बिहार: भरत तिवारी एनकाउंटर की गूंज राष्ट्रपति भवन तक, मुख्य सचिव को जांच और कार्रवाई के निर्देश

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं सोशल मीडिया पर पुलिस को धमकी देने के आरोप में यूपी के दीपक दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है।

बिहार: भरत तिवारी एनकाउंटर की गूंज राष्ट्रपति भवन तक, मुख्य सचिव को जांच और कार्रवाई के निर्देश
भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा मोड़ >

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     Highlights:

  • राष्ट्रपति सचिवालय ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर संज्ञान लिया
  • सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह की ईमेल याचिका पर हुई कार्रवाई
  • बिहार के मुख्य सचिव को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश
  • एनकाउंटर में नामजद पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग
  • मामले से जुड़े सोशल मीडिया विवाद में यूपी के दीपक दीक्षित पर एफआईआर की तैयारी

नई दिल्ली/भोजपुर(Threesocieties.com Desk): बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की गूंज अब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच गई है। राष्ट्रपति सचिवालय ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव को जांच कर उचित कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है।

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जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने 24 जून को राष्ट्रपति को ईमेल के माध्यम से एक याचिका भेजी थी। याचिका में भरत तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें नामजद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।

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आरोपित पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग

अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर नामजद सभी आरोपितों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। इनमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, संबंधित थानाध्यक्ष और एसटीएफ के जवान भी शामिल बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराना है। राष्ट्रपति सचिवालय से कार्रवाई संबंधी ईमेल प्राप्त होने के बाद अब वे बिहार के मुख्य सचिव से मुलाकात कर आगे की कार्रवाई की मांग करेंगे।

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सोशल मीडिया विवाद में दीपक दीक्षित पर एफआईआर की तैयारी

इधर, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जुड़े सोशल मीडिया विवाद ने भी नया मोड़ ले लिया है। भोजपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी दीपक दीक्षित उर्फ पंडित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।पुलिस का आरोप है कि दीपक दीक्षित ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को गोली मारने की धमकी दी और भड़काऊ पोस्ट साझा किए। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और हिंसा के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया गया है।

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पुलिस के अनुसार, आरोपी ने जरूरत पड़ने पर उत्तर प्रदेश से हथियार लाने तक की बात कही थी, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया है। आरा साइबर थाना इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

पुलिस ने गिनाए पुराने आपराधिक मामले

भोजपुर पुलिस के मुताबिक, दीपक दीक्षित का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित विभिन्न थानों में उसके खिलाफ दुष्कर्म, छेड़खानी, फोटो और वीडियो वायरल करने तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे मामलों में केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए हिंसा फैलाने या पुलिस अधिकारियों को धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे कई राज

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच के दौरान पुलिस अब तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। घटना के बाद जब्त किए गए भरत तिवारी के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से संबंधित वीडियो या अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराएं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

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बढ़ी मामले की संवेदनशीलता

राष्ट्रपति सचिवालय के हस्तक्षेप और मुख्य सचिव को भेजे गए निर्देशों के बाद यह मामला अब केवल भोजपुर या बिहार तक सीमित नहीं रह गया है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।

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भरत पूरे भारत का था'; भोजपुर में बेटे की तेरहवीं पर पिता का भावुक संदेश

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मंगलवार को तेरहवीं (ब्रह्मभोज) को लेकर गांव में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं।तेरहवीं समारोह के लिए गांव में बड़े-बड़े दो वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए हैं। भोजन बनाने का कार्य अंतिम चरण में है। करजा, बिलौटी और ब्रह्मपुर क्षेत्र के करीब 100 कारीगर लगातार भोजन तैयार करने में जुटे हैं।

बिना लहसुन-प्याज का भोजन
भरत भूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेरहवीं में कितने लोग आएंगे, इसका कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता।  लेकिन जो भी आएगा उसे प्रसाद स्वरूप भोजन अवश्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी को निमंत्रण या संख्या की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। काशीनाथ तिवारी ने कहा, उसका नाम भरत था, इसलिए वह पूरे भारत का था। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग सहयोग कर रहे हैं। भोजन पूरी तरह सात्विक होगा और बिना लहसुन-प्याज के तैयार किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि भरत भूषण तिवारी 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसके एनकाउंटर के बाद से ही यह मामला लगातार चर्चा में है।