बिहार:“अपराधियों को माला पहनाने की जरूरत नहीं, माला चढ़ाइए” : CM सम्राट चौधरी ने पुलिस को दी खुली छूट
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने DM-SP बैठक में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बच्चियों से जुड़े अपराधों पर त्वरित एक्शन, 48 घंटे में गिरफ्तारी और 12-13 दिनों में पूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
- बच्चियों के खिलाफ अपराध पर सख्त चेतावनी
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में बढ़ते अपराध और बच्चियों के खिलाफ हो रहे जघन्य अपराधों पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को खुली छूट दे दी है। गुरुवार को पटना स्थित अधिवेशन भवन में सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा— “अपराधियों को माला पहनाने की जरूरत नहीं है, माला चढ़ाइए।”
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने आज अधिवेशन भवन में राज्य के सभी जिलों के जिला पदाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला एवं समीक्षात्मक बैठक का शुभारंभ किया। pic.twitter.com/9BVpk0JeyY
— CMO Bihar (@officecmbihar) April 30, 2026
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बिहार में पिछले 24 घंटे के भीतर दो बड़े पुलिस एनकाउंटर हुए हैं। एक मामले में हत्या के आरोपी को पुलिस ने ढेर कर दिया, जबकि दूसरे आरोपी को मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर घायल किया गया।
बच्चियों से जुड़े अपराध पर सबसे सख्त संदेश
यह सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद डीएम और एसपी के साथ उनकी पहली बड़ी समीक्षा बैठक थी। इस दौरान कानून-व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसेवा वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने कहा, “जो अपराधी 10-12 साल की बच्चियों के साथ अपराध करता है, उसे माला पहनाने की जरूरत नहीं, बल्कि उसकी तस्वीर पर माला चढ़ा दीजिए। मृत बच्चियों की तेरहवीं से पहले अपराधी जेल में होना चाहिए।” सीएम ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति छोटी बच्चियों के साथ अपराध कर सकता है, वह समाज ही नहीं, अपने परिवार के लिए भी खतरा है।
48 घंटे में गिरफ्तारी, 12-13 दिनों में पूरा एक्शन
मुख्यमंत्री ने हत्या समेत सभी गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी आपराधिक घटना के 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही समय पर चार्जशीट दाखिल करने और 12 से 13 दिनों के भीतर पूरी कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया, ताकि जनता को प्रशासन की तत्परता साफ दिखाई दे। उन्होंने कहा कि ब्लॉक, अंचल और थानों की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी।
उद्योगपतियों को सुरक्षा, अफसर समय पर ऑफिस में बैठें
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में निवेश बढ़ाने के लिए उद्योगपतियों को सुरक्षा देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक नियमित रूप से कार्यालय में बैठें, ताकि आम जनता को भटकना न पड़े। उन्होंने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर भी सख्त संदेश देते हुए कहा— “जनता को भटकाने या काम लटकाने की प्रवृत्ति अब खत्म होनी चाहिए।”
स्वास्थ्य व्यवस्था पर फोकस : रेफर कल्चर खत्म करें
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बिना जरूरत बड़े शहरों या दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की आदत खत्म की जाए। उन्होंने कहा कि जिला और अनुमंडल अस्पतालों को मजबूत बनाया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर इलाज अपने ही जिले में मिल सके।
शिक्षा सुधार : मॉडल स्कूल बनेंगे नेतरहाट और सिमुलतला जैसे
शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूलों को नेतरहाट और सिमुलतला की तर्ज पर विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर प्रखंड में गुणवत्तापूर्ण सरकारी स्कूल बनाए जाएं ताकि अभिभावकों का भरोसा सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर फिर से मजबूत हो।
24 घंटे में दो बड़े एनकाउंटर
1. भागलपुर एनकाउंटर: भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण प्रसाद की हत्या करने वाले आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने बुधवार तड़के एनकाउंटर में मार गिराया।
2. सीवान एनकाउंटर: पूर्व भाजपा एमएलसी मनोज सिंह के भांजे की हत्या के आरोपी छोटू यादव को भी गुरुवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर दिया। उसे पैर में गोली लगी है।
इन दोनों घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री का “माला चढ़ाइए” वाला बयान बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है।
सियासत भी तेज
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे एनकाउंटर राजनीति बता रहा है, जबकि सरकार इसे अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी सख्ती बता रही है। फिलहाल इतना तय है कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ सरकार अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर आगे बढ़ रही है।






