बिहार: ओसामा शहाब को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत, जमीन विवाद केस में गिरफ्तारी पर लगी रोक
पटना हाई कोर्ट ने जमीन विवाद और रंगदारी मामले में राजद विधायक ओसामा शहाब की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने केस डायरी तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई तय की है। शिकायतकर्ता ने जमीन कब्जाने और मारपीट की कोशिश का आरोप लगाया है।
- रंगदारी केस में फिलहाल नहीं होगी गिरफ्तारी
- जमीन कब्जा और रंगदारी केस में RJD विधायक ओसामा शहाब को कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा
- ओसामा शहाब पर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक, केस डायरी तलब
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति और सिवान की सियासी गलियों से जुड़ा एक बड़ा मामला मंगलवार को उस वक्त चर्चा में आ गया, जब पटना हाई कोर्ट ने राजद विधायक ओसामा शहाब को बड़ी राहत दे दी। जमीन विवाद और कथित रंगदारी से जुड़े आपराधिक मामले में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी समेत किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
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पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश अजीत कुमार की एकलपीठ ने ओसामा शहाब की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस केस डायरी तलब की है। यह मामला सिवान जिले के महादेवा थाना कांड संख्या 73/26 से जुड़ा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता डॉ. सुधा सिंह ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 2024 में एक जमीन खरीदी थी। आरोप है कि उसी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से ओसामा शहाब और उनके सहयोगियों ने जबरन निर्माण कार्य रुकवाया और विरोध करने पर मारपीट तथा धमकी देने की कोशिश की। एफआईआर में फरहान, शब्बीर समेत कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है। वहीं, प्राथमिकी में 30 से 35 अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
ओसामा शहाब की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित और अधिवक्ता श्रुति सिंह ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने कहा कि यह मामला पूरी तरह सिविल प्रकृति का है, लेकिन दबाव बनाने और राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से इसे आपराधिक रंग दिया गया है। वकीलों ने अदालत को यह भी बताया कि प्राथमिकी में ओसामा शहाब के खिलाफ कोई स्पष्ट और प्रत्यक्ष आरोप नहीं लगाया गया है। केवल सामान्य रूप से कई लोगों का नाम लिया गया है।
पहले निचली अदालत से नहीं मिली थी राहत
गौरतलब है कि इससे पहले सिवान के सत्र न्यायाधीश ने 28 अप्रैल 2026 को ओसामा शहाब की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
ओसामा शहाब पूर्व सांसद और चर्चित बाहुबली नेता Mohammad Shahabuddin के बेटे हैं। हाई कोर्ट से मिली इस राहत के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों की नजर अब अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।






