बिहार: ‘आपके दर्द को समझता हूं...’ भरत तिवारी की मां से मिले जांच आयोग अध्यक्ष, बोले- सच्चाई सामने लाएंगे

भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच तेज हो गई है। जांच आयोग के अध्यक्ष एवं रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया और घटना से जुड़े फोटो, वीडियो व अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की।

बिहार: ‘आपके दर्द को समझता हूं...’ भरत तिवारी की मां से मिले जांच आयोग अध्यक्ष, बोले- सच्चाई सामने लाएंगे
बिलौटी पहुंचे रिटायर्ड जज, मां से कहा- न्याय जरूर मिलेगा।

 HighLights 

  • न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष एवं रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने बिलौटी पहुंचे
  • परिवार को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया 
  • आयोग ने फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की
  • मृतक के भाई ने पुलिस के कब्जे में मौजूद मोबाइल फोन लौटाने की मांग की
  • परिजनों ने सुरक्षा और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई
  • स्वजन ने आरोप लगाया कि हथियार फेंकने के बाद भी भरत भूषण तिवारी को गोली मारी गई

आरा (Threesocieties.com Desk): भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण की न्यायिक जांच अब तेज हो गई है। गुरुवार को न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष और पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव पहुंचे और मृतक भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी।

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परिवार के सदस्यों से बातचीत के दौरान न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा, "मैं आपके दर्द को समझता हूं। इतनी बड़ी घटना के बाद पीड़ा होना स्वाभाविक है। जांच का उद्देश्य केवल सच्चाई तक पहुंचना और न्याय सुनिश्चित करना है।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होगी तथा किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

फोटो, वीडियो और सभी साक्ष्य मांगे

जांच आयोग के अध्यक्ष ने परिजनों से अपील की कि यदि उनके पास घटना से जुड़े कोई फोटो, वीडियो या अन्य दस्तावेजी साक्ष्य हैं तो उन्हें आयोग को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तैयार की जाएगी। न्यायमूर्ति सिन्हा ने स्पष्ट किया कि घटना से जुड़ी हर जानकारी और हर दावे की गंभीरता से जांच होगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।

मोबाइल फोन लौटाने की उठी मांग

मुलाकात के दौरान मृतक के भाई ने भरत भूषण तिवारी का मोबाइल फोन वापस दिलाने की मांग रखी। उनका कहना था कि घटना के बाद से मोबाइल पुलिस के कब्जे में है। इस पर आयोग अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से बात करेंगे और आवश्यक कदम उठाने का प्रयास करेंगे।

परिवार ने जताई सुरक्षा की चिंता

भरत तिवारी के परिजनों ने आयोग के सामने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि घटना के बाद से परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। इस पर न्यायमूर्ति सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

परिजनों का आरोप- यह एनकाउंटर नहीं, हत्या थी

मुलाकात के दौरान परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भरत भूषण तिवारी ने कथित तौर पर हथियार फेंक दिए थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। परिवार का दावा है कि यह कोई मुठभेड़ नहीं बल्कि हत्या का मामला है। हालांकि, जांच आयोग ने कहा है कि इस आरोप सहित मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

गांव में जुटी रही लोगों की भीड़

न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग बिलौटी गांव में जुट गए। आयोग ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर घटना से जुड़ी जानकारियां एकत्र कीं।

अब सभी की निगाहें न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की सच्चाई आखिर क्या थी और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।