जंग के साए में भारत को बड़ी राहत: 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा ‘शिवालिक’
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच LPG कैरियर जहाज INS Shivalik 46 हजार मीट्रिक टन गैस लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा। इससे करीब 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडर भरे जा सकेंगे। भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के पास युद्धपोत भी तैनात किए हैं।
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के आसपास सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। एलपीजी से लदा भारतीय गैस कैरियर जहाज INS Shivalik सोमवार शाम Mundra Port पहुंच गया।
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इस जहाज में करीब 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है, जिससे लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडर भरे जा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह मात्रा देश की एक दिन की घरेलू कुकिंग गैस जरूरत के बराबर मानी जा रही है।
जंग के माहौल में सुरक्षित पहुंचा जहाज
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला एलपीजी जहाज है। यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। इस दौरान सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए भारत ने अपने ऊर्जा आपूर्ति मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए हैं। सूत्रों के अनुसार भारतीय नौसेना ने होर्मुज के पास अपने युद्धपोत तैनात किए हैं ताकि तेल और गैस लेकर आने वाले व्यापारी जहाजों को सुरक्षा मिल सके।
दो और जहाज भी रास्ते में
सरकारी सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में दो और जहाज भारत पहुंचने वाले हैं। Nanda Devi – करीब 46 हजार टन LPG लेकर भारत आ रहा है। Jag Ladki – लगभग 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। इन तीनों जहाजों के आने से देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकार का दावा: LPG की कमी नहीं होगी
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में फिलहाल LPG, पेट्रोल या डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है। हालांकि एलपीजी की मांग को देखते हुए उत्पादन बढ़ाया गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन में करीब 36% की वृद्धि की है ताकि किसी भी संभावित संकट से निपटा जा सके।
कालाबाजारी रोकने के लिए कड़ी निगरानी
सरकार की सबसे बड़ी चिंता एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकना है। इसके लिए केंद्र और राज्यों के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
कई राज्यों में जमाखोरी के खिलाफ छापेमारी
सिलेंडर डिलीवरी के लिए Delivery Authentication Code (DAC) का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। ऑनलाइन गैस बुकिंग को भी बढ़ावा दिया गया है। सरकार का कहना है कि एलपीजी वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी निगरानी बढ़ाई जा रही है।
होर्मुज में फंसे भारतीय जहाज
वहीं दूसरी ओर होर्मुज क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर बातचीत जारी है और धीरे-धीरे समाधान की दिशा में प्रगति हो रही है।
ट्रंप के सैन्य प्रस्ताव पर भारत का ठंडा रुख
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री मार्ग खुला रखने के लिए सहयोगी देशों से सैन्य मदद मांगी थी।हालांकि भारत समेत कई देशों ने इस प्रस्ताव पर फिलहाल कोई स्पष्ट समर्थन नहीं दिया है। जर्मनी, ग्रीस और ब्रिटेन जैसे देशों ने भी इस तरह के सैन्य अभियान में शामिल होने से दूरी बना ली है।
ऊर्जा सुरक्षा पर भारत की नजर
मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा पर भारत की रणनीति और मजबूत हो सकती है।






