30,000 करोड़ की संपत्ति पर हाईकोर्ट की रोक: करिश्मा कपूर के बच्चों को बड़ी राहत, प्रिया सचदेव नहीं बेच पाएंगी प्रॉपर्टी

दिल्ली हाई कोर्ट ने करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा को बड़ी राहत देते हुए दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की 30,000 करोड़ की संपत्ति के लेन-देन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रिया सचदेव कपूर को संपत्ति बेचने, ट्रांसफर करने और बैंक खातों के उपयोग से फिलहाल रोक दिया है।

30,000 करोड़ की संपत्ति पर हाईकोर्ट की रोक: करिश्मा कपूर के बच्चों को बड़ी राहत, प्रिया सचदेव नहीं बेच पाएंगी प्रॉपर्टी
दिवंगत संजय कपूर की फैमिली।
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति को लेकर बड़ा अंतरिम आदेश सुनाया
  • बैंक अकाउंट, विदेशी खाते और क्रिप्टो होल्डिंग्स पर भी लगी रोक

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk):फिल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों कियान कपूर और समायरा कपूर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की करीब 30,000 करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर बड़ा अंतरिम आदेश सुनाते हुए उनकी तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर को फिलहाल किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से रोक दिया है।

यह भी पढ़ें: ICSE ISC Results 2026: धनबाद की अंशिका मोदी ने रचा इतिहास, 99% अंकों के साथ बनीं झारखंड टॉपर

कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि अंतिम फैसला आने तक संजय कपूर की पूरी संपत्ति को “जैसी है वैसी” स्थिति में सुरक्षित रखा जाएगा। यानी न तो संपत्ति बेची जा सकेगी, न ट्रांसफर होगी और न ही किसी प्रकार का वित्तीय हस्तांतरण किया जा सकेगा।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद करिश्मा कपूर के बच्चों और उनकी सौतेली मां प्रिया सचदेव कपूर के बीच चल रहा है। संजय कपूर के निधन के बाद एक वसीयत सामने आई, जिस पर कियान और समायरा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। बच्चों का आरोप है कि यह वसीयत संदिग्ध है और इसमें उनके वैधानिक अधिकारों को नजरअंदाज किया गया है। उनका कहना है कि संपत्ति के बंटवारे में पारदर्शिता नहीं बरती गई और संभव है कि दस्तावेजों में हेरफेर की गई हो। इसी आशंका के चलते उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर संपत्ति की सुरक्षा की मांग की थी।

कोर्ट को क्यों हुआ शक?

दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने सुनवाई के दौरान कई गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने पाया कि— कथित वसीयत कहीं भी रजिस्टर्ड नहीं है। वसीयत में कई महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं हैं। संपत्ति का सबसे बड़ा लाभ केवल प्रिया सचदेव कपूर को मिलता दिखाई दे रहा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि वसीयत की प्रामाणिकता की गहन जांच आवश्यक है।

प्रिया सचदेव कपूर पर क्या-क्या लगी रोक?

कोर्ट ने बच्चों के हितों की रक्षा के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए हैं—

संजय कपूर की संपत्ति का कोई हिस्सा बेचा नहीं जा सकेगा
बैंक खातों से धन का ट्रांसफर नहीं होगा
विदेशी बैंक अकाउंट्स फिलहाल निष्क्रिय रहेंगे
क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स का उपयोग नहीं किया जा सकेगा
हर वित्तीय लेन-देन का पूरा हिसाब अदालत को देना होगा

अदालत ने कहा कि लंबी सुनवाई के दौरान संपत्ति को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है ताकि अंतिम फैसले तक उसकी स्थिति में कोई बदलाव न हो।

30 हजार करोड़ की संपत्ति छोड़ गए संजय कपूर

देश के बड़े उद्योगपतियों में शामिल संजय कपूर का पिछले वर्ष जून में लंदन में निधन हो गया था। वे अपने पीछे लगभग 30,000 करोड़ रुपए की संपत्ति छोड़ गए हैं। संजय कपूर और करिश्मा कपूर के दो बच्चे—कियान और समायरा—इस संपत्ति में अपने वैधानिक अधिकार का दावा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रिया कपूर ने उनके पिता के नाम पर फर्जी वसीयत तैयार कर अधूरी संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है पारिवारिक विवाद

इस परिवार से जुड़ा एक अन्य मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है। संजय कपूर की 80 वर्षीय मां रानी कपूर ने पारिवारिक न्यास (Family Trust) को ‘अमान्य’ घोषित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 में उनके नाम पर गठित ट्रस्ट जाली और धोखाधड़ी वाले दस्तावेजों के आधार पर बनाया गया था। सुप्रीम Court ने प्रिया कपूर और अन्य पक्षों को नोटिस जारी करते हुए मध्यस्थता का विकल्प अपनाने की सलाह दी है। कोर्ट ने टिप्पणी की—“आप सब क्यों लड़ रहे हैं? यह लड़ने की उम्र नहीं है।”

आगे क्या?

अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान प्रिया सचदेव कपूर को बच्चों द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देना होगा। कोर्ट ने साफ कहा है कि वसीयत की सच्चाई साबित करने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। फिलहाल, करिश्मा कपूर के बच्चों के लिए यह फैसला बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला बॉलीवुड और कॉर्पोरेट जगत दोनों में बड़ी चर्चा का विषय बना रहेगा।

करिश्मा कपूर की पूर्व सास को सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 80 साल लड़ने की उम्र नहीं, प्रिया को नोटिस 

संजय कपूर के लंदन में असमय निधन को एक साल हो गया है। तब से बहुत कुछ बदल गया है। संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर और उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर में भी बदलाव आया है। इसकी शुरुआत तब हुई जब करिश्मा ने अपने बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर की ओर से प्रिया कपूर के खिलाफ उत्तराधिकार का मुकदमा दायर किया। बाद में, करिश्मा कपूर की एक्स सास ने भी संपत्ति विवाद को लेकर अपनी बहू प्रिया कपूर के खिलाफ मुकदमा दायर करके इस कानूनी लड़ाई में हिस्सा लिया। अब कोर्ट ने रानी कपूर को बीच का रास्ता निकालने का सुझाव दिया है।  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर से उनकी मां द्वारा दायर मुकदमे पर जवाब मांगा है। मां ने पारिवारिक ट्रस्ट को अमान्य घोषित करने की मांग की है।

कोर्ट ने रानी कपूर से कहा
जस्टिस जे बी परदीवाला और विजय बिश्नोई की पीठ ने 80 वर्षीय रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर प्रिया कपूर और अन्य को नोटिस जारी किया है। रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर गठित ट्रस्ट जाली, मनगढ़ंत और धोखाधड़ी वाले दस्तावेजों का परिणाम है। सुप्रीम कोर्ट ने सोना ग्रुप फैमिली ट्रस्ट विवाद में शामिल पक्षकारों को मध्यस्थता का विकल्प चुनने को कहा है। पीठ ने रानी कपूर के वकील से कहा, 'आप सब क्यों लड़ रहे हैं? यह आपके मुवक्किल के लड़ने की उम्र नहीं है। एक बार में ही मध्यस्थता का रास्ता अपनाएं। अन्यथा, यह सब व्यर्थ है। आप 80 साल की हैं। यह आपके मुवक्किल के लड़ने की उम्र नहीं है।' अदालत ने मामले की सुनवाई 7 मई को तय की है।

संपत्ति फ्रीज हो: रानी कपूर 
रानी कपूर ने कहा यह मामला उनके बेटे संजय कपूर की मौत के बाद छोड़ी गई करोड़ों डॉलर की संपत्ति से जुड़ा है। रानी कपूर का दावा है कि उनकी जानकारी के बिना एक पारिवारिक ट्रस्ट बनाया गया है, जो उनकी विरासत और संपत्ति से उन्हें वंचित करने का एक अनुचित तरीका है। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय से मामले की सुनवाई जारी रहने तक संपत्ति को फ्रीज करने और अपने अधिकारों की रक्षा करने का अनुरोध किया। हालांकि, उनकी याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद, उन्होंने शीर्ष न्यायाधीश से मदद करने का अनुरोध किया कि असली मालिक का पता चलने से पहले परिवार संपत्ति खर्च न कर दे।

रानी कपूर का गंभीर आरोप
इतना ही नहीं, रानी कपूर ने यह भी दावा किया कि परिवार ने उनकी कमजोर स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि 2017 में, जब वह स्ट्रोक से उबर रही थीं, तब उन्होंने उन पर पेपर्स पर साइन करने का दबाव डाला, जिनमें से कुछ पेपर कागजी कार्रवाई के नाम पर खाली थे। उन्होंने अपने बेटे संजय कपूर और उनकी पत्नी प्रिया पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने उनकी बीमारी का फायदा उठाकर उनकी संपत्ति को पारिवारिक ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया।

प्रिया कपूर ने ननद के खिलाफ की कंपलेन
जवाबी कार्रवाई में, प्रिया ने अपने दिवंगत पति की बहन मंधिरा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। शिकायत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज की गई थी, और इसमें कई पॉडकास्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए झूठे बयान और व्यक्तिगत हमले शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे उनकी प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा है।

प्रिया कपूर की शिकायत में आरोप
प्रिया की ओर से वकील मनिंदर सिंह और स्मृति अस्मिता पेश हो रहे हैं। शिकायत में प्रिया ने कहा है कि सार्वजनिक रूप से सामने आए कंटेंट भ्रामक हैं और आरोप कानूनी प्रक्रिया के बजाय सार्वजनिक तरीकों से उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। उनके वकील ने कहा कि संबंधित कानून के अनुसार यह आपराधिक मामला है। मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में हुई, जहां शुरू में शिकायत दर्ज की गई थी।

फ्लैश बैक

संजय कपूर के निधन के बाद से उनकी प्रॉपर्टी को लेकर बवाल चल रहा है। उनकी मां रानी कपूर और पत्नी प्रिया कपूर कोर्ट मामले में एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। अब कोर्ट ने प्रिया को नोटिस जारी कर रानी कपूर को बीच का रास्ता निकालने का सुझाव दिया है।  रानी कपूर अपने बेटे संजय कपूर की विधवा प्रिया कपूर को करोड़ों की संपत्ति के विवाद को लेकर अदालत ले गईं, जो उनके बेटे के असामयिक निधन के बाद उनके नाम हुई थी।