भी इस क्षेत्र में अकाल पड़ा था। मां जानकी का जन्म अकाल के समय ही
हुआ था। सीता का जन्म होते ही यहां बारिश हुई और खुशहाली आई। इसी तरह, इस धाम के भूमि पूजन में
भी बारिश होती रही।"
इस कार्यक्रम में सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, विधायक सुनील
कुमार पिंटू, गायत्री देवी, पंकज मिश्रा, रामेश्वर महतो, नागेंद्र राव, श्वेता गुप्ता, अनिल कुमार, अमित कुमार,
बैद्यनाथ प्रसाद, एमएलसी रेखा कुमारी, बंशीधर समेत अन्य कई नेता शामिल रहे।


 लोगों को संबोधित करते हुए CM सम्राट ने कहा कि आज मेरे लिए गौरव का विषय है कि मां सीता के आशीर्वाद से बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर बैठकर मां का आशीर्वाद लेने आया हूं. यहां की धरती में मां का जुड़ाव दिखता है.

‘मां के जन्म के समय भी पड़ा था अकाल’
सीएम ने कहा कि अमित शाह जी और नीतीश जी जब भूमिपूजन करने आए थे उस दिन बारिश हुई थी. जितनी देर वो यहां रहे उतनी देर यहां बारिश होती रही. ये प्रतीक है. मां सीता के जन्म के समय भी हजारों साल पहले यहां अकाल पड़ा था. उसी अकाल में मां का जन्म हुआ था. अब भूमिपूजन में बारिश हुई. दोनों का कनेक्शन है.

31 दिसबंर 2028 तक मंदिर का काम पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आगे कहा की हम लोगों ने समीक्षा की है. अफसरों को निर्देश दिया गया है. अफसरों ने कहा है कि 2029 के जून में मंदिर बनकर तैयार हो पाएगा. हमने कहा 31 दिसबंर 2028 तक मां सीता के मंदिर का काम पूरा करना है.

नीतीश जी ने कहा था सीतामढ़ी में सीता पुरम बनाएंगे. मैंने पहली कैबिनेट में ये फैसला लिया. मां जानकी से जुड़े जितने भी स्थान हैं उन्हें जोड़ा जाएगा. नीतीश कुमार जी ने यहां बड़ा मेडिकल कॉलेज बनाने का संकल्प लिया है. उसका काम भी शुरू हो गया है. उसका नाम भी मां के नाम पर ही रखा जाएगा.

पर्यटन को लेकर सरकार का फोकस
सीतामढ़ी दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ ईको टूरिज्म को लेकर समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने पर्यटन क्षेत्र को तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए. सरकार का फोकस धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने पर है.

नीतीश कुमार से मुलाकात, सियासी हलचल तेज
दौरे से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद रहे. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.

50 एकड़ में बनेगा भव्य जानकी मंदिर
पुनौराधाम में माता जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है. करीब 50 एकड़ क्षेत्र में 882 करोड़ रुपये की लागत से यह मंदिर बनाया जाएगा. मंदिर का निर्माण राजस्थान से लाए जा रहे खास सैंडस्टोन (बलुआ पत्थर) से होगा और इसकी ऊंचाई 156 फीट रखी जाएगी. इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.