धनबाद: अनाथ विद्यालय पोखरिया के तीन बच्चों ने रचा इतिहास, मैट्रिक में प्रथम श्रेणी से चमके आरती, दीपक और अनिल

धनबाद के पूर्वी टुंडी स्थित पोखरिया अनाथ आवासीय विद्यालय के तीन विद्यार्थियों ने मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से सफलता हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। आरती कुमारी, दीपक महतो और अनिल हांसदा की इस उपलब्धि पर टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने बधाई दी।

धनबाद: अनाथ विद्यालय पोखरिया के तीन बच्चों ने रचा इतिहास, मैट्रिक में प्रथम श्रेणी से चमके आरती, दीपक और अनिल
मैट्रिक में प्रथम श्रेणी सेपास तीनों बच्चे।
  • छात्रों ने विपरीत परिस्थितियों को हराकर हासिल की शानदार सफलता
  • टुंडी विधायक मथुरा महतो ने बढ़ाया हौसला

धनबाद (Threesocieties.com Desk): विपरीत परिस्थितियों में भी अगर हौसले बुलंद हों, तो सफलता कदम चूमती है। इसका जीवंत उदाहरण पूर्वी टुंडी के पोखरिया स्थित अनाथ आवासीय विद्यालय के तीन विद्यार्थियों ने पेश किया है। इस वर्ष आयोजित मैट्रिक परीक्षा में विद्यालय के तीन छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी से सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

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विद्यालय की छात्रा आरती कुमारी ने 386 अंक प्राप्त कर 77.2 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं दीपक महतो ने 380 अंक लाकर 76 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके अलावा अनिल हांसदा ने 336 अंक प्राप्त कर 67.2 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में सफलता दर्ज की। इन तीनों विद्यार्थियों की इस शानदार उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी और गर्व का माहौल है। शिक्षकों और अन्य विद्यार्थियों ने भी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्यालय के संस्थापक सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने मेधावी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन बच्चों ने जो सफलता हासिल की है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

विधायक ने कहा, “इन बच्चों ने संघर्षों के बीच अपनी प्रतिभा साबित की है। यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। आने वाले समय में ये बच्चे समाज के लिए प्रेरणा बनेंगे।”विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि बच्चों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और सामाजिक सहयोग के कारण यह सफलता संभव हो सकी। आने वाले वर्षों में और बेहतर परिणाम देने के लिए विद्यालय लगातार प्रयासरत है।

ग्रामीणों ने भी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अनाथ आवासीय विद्यालय जैसे संस्थान समाज के वंचित बच्चों के लिए उम्मीद की किरण हैं। यहां से निकलने वाले बच्चे शिक्षा के बल पर अपना भविष्य संवार रहे हैं। यह सफलता सिर्फ तीन विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उस विश्वास की जीत है कि हालात चाहे जैसे भी हों, शिक्षा ही भविष्य बदलने की सबसे बड़ी ताकत है।