QS World University Ranking 2027 में IIT (ISM) धनबाद का जलवा, पहली बार ग्लोबल रैंकिंग में बनाई जगह

QS World University Ranking 2027 में पहली बार IIT (ISM) धनबाद को 701-710 वैश्विक रैंक बैंड में स्थान मिला है। भारत के 52 संस्थानों में 21वें और 13 IITs में 11वें स्थान के साथ संस्थान ने वैश्विक शिक्षा जगत में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है।

QS World University Ranking 2027 में IIT (ISM) धनबाद का जलवा, पहली बार ग्लोबल रैंकिंग में बनाई जगह
वैश्विक मंच पर IIT (ISM) की धमक।

    Highlights

  • 701-710 वैश्विक रैंक बैंड में मिली जगह
  • भारत के 52 संस्थानों में 21वां स्थान
  • रैंकिंग में शामिल 13 IITs में 11वें स्थान पर रहा संस्थान
  • 'Citations per Faculty' श्रेणी में 87.3 अंक हासिल
  • Mineral & Mining Engineering में पहले से ही भारत में नंबर-1 और दुनिया में 21वां स्थान
  • संस्थान के लगभग 100 वर्षों के इतिहास की बड़ी उपलब्धि

धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद ने अपने लगभग 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए पहली बार QS World University Ranking 2027 में स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए बल्कि झारखंड और देश के उच्च शिक्षा जगत के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।

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दुनिया की प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा मूल्यांकन संस्था क्वाक्वारेली साइमंड्स (QS) द्वारा जारी ताजा रैंकिंग में IIT (ISM) धनबाद को 701-710 वैश्विक रैंक बैंड में स्थान मिला है। रैंकिंग में शामिल भारत के 52 संस्थानों में संस्थान को 21वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि सूचीबद्ध 13 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में यह 11वें स्थान पर रहा।

शताब्दी यात्रा का ऐतिहासिक मुकाम

संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार QS World University Ranking में शामिल होना पूरे IIT (ISM) परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह सफलता शिक्षकों, छात्रों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर संस्थान की बढ़ती शैक्षणिक और शोध क्षमता को दर्शाती है तथा आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

दूसरे शताब्दी वर्ष में नई पहचान

कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस की डीन प्रो. रजनी सिंह ने कहा कि संस्थान अपनी शताब्दी यात्रा पूरी कर दूसरे शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। ऐसे समय में QS World University Ranking में पहली बार स्थान प्राप्त करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता शिक्षा, शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आधार बनेगी।

पूर्व छात्रों ने भी जताया गर्व

पैन IIT एलुमनाई इंडिया के महासचिव और संस्थान के पूर्व छात्र अशोक कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के शिक्षकों, शोधकर्ताओं, छात्रों, पूर्व छात्रों और नेतृत्व के सामूहिक प्रयासों की पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में IIT (ISM) धनबाद वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेगा तथा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।

शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बना सफलता का आधार

QS Ranking में IIT (ISM) की सफलता के पीछे उसके शोध कार्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बड़ी भूमिका रही है। संस्थान को: Citations per Faculty श्रेणी में 87.3 अंक, International Research Network में 43.2 अंक, Sustainability श्रेणी में 57.5 अंक प्राप्त हुए हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि संस्थान वैश्विक शोध साझेदारियों, अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है।

विषयवार रैंकिंग में पहले से दर्ज करा चुका है पहचान

IIT (ISM) धनबाद पहले भी विषयवार QS रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन कर चुका है।
Mineral & Mining Engineering में भारत में प्रथम और दुनिया में 21वां स्थान।
Petroleum Engineering में 151-175 वैश्विक रैंक बैंड।
Mechanical Engineering पहली बार 501-575 वैश्विक रैंक बैंड में शामिल।
QS World University Ranking South Asia 2026 में 110वां स्थान।

इन उपलब्धियों ने संस्थान की वैश्विक प्रतिष्ठा को लगातार मजबूत किया है।

झारखंड के लिए भी गर्व का क्षण

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि QS World University Ranking 2027 में मिली यह सफलता न केवल IIT (ISM) धनबाद बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है। इससे राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की नई प्रेरणा मिलेगी।संस्थान के दूसरे शताब्दी वर्ष की शुरुआत में मिली यह उपलब्धि आने वाले समय में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।