BJP का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: दिल्ली-पंजाब समेत 4 राज्यों में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानिए किसे मिली कमान
भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। जानिए किसे मिली जिम्मेदारी और क्या हैं इसके राजनीतिक मायने।
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने ऐसे समय यह फैसला लिया है, जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियां तेज हैं और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद जारी है। भाजपा के इस फैसले को आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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दिल्ली की कमान हर्ष मल्होत्रा के हाथ
भाजपा ने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को सौंपी है। हर्ष मल्होत्रा पहले से ही केंद्र सरकार में सड़क परिवहन मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उनके सामने दिल्ली में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों पर दांव
पंजाब भाजपा की कमान अब वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों को सौंपी गई है। भाजपा ने यह फैसला ऐसे समय लिया है जब राज्य में अगले वर्ष चुनाव होने हैं और पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों तथा किसान वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। केवल सिंह ढिल्लों बरनाला के तल्लेवाल गांव से आते हैं और पंजाब की राजनीति तथा कारोबारी जगत में प्रभावशाली पहचान रखते हैं। वे पहले कांग्रेस में लंबे समय तक सक्रिय रहे और 2007 तथा 2012 में कांग्रेस टिकट पर विधायक चुने गए। जून 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने मालवा क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने और कारोबारी तथा किसान वर्ग को साधने के लिए ढिल्लों पर भरोसा जताया है।
हरियाणा में अर्चना गुप्ता को मिली जिम्मेदारी
भाजपा ने हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अर्चना गुप्ता को सौंपकर संगठन में नया चेहरा आगे किया है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि नए नेतृत्व के जरिए राज्य में संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत किया जा सकेगा।
त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय को मिली कमान
पूर्वोत्तर में संगठन मजबूत करने की रणनीति के तहत भाजपा ने त्रिपुरा प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अभिषेक देबरॉय को दी है। पार्टी नेतृत्व मानता है कि नए नेतृत्व के जरिए राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों को और गति मिलेगी।
क्या हैं इन बदलावों के राजनीतिक मायने?
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि भाजपा का यह संगठनात्मक फेरबदल केवल पद परिवर्तन नहीं, बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार की गई रणनीति का हिस्सा है। पंजाब में चुनाव, दिल्ली की राजनीतिक चुनौती और विभिन्न राज्यों में संगठन मजबूत करने के लक्ष्य के साथ भाजपा ने नए चेहरों पर भरोसा जताया है। भाजपा के इस बड़े बदलाव के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि नए प्रदेश अध्यक्ष संगठन और चुनावी राजनीति में कितना असर छोड़ पाते हैं।






