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         HighLights:

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  •  अन्नामलाई ने कहा- पिछले 18 महीनों से पार्टी नेतृत्व से चल रहे थे मतभेद
  •  2031 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की
  •  BJP ने चुनाव तक रुकने को कहा था, लेकिन अब लिया अलग रास्ता
  •  तमिलनाडु में BJP के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा फैसला

चेन्नई (Threesocieties.com Desk) : तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि वे एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं और उनकी पार्टी 2031 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेगी।

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अन्नामलाई ने कहा कि उनके लिए यह फैसला आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि पिछले साल 4 दिसंबर 2025 को ही उन्होंने BJP नेतृत्व को बता दिया था कि वे इस्तीफा देना चाहते हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने उनसे चुनाव खत्म होने तक इंतजार करने को कहा था। उन्होंने कहा, “मेरे सामने सबसे कठिन सवाल यह था कि मैं BJP के साथ रहूं या तमिल लोगों की राजनीति को लेकर अपने रास्ते पर चलूं। आखिरकार मैंने अलग रास्ता चुन लिया।”

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18 महीने से चल रहे थे मतभेद

अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि पिछले 18 महीनों से पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद बढ़ रहे थे। तमिलनाडु की राजनीति को आगे बढ़ाने के तरीकों पर उनके विचार अब BJP की शीर्ष नेतृत्व से मेल नहीं खा रहे थे। इसी बीच तमिलनाडु BJP के उपाध्यक्ष के नागराजन के इस्तीफे ने भी राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है।

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IPS से राजनीति तक का सफर

अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के पूर्व IPS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने नौकरी छोड़कर 2020 में BJP जॉइन की थी। पार्टी ने पहले उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया और फिर तमिलनाडु BJP की कमान सौंप दी। उनके नेतृत्व में BJP ने राज्य में संगठन विस्तार के लिए कई अभियान चलाए। उन्होंने ‘एन मन्न, एन मक्कल’ यात्रा निकाली और बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की कोशिश की। हालांकि, चुनावी नतीजों में पार्टी को बहुत बड़ा फायदा नहीं मिला। 2021 और 2026 विधानसभा चुनावों में BJP का वोट शेयर सीमित बढ़त ही हासिल कर पाया।

BJP को कितना नुकसान?

अन्नामलाई को तमिलनाडु में BJP का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता था। उनके जाने से पार्टी को कई स्तरों पर नुकसान हो सकता है। अन्नामलाई सोशल मीडिया और युवा मतदाताओं के बीच लोकप्रिय चेहरा थे। उनके हटने से BJP की युवा राजनीति प्रभावित हो सकती है।पिछले कई वर्षों से अन्नामलाई ही राज्य में BJP की आक्रामक राजनीति का चेहरा रहे। फिलहाल उनके बराबर लोकप्रिय नेता पार्टी में नजर नहीं आता। अन्नामलाई लगातार DMK सरकार के खिलाफ मुखर रहे। उनके अलग होने से विपक्षी वोट बैंक बिखर सकता है। लेकिन नुकसान सीमित भी रह सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP का पूरा वोट बैंक केवल अन्नामलाई पर निर्भर नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अभी भी BJP के लिए बड़ी ताकत है। NDA सहयोगियों के साथ रहने पर संगठनात्मक नुकसान की भरपाई हो सकती है।

2031 पर नजर, अभी से शुरू हुई नई लड़ाई

अन्नामलाई का यह कदम केवल इस्तीफा नहीं बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत माना जा रहा है। 2026 चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद नई पार्टी बनाकर उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी नजर अब सीधे 2031 विधानसभा चुनाव पर है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अन्नामलाई अपनी नई पार्टी के जरिए तमिलनाडु की राजनीति में तीसरा बड़ा विकल्प बन पाएंगे या यह प्रयोग भी पुराने राजनीतिक प्रयासों की तरह सीमित रह जाएगा।