धनबाद: काम में लापरवाही पड़ी भारी! अंचल अमीन पर कार्रवाई की तैयारी, सीओ ने डीसी को लिखा पत्र
धनबाद अंचल के अमीन भागवत प्रसाद दास पर कर्तव्य में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगा है। सीओ राम प्रवेश कुमार ने डीसी को पत्र लिखकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद अंचल में सरकारी कार्यों में लापरवाही और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करने वाले कर्मियों के खिलाफ प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में धनबाद अंचल के अमीन भागवत प्रसाद दास पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटकती दिख रही है।
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अंचल अधिकारी राम प्रवेश कुमार ने उपायुक्त को पत्र लिखकर अमीन के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगी है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि अमीन द्वारा कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में देरी की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है।
विधानसभा प्रश्न से जुड़ा है मामला
पूरा मामला विधानसभा में पूछे गए एक तारांकित प्रश्न से जुड़ा हुआ है। विधायक मथुरा प्रसाद द्वारा धनबाद नगर निगम क्षेत्र के मल्लिक तालाब (फटिक तालाब) से संबंधित जमीन की मापी को लेकर सवाल उठाया गया था।इस मामले में अंचल अमीन को निर्देश दिया गया था कि वे 3.05 एकड़ भूमि की पूरी मापी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। लेकिन अमीन द्वारा केवल 1.15 एकड़ जमीन की अधूरी रिपोर्ट ही उपलब्ध कराई गई। जब इस पर उनसे दूरभाष के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने पुरानी रिपोर्ट को ही पुनः संलग्न कर भेज दिया, जिससे प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन चिन्हित करने में भी लापरवाही
अंचल अधिकारी ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि जिले में 181 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि चिन्हित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन अमीन की लापरवाही और कार्य के प्रति उदासीनता के कारण अब तक केवल 27 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए ही जमीन चिन्हित की जा सकी है और उसकी रिपोर्ट जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को भेजी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्य काफी समय से लंबित है और बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रगति बेहद धीमी रही।
सेवा आचार नियमावली का उल्लंघन
अंचल अधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि अमीन का यह व्यवहार सरकारी सेवा आचार नियमावली 1976 के नियम 3(1)(ii) और 3(3) के प्रतिकूल है। इन्हीं गंभीर अनियमितताओं और कार्य में शिथिलता को देखते हुए अंचल अधिकारी ने उपायुक्त से भागवत प्रसाद दास के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगी है।
प्रशासन सख्त, जल्द हो सकता है फैसला
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन अब सख्ती दिखा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि डीसी स्तर से जल्द ही इस मामले में कोई निर्णय लिया जा सकता है।अगर आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अमीन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई भी संभव है।






