बिहार MLC चुनाव में बड़ा खेल! JDU ने निशांत पर लगाया दांव, BJP ने पवन सिंह को दिया टिकट
बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए NDA ने उम्मीदवारों के नाम फाइनल कर दिए हैं। JDU ने निशांत समेत 4 उम्मीदवार घोषित किए, जबकि BJP ने पवन सिंह और संजय मयूख सहित चार चेहरों पर दांव खेला है।
HighLights
- बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए JDU ने 4 उम्मीदवारों की घोषणा की
- निशांत को पहली बार विधान परिषद भेजने का फैसला
- BJP ने पावर स्टार पवन सिंह पर खेला बड़ा दांव
- संजय मयूख को दोबारा मिला मौका, सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
- NDA ने विधानसभा चुनाव से पहले नए चेहरों पर लगाया दांव
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर दिए हैं। शुक्रवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने आधिकारिक तौर पर चार उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपने उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगा दी है।
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इस घोषणा के साथ ही बिहार की राजनीति में लंबे समय से चल रहा उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत को टिकट मिलने और भाजपा द्वारा भोजपुरी स्टार पवन सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
निशांत को मिला पहला बड़ा राजनीतिक मौका
जदयू ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत को विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। पिछले कुछ महीनों से उनके नाम की चर्चा लगातार चल रही थी और स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा था कि पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। निशांत को टिकट दिए जाने को सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं बल्कि भविष्य की राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर इसे नए नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति माना जा रहा है।
जदयू ने इन चार नामों पर लगाई मुहर
जदयू ने द्विवार्षिक चुनाव के लिए तीन और उपचुनाव के लिए एक उम्मीदवार घोषित किया है।
द्विवार्षिक चुनाव उम्मीदवार:
निशांत
डॉ. भारती मेहता
शिवरानी देवी प्रजापति
उपचुनाव उम्मीदवार:
ललन प्रसाद
इन नामों के जरिए पार्टी ने सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है।
पवन सिंह की एंट्री से BJP की राजनीति गरमाई
भाजपा की सूची में सबसे ज्यादा चर्चा भोजपुरी फिल्म अभिनेता और पावर स्टार पवन सिंह के नाम की हो रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान सुर्खियों में रहने वाले पवन सिंह को विधान परिषद भेजने का फैसला भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक प्रयोग माना जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवन सिंह के जरिए भाजपा पूर्वी बिहार और भोजपुरी भाषी वोटरों को मजबूत संदेश देना चाहती है।
BJP के चार उम्मीदवार
भाजपा ने जिन नामों पर सहमति बनाई है उनमें शामिल हैं—
पवन सिंह
संजय मयूख
अनिल कुमार ठाकुर
शीला पंडित
संजय मयूख को दोबारा मौका देकर पार्टी ने संगठन और मीडिया में उनकी भूमिका पर भरोसा जताया है।
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
जदयू की सूची पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि पार्टी ने जातीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर उम्मीदवार चुने हैं।चार में से तीन उम्मीदवार अतिपिछड़ा वर्ग से आते हैं जबकि एक उम्मीदवार पिछड़ा वर्ग से है। भारती मेहता नोनिया समाज, शिवरानी प्रजापति कुम्हार समाज और ललन प्रसाद धानुक समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह रणनीति काफी अहम मानी जा रही है।
विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संदेश
राजनीतिक जानकारों के अनुसार MLC चुनाव सिर्फ परिषद की सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। NDA नए चेहरे, सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रभाव को साधकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की निगाहें नामांकन प्रक्रिया और चुनावी मुकाबले पर टिकी हुई हैं, जहां यह साफ होगा कि NDA का यह दांव कितना सफल होता है।






