बिहार: बड़हिया में ‘हेल्थ रिवोल्यूशन’ की शुरुआत: डॉ. कृष्णपाल सिंह का 200 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भूमिपूजन
बिहार के बड़हिया में विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. कृष्णपाल सिंह ने 200 बेड के सुपर स्पेशलिटी “बाल्मीकि सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल” का भूमि पूजन किया। इस परियोजना से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
लखीसराय (Threesocieties.com Desk): बिहार के बड़हिया के लिए आज का दिन ऐतिहासिक और गौरवशाली बन गया। विश्व के 24 देशों में न्यूक्लियर पावर रिएक्टर बनाने वाली कंपनी Holtec International के प्रेसिडेंट एवं सीईओ और बड़हिया की धरती के लाल डॉ. कृष्णपाल सिंह ने अपने पिता के नाम पर 200 बेड के अत्याधुनिक “बाल्मीकि सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल” का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी है।
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यह परियोजना न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
करीब सवा 4 बीघे जमीन पर बनने वाला यह हॉस्पिटल 5 मंजिला होगा और इसमें कुल 5 ब्लॉक तैयार किए जाएंगे। यह एक सुपर मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल होगा, जहां आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध होगी। सालों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी झेल रहे बड़हिया और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए यह परियोजना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं मानी जा रही है।
नर्सिंग कॉलेज भी बनेगा
इस प्रोजेक्ट की एक खास बात यह है कि हॉस्पिटल के साथ-साथ एक नर्सिंग कॉलेज भी स्थापित किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
वैश्विक वैज्ञानिक का अपनी मिट्टी से जुड़ाव
डॉ. कृष्णपाल सिंह के पास न्यूक्लियर एनर्जी से जुड़े 350 से अधिक पेटेंट हैं और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक माने जाते हैं। अपने व्यस्त वैश्विक करियर के बावजूद उन्होंने अपनी जन्मभूमि के विकास के लिए जो कदम उठाया है, वह युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा उदाहरण है।
पांच साल पहले किए वादे से आगे बढ़कर काम
स्थानीय लोगों के अनुसार, डॉ. सिंह ने करीब पांच साल पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बड़हिया के विकास को लेकर जो वादे किए थे, अब वे उन्हें उससे भी आगे बढ़कर पूरा कर रहे हैं।
क्षेत्र के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
200 बेड का अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
5 मंजिला, 5 ब्लॉक का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
नर्सिंग कॉलेज के जरिए रोजगार और शिक्षा
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
क्षेत्रीय स्तर पर मेडिकल हब बनने की संभावना
चिकित्सा क्रांति की ओर कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले समय में बड़हिया को एक मेडिकल हब के रूप में स्थापित कर सकती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी राहत मिलेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
संस्थापक: डॉ. कृष्णपाल सिंह (CEO, हॉल्टेक इंटरनेशनल), जो 350+ पेटेंट्स के साथ विश्वस्तरीय वैज्ञानिक हैं।
हॉस्पिटल का नाम: बाल्मीकि सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल, बड़हिया।
क्षमता: 200 बेड के अत्याधुनिक सुपर मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल।
अवसंरचना: सवा 4 बीघे जमीन पर 5 मंजिला, 5 ब्लॉक का निर्माण।
अतिरिक्त सुविधाएं: स्थानीय युवाओं के लिए एक नर्सिंग कॉलेज भी स्थापित किया जायेगा।
यह परियोजना बड़हिया के लिए एक दूरदर्शी सौगात है जो वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करेगी। यह डॉ. सिंह की अपनी जन्मभूमि के प्रति प्रतिबद्धता और समर्पण का एक अद्भुत उदाहरण है।
डॉ. कृष्णपाल सिंहको जानें
बड़हिया के कृष्णपाल सिंह (K.P सिंह) जो नासा में वैज्ञानिक रह चुके है। इस समय अमेरिका में हॉलटेक इंटरनेशनल (न्यूक्लियर पावर प्लांट) कंपनी- हालटेक इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट एंड सीईओ है। उच्च विद्यालय बड़हिया और बीआईटी सिंदरी के पूर्व छात्र डॉ. केपी सिंह ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री केयर फंड में एक मिलियन यूएस डालर का सहयोग दिया था। बीआईटी सिंदरी के पूर्ववर्ती छात्र डॉ. केपी सिंह की कंपनी हालटेक इंटरनेशनल न्यूक्लियर वेस्ट डिस्पोजल तकनीकी का विकास करने, न्यूक्लियर रिएक्टर का डिजाइन तैयार करने और न्यूक्लियर उर्जा का भंडारण करने के तकनीकी विकसित करने वाली यूएसए आधारित कंपनी है। डॉ. सिंह ने बीआईटी सिंदरी के नार्थ अमेरिका एल्यूमिनाई एसोसिएशन को प्रधानमंत्री केयर फंड के लिए एक मिलियन यू एस डालर का सहयोग दिया था।






