धनबाद: बलियापुर में DC आदित्य रंजन का एक्शन मोड: प्रधानाध्यापक सस्पेंड, कई अधिकारियों का वेतन रुका
धनबाद के बलियापुर प्रखंड में योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने बड़ी कार्रवाई की। एक प्रधानाध्यापक को निलंबित करने, कई अधिकारियों-कर्मियों का वेतन रोकने, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शो-कॉज जारी करने तथा राशन वितरण और आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितताओं पर सख्त निर्देश दिए गए।
Highlights
- उपायुक्त आदित्य रंजन ने बलियापुर प्रखंड की योजनाओं की की व्यापक समीक्षा
- 12 निरीक्षण टीमों ने 16 पंचायतों में किया औचक निरीक्षण
- डीएसई को शो-कॉज, बीपीओ, बीआरपी और सीआरपी का वेतन रोका गया
- स्वास्थ्य केंद्रों की खराब व्यवस्था पर MOIC का वेतन रोकने व स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश
- सीडीपीओ और कई महिला पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रोकने का आदेश
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने गुरुवार को बलियापुर प्रखंड में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था में व्याप्त लापरवाही और अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया। समीक्षा बैठक के बाद कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि एक प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित करने का आदेश भी जारी किया गया।
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बलियापुर प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के साथ-साथ गठित 12 विशेष निरीक्षण टीमों ने प्रखंड की 16 पंचायतों में संचालित योजनाओं का औचक निरीक्षण किया। टीमों ने मनरेगा, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, जन वितरण प्रणाली और पेयजल योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आई खामियों के आधार पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग पर सबसे बड़ी कार्रवाई
समीक्षा के दौरान शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। मध्य विद्यालय मोदीडीह के प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र की भूमि को लेकर भ्रामक पत्र जारी करने के मामले में उन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया गया।वहीं डोलाबाद उच्च विद्यालय में पाई गई अव्यवस्थाओं के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनका वेतन रोकने का आदेश दिया गया। जिले के स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) को भी शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा बलियापुर के बीपीओ का वेतन रोकने तथा बीआरपी और सीआरपी के वेतन पर रोक लगाते हुए उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि भी रोकने के निर्देश दिए गए।
आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर नाराजगी
बाल विकास परियोजना कार्यालय की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। केंद्रों की वास्तविक स्थिति और बच्चों की पढ़ाई संबंधी अद्यतन जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर बलियापुर की सीडीपीओ का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया। साथ ही कार्यों में लापरवाही बरतने वाली कई महिला पर्यवेक्षिकाओं के वेतन पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चला प्रशासन का डंडा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) का वेतन रोकने तथा उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
राशन वितरण में गड़बड़ी पर कार्रवाई
खाद्य आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान कई जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों में अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित पीडीएस डीलरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निगरानी में कमी पाए जाने पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) को भी शो-कॉज जारी करने का आदेश दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी समय पर पूरा कराया जाए और अपात्र लाभुकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पंचायत और राजस्व विभाग भी जांच के दायरे में
प्रधानखंता पंचायत में अनियमितता मिलने पर पंचायत सचिव को स्पष्टीकरण जारी करते हुए उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। वहीं कुसमाटांड पंचायत में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित वीएलई का लाइसेंस रद्द करने और डाकघर के पोस्टमास्टर को नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान म्यूटेशन, लंबित वादों और पंजी संधारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लिपिकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
डीएमएफटी योजनाओं और दाल-भात केंद्रों पर भी फोकस
अलकडीहा क्षेत्र में डीएमएफटी मद से चल रही योजनाओं की समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने वाली संवेदक एजेंसी को हटाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा उपायुक्त ने सभी आदर्श दाल-भात केंद्रों को एक समान मानक के अनुरूप विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने SNMMCH में भी जल्द दाल-भात योजना शुरू करने के आदेश दिए।
"लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं"
बैठक के अंत में उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने तथा जनता तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।






