कोलकाता एयरपोर्ट से दबोचा गया ‘मिस्टर इंडिया’! प्रिंस खान का दिमाग मेजर गिरफ्तार, धनबाद लाने की तैयारी तेज

कोलकाता एयरपोर्ट से प्रिंस खान गैंग के “थिंक टैंक” सैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी। इंटरपोल की मदद से हुई कार्रवाई के बाद धनबाद पुलिस ट्रांजिट रिमांड का इंतजार कर रही है। रंगदारी नेटवर्क के बड़े खुलासे की उम्मीद।

कोलकाता एयरपोर्ट से दबोचा गया ‘मिस्टर इंडिया’! प्रिंस खान का दिमाग मेजर गिरफ्तार, धनबाद लाने की तैयारी तेज
कोलकाता पुलिस की कस्टडी में मेजर।

                 HighLights

  • इंटरपोल की मदद से दुबई से लौटते ही मेजर गिरफ्तार
  • कोलकाता पुलिस कर रही पूछताछ, ट्रांजिट रिमांड का इंतजार
  • प्रिंस खान गैंग के फाइनेंस और नेटवर्क का बड़ा खुलासा
  • रंगदारी के करोड़ों के खेल का खुल सकता है राज

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने उसके सबसे भरोसेमंद और “थिंक टैंक” माने जाने वाले सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। दुबई से भारत लौटते ही इंटरपोल के अलर्ट पर उसे हिरासत में लिया गया।

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फिलहाल कोलकाता पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जबकि धनबाद पुलिस ट्रांजिट रिमांड मिलने का इंतजार कर रही है। धनबाद पुलिस की टीम कोलकाता में कैंप कर रही है और कोर्ट से अनुमति मिलते ही मेजर को कड़ी सुरक्षा में धनबाद लाया जाएगा।

भागने की फिराक में था, इंटरपोल ने किया गेम ओवर

सूत्रों के मुताबिक, मेजर दुबई से किसी अन्य देश भागने की योजना बना रहा था। इसकी भनक मिलते ही पुलिस ने इंटरपोल को अलर्ट किया और एयरपोर्ट पर ही उसे दबोच लिया गया। बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी लंबे समय से चल रहे साइलेंट ऑपरेशन का नतीजा है, जिसमें धनबाद से लेकर उत्तर प्रदेश तक दबाव बनाया गया था।

रंगदारी नेटवर्क का मास्टरमाइंड

प्रारंभिक पूछताछ में मेजर ने रंगदारी वसूली के पूरे नेटवर्क, लेन-देन के तरीके और सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी दी है। वीडियो मैसेज भेजकर 50 लाख से 2 करोड़ तक की रंगदारी मांगता था। डिजिटल प्लेटफॉर्म और अलग-अलग माध्यमों से पैसे ट्रांसफर करता था
कई राज्यों में फैले नेटवर्क को ऑपरेट करता था। पुलिस अब इन खुलासों के आधार पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

‘मिस्टर इंडिया’ प्लान हुआ फेल, लंबा आपराधिक रिकार्ड, गैंग में अहम भूमिका

मेजर वासेपुर का वर्तमान ठिकाना कमर मखदुमी रोड है। वह प्रिंस खान का बचपन का करीबी है। उसके खिलाफ धनबाद में 45 से अधिक और झारखंड व पश्चिम बंगाल में कई मामले हैं। रंगदारी, धमकी और फायरिंग की घटनाओं में उसकी सक्रिय भूमिका रही है। मेजर ही प्रिंस खान को छोटे सरकार की उपाधि नवाजा था। जबकि प्रिंस खान मेजर को मिस्टर इंडिया बोलता है। मिस्टर इंडिया फिल्म की तरह एक ऐसा इंसान जो घटना को अंजाम दिलाकर सीन से गायब हो जाता है। ऐसे तो पुलिस ने शक के आधार पर कई मेजर को जेल भेजी थी पर अब वास्तविक मेजर पुलिस के हाथ चढ़े हैं। मेजर की गिरफ्तारी के बाद अब प्रिंस खान गैंग को बड़ा झटका लगा है। उसका नेटवर्क पूरी तरह कमजोर होता नजर आ रहा है।

कौन है सैफी उर्फ मेजर?
मूल निवासी: जौनपुर (उत्तर प्रदेश)
बचपन: वासेपुर, धनबाद
आपराधिक केस: 45+ मामले धनबाद समेत कई राज्यों में
विशेषज्ञता: डिजिटल नेटवर्किंग, अंग्रेजी में दक्ष, तेज दिमाग

सूत्रों के अनुसार, उसकी तकनीकी समझ और तेज दिमाग ने उसे गैंग का सबसे अहम रणनीतिकार बना दिया था।

गैंग में बिखराव, कम हुई रंगदारी की कमाई

पुलिस की लगातार कार्रवाई और एनकाउंटर के बाद प्रिंस खान गैंग कमजोर पड़ चुका है।

रंगदारी का फ्लो घटा
नए लोग गैंग से जुड़ने से कतरा रहे
कई पुराने सदस्य अलग रास्ता अपना रहे

यह भी सामने आया है कि मेजर हाल के महीनों में अपना अलग नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।

अधिकारियों का कोलकाता में डेरा

डीएसपी विधि-व्यवस्था नौशाद आलम और सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष कुमार सत्यम समेत कई अधिकारी कोलकाता में मौजूद हैं। जैसे ही ट्रांजिट रिमांड मिलेगा, मेजर को धनबाद लाकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

पुलिस के लिए बड़ी सफलता

मेजर की गिरफ्तारी को झारखंड पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इससे न केवल प्रिंस खान गैंग की कमर टूटी है, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद भी बढ़ गई है।