इंडियन आर्मी ने नये साल पर गलवन घाटी में फहराया तिरंगा, ड्रैगन के दुष्प्रचार का करारा जबाव  

इंडिया ने गलवन घाटी में तिरंगा लहराते इंडियन आर्मी फोटो के  साथ चीन के दुष्प्रचार का करारा जवाब दिया है। इस फोटो में गलवन नदी के निकट चौतरफा जमी बर्फ की चादरों के बीच जोशीले अंदाज में विशाल तिरंगा लहराते हुए इंडियन गलवन घाटी में अपने प्रभुत्व संदेश दे रहे हैं। 

इंडियन आर्मी ने नये साल पर गलवन घाटी में फहराया तिरंगा, ड्रैगन के दुष्प्रचार का करारा जबाव  

Advertisement

नई दिल्ली। इंडिया ने गलवन घाटी में तिरंगा लहराते इंडियन आर्मी फोटो के  साथ चीन के दुष्प्रचार का करारा जवाब दिया है। इस फोटो में गलवन नदी के निकट चौतरफा जमी बर्फ की चादरों के बीच जोशीले अंदाज में विशाल तिरंगा लहराते हुए इंडियन गलवन घाटी में अपने प्रभुत्व संदेश दे रहे हैं। 

धनबाद: झरिया बाटा मोड़ में जाम में फंसा एंबुलेंस, महिला पेसेंट की मौत
चीन के दुष्प्रचार से उत्पन्न गफलत का जवाब

इंडियन आर्मी के निरीक्षण पोस्ट के सामने नये साल पर अपने राइफल के साथ चीन के दुष्प्रचार का जवाब देते हुए जवान एलएसी पर चीन की चुनौती का मजबूती से जवाब देने का भी संदेश देते नजर आ रहे हैं। इस फोटो भारत ने साफ किया है कि गलवन घाटी की मौजूदा जमीनी यथास्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। चीनी आर्मी (पीएलए) द्वारा तीन दिन पहले जारी वीडियो के जवाब में भारतीय सैन्य प्रतिष्ठान तंत्र से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को गलवन घाटी में तिरंगा लहराते इंडियन आर्मी की दो फोटो जारी की। पीएलए ने वीडियो में चीन का झंडा लहराते अपने आर्मी की छोटी फुटेज सरकारी प्रचार माध्यमों के जरिये जारी की थी। इसमें चीनी आर्मी अपने देशवासियों को नये साल की शुभकामनाएं दे रहे हैं। इस वीडियो में पीछे एक पोस्टर भी लगा है, जिस पर एक इंच जमीन भी नहीं देने का संदेश लिखा था। चीन के इस वीडियो पर राजनीतिक दलों से लेकर कई विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर करते हुए सेंट्रल गवर्नमेंट से स्थिति साफ करने को कहा था। चीन के दुष्प्रचार से उत्पन्न गफलत का जवाब देने के लिए गलवन में तिरंगा लहराते इंडियन आर्मी की फोटो जारी की गई है।
तिरंगे के साथ आर्मी की फोटो
सोर्सेज ने बताया कि इंडियन आर्मी की यह फोटो एक जनवरी की है, जब वे गलवन के अपने इलाके में अस्थायी सैन्य चौकी पर इकट्ठे हुए। चीनी आर्मी को किसी तरह की गफलत पैदा करने की गुंजाइश न मिले, इसके मद्देनजर तिरंगा लिए सैनिकों के साथ आर्मी की लोकल फार्मेशन का झंडा भी अस्थायी निरीक्षण पोस्ट पर साफ दिखाई दे रहा है। पहली फोटो में लगभग 30 इंडियन आर्मी जोश के साथ तिरंगा लहरा रहे हैं। दूसरी फोटो में वहां बने अस्थायी सैन्य पोस्ट पर लगे पोल पर तिरंगा लहरा रहा है।

चीन का दोहरा चरित्र उजागर

एलएसी पर चीन की चालबाजी और दुष्प्रचार की रणनीति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नये साल के पहले दिन पूर्वी लद्दाख और सिक्किम के इलाके समेत करीब 10 सीमा चौकियों पर पीएलए ने इंडियन आर्मी के साथ मिठाई का आदान-प्रदान कर सद्भावना का दिखावा किया। दूसरी ओर, इसी दौरान भ्रामक वीडियो जारी कर गलवन घाटी के प्रभुत्व को लेकर दुष्प्रचार करने की कोशिश की। चीनी सैनिकों का यह वीडियो गलवन घाटी में चीन के इलाके का है और इंडियन आर्मी की फोटो भी गलवन घाटी में भारत के प्रभुत्व वाले क्षेत्र की है।गलवन से जुड़े पीएलए के भ्रामक वीडियो के बाद चीनी सेना के पैंगोंग झील पर पुल का निर्माण किए जाने की खबरें सीमा पर चीन के लगातार बढ़ते आक्रामक रुख का संकेत दे रही हैं। 
चीनी सेना करवा रही है  पैंगोंग झील पर पुल का निर्माण

गलवन से जुड़े पीएलए के भ्रामक वीडियो के बाद चीनी सेना के पैंगोंग झील पर पुल का निर्माण किये जाने की खबरें सीमा पर चीन के लगातार बढ़ते आक्रामक रुख का संकेत दे रही हैं। कहा  जा रहा है कि पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण छोर के बीच अपने सैनिकों का आवागमन आसान बनाने के लिए फिंगर आठ से लगभग 20 किलेमीटर दूर  दक्षिण में रोटूग मिलिट्री बेस के करीब है। पुल बन जाने के बाद इस इलाके से रोटूग सैन्य बेस की मौजूदा लगभग 150 किलोमीटर की दूरी लगभग 50 किलोमीटर से भी कम रह जायेगी। उल्लेखनीय कि अप्रैल-मई 2020 से पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में चीनी सेना के अतिक्रमण की हरकतों से एलएसी पर भारत और चीन के बीच सैन्य तनातनी का दौर जारी है।