धनबाद में फिर धरती फटी: टंडाबाड़ी बस्ती में भयावह भू-धंसान, 20 घर जमींदोज, NH-32 जाम
धनबाद के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार रात भीषण भू-धंसान से 20 घर जमींदोज हो गए। कई लोग घायल हुए, एक की हालत गंभीर है। आक्रोशित लोगों ने NH-32 जाम कर प्रशासन और BCCL के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- तीसरी बार भू-धंसान से दहला सोनारडीह, कई लोग घायल
- गाड़ी और मकान जमीन में समाए, प्रशासन पर फूटा लोगों का गुस्सा
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार रात एक बार फिर भयावह भू-धंसान की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। रात करीब 8:30 बजे अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ जमीन लगभग 15 फीट तक धंस गई, जिससे करीब 20 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
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कई घरों के अंदर 15 से 20 फीट तक गहरे गोफ बन गए। इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए धनबाद के असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह टंडाबाड़ी बस्ती में तीसरी बार भू-धंसान की घटना है, जिससे अब पूरा इलाका दहशत और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है।
अंधेरे और धुएं के बीच मची भगदड़
घटना के वक्त अधिकांश लोग अपने घरों में रात के भोजन की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक तेज आवाज के साथ धरती कांपने लगी और जमीन धंसने लगी। अंधेरे और धुएं के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागने लगे। एक घर में खड़ी मोटरसाइकिल और कैलाश हाड़ी की कार भी जमीन में समा गई। चारों ओर तबाही का मंजर देखने को मिला। कई लोग मलबे में फंस गए, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया का घर भी धंसा
बाघमारा की पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया का घर भी इस भू-धंसान की चपेट में आ गया। उनके घर समेत कई मकान जमीन में समा गए। कई परिवार बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पीड़ितों ने सुनाई दर्दभरी दास्तां
पीड़ित मनोज सिंह ने बताया, “हम लोग रात का खाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। अचानक जोरदार आवाज हुई और जमीन हिलने लगी। हम लोग किसी तरह बाहर भागे। देखते ही देखते आसपास के करीब 10 घर जमीन में समा गए।” एक अन्य पीड़ित नरेश भुइयां ने कहा,
“हम पहले से डर में जी रहे थे। रात में फिर से भू-धंसान हुआ और हमारा सब कुछ खत्म हो गया। किसी तरह जान बची है। प्रशासन हमें सुरक्षित जगह पर बसाए।”
गुस्साए लोगों ने NH-32 किया जाम
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बोकारो-राजगंज मुख्य मार्ग NH-32 को घंटों जाम कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन और BCCL पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थायी पुनर्वास और मुआवजे की मांग की। लोगों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद प्रशासन और BCCL ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण आज पूरा गांव बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है।
मौके पर पहुंचे विधायक और अधिकारी
सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, BCCL गोविंदपुर एरिया-3 की जीएम विमला विजय कुमार, सेफ्टी जीएम संजय सिंह, बाघमारा एसडीपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह और सीओ गिरजानंद किस्कू घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि देर रात और अंधेरे के कारण राहत कार्य पूरी तरह शुरू नहीं हो सका।
पहले भी हो चुकी हैं जानलेवा घटनाएं
गौरतलब है कि 31 मार्च 2026 को इसी टंडाबाड़ी बस्ती में शाम 6:30 बजे भू-धंसान की घटना में तीन घर जमींदोज हो गए थे, जिसमें पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 22 अप्रैल को भी भू-धंसान हुआ था, जिसमें कई घरों में दरारें आ गई थीं। लेकिन इस बार की घटना सबसे भयावह मानी जा रही है। अब पूरा टंडाबाड़ी इलाका खतरे के घेरे में आ चुका है।
बड़ा सवाल—कब जागेगा प्रशासन?
लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाएं BCCL क्षेत्र में भूमिगत आग और खनन के गंभीर खतरे की ओर इशारा कर रही हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग इसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर जीते रहेंगे? स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार तत्काल सुरक्षित पुनर्वास, उचित मुआवजा और स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। टंडाबाड़ी की यह त्रासदी अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और कोयलांचल की बदहाल हकीकत की दर्दनाक तस्वीर बन चुकी है।






