धनबाद में ‘धरती फटी’: झरिया के धर्मनगर में घरों में बड़ी दरारें, रातों-रात बेघर हुए लोग; BCCL पर पुनर्वास का दबाव
धनबाद के झरिया स्थित धर्मनगर में जमीन और घरों में अचानक दरारें पड़ने से हड़कंप मच गया। करीब एक दर्जन घर प्रभावित, लोग घर छोड़ने को मजबूर। बीसीसीएल से तत्काल पुनर्वास की मांग तेज।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल के संवेदनशील इलाके झरिया में एक बार फिर जमीन धंसने और दरार पड़ने की भयावह तस्वीर सामने आई है। चौथाई कुल्ही स्थित धर्मनगर में बुधवार को अचानक जमीन और घरों में दरारें पड़ने से इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते कई घरों की दीवारें और फर्श चटकने लगे, जिससे लोग जान बचाकर घरों से बाहर भागने को मजबूर हो गए।
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कुछ ही मिनटों में ‘दो हिस्सों’ में बंट गए घर
स्थानीय लोगों के अनुसार, शुरुआत में जमीन पर हल्की दरार दिखाई दी, लेकिन कुछ ही देर में यह तेजी से चौड़ी होती चली गई। हालात ऐसे हो गए कि कई घर मानो दो हिस्सों में बंट गए। घबराए लोगों ने तुरंत अपने घर खाली कर दिए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। वर्षों से यहां रह रहे लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी भयावह स्थिति नहीं देखी।

एक दर्जन घर प्रभावित, 9 मकान बेहद खतरनाक
घटना में करीब एक दर्जन घरों में दरारें आई हैं, जिनमें से 9 मकान बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके हैं। प्रभावित परिवारों में सलीम सिद्दीकी, प्रदीप गोप, राजू खान, अख्तर खान, गणेश साव, कैलाश कुमार, महजदी खातून और मो. सोनू समेत कई लोग शामिल हैं। लोग अपना सामान बाहर निकालकर पड़ोसियों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
मौके पर पहुंचे मेयर, विधायक और BCCL अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही धनबाद के मेयर संजीव सिंह, विधायक रागिनी सिंह, झरिया के अंचल अधिकारी और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान लोगों में प्रशासन और बीसीसीएल के प्रति नाराजगी भी साफ देखने को मिली।
बेलगढ़िया में शिफ्टिंग की तैयारी
निरीक्षण के दौरान बीसीसीएल अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को बेलगढ़िया में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा।मेयर संजीव सिंह ने कहा कि यह इलाका पुराने खनन क्षेत्र में आता है, जहां जमीन अंदर से खोखली हो चुकी है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
‘बरसात से पहले हटाएं खतरनाक इलाके’ – विधायक की चेतावनी
विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि पहले ही बीसीसीएल को खतरनाक क्षेत्रों की पहचान कर लोगों को हटाने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर भविष्य में कोई बड़ी घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी बीसीसीएल और जिला प्रशासन की होगी।
भूमिगत खनन और आग को माना जा रहा कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र बस्ताकोला एरिया नंबर 9 के अंतर्गत आता है, जो पहले से ही भू-धंसान और भूमिगत आग की समस्या से जूझता रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुरानी खनन सुरंगों और जमीन के अंदर लगी आग के कारण जमीन कमजोर हो जाती है, जिससे इस तरह की घटनाएं होती हैं।
BCCL से तत्काल पुनर्वास की मांग
घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने बीसीसीएल से तत्काल स्थायी पुनर्वास की मांग की है। लोगों का कहना है कि अब इस इलाके में रहना जान जोखिम में डालने जैसा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
झरिया में फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर झरिया में जारी अवैध और पुराने खनन के खतरों को उजागर करती है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक लोग ऐसी जानलेवा परिस्थितियों में रहने को मजबूर रहेंगे और कब मिलेगा उन्हें सुरक्षित जीवन का अधिकार।
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