Jharkhand : बन्ना गुप्ता के PS, अफसरों समेत 21 ठिकानों पर ईडी रेड, मिले 20 लाख कैश व संपत्ति के दस्तावेज
ईडी ने आयुष्मान घोटाले में झारखंड के एक्स हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता के पीएस ओम प्रकाश, गवर्नमेंट अफसरों सहित अन्य के कुल 21 ठिकानों पर रेड मारा है। इनमें झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी(झसास) के एडिशनल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अभिषेक श्रीवास्त, सीनियर कंसल्टेंट वैभव राय के आलावा सेफवे टीपीए और इंश्यूरेंस कंपनी के स्टाफ के ठिकाने शामिल है।

रांची। ईडी ने आयुष्मान घोटाले में झारखंड के एक्स हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता के पीएस ओम प्रकाश, गवर्नमेंट अफसरों सहित अन्य के कुल 21 ठिकानों पर रेड मारा है। इनमें झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी(झसास) के एडिशनल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अभिषेक श्रीवास्त, सीनियर कंसल्टेंट वैभव राय के आलावा सेफवे टीपीए और इंश्यूरेंस कंपनी के स्टाफ के ठिकाने शामिल है।
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ईडी रेड के दौरान कुल 20 लाख रुपये कैश और निवेश से संबंधित दस्तावेज जब्त किये गये है। हालांकि एक्स हेल्थ मिनिस्टर का पीएस ईडी के हाथ नहीं लगा। वह रेड से पहले घर से बाहर निकला था। ईडी अफसरों के साथ संपर्क होने के बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया।ईडी ने शुक्रवार को आयुष्मान घोटाले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर रेड मारा। झारखंड में रांची,जमशेदपुर, बोकारो के कुल 17 ठिकानों, पश्चिम बंगाल के दो और उत्तर प्रदेश और दिल्ली के एक एक ठिकानों पर रेड की गयी।
ईडी की की टीम ने स्टेट के एक्स हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता के प्राइवेट सेक्रेटरी ओम प्रकाश के जमशेदपुर स्थित ठिकानों पर रेड मारा है। ओम प्रकाश पर घोटाले में शामिल लोगों के साथ करीबी संपर्क रखने का आरोप है। ईडी बन्ना गुप्ता के प्राइवेट सेक्रेटरी के इस घोटाले की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देख रही है। ईडी ने आयुष्मान घोटाले में एडिशनल एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर अभिषेक श्रीवास्तव को नियुक्तियों को आसान बनाने और अवैध लेनदेन को बढ़ावा देने में शामिल पाया है।
ईडी ने प्रारंभिक जांच में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के फर्जी दावों का भुगतान कराने में सीनियर कंसल्टेंट वैभव राय की संलिप्तता पायी है। ईडी ने नीरज कंसल्टेंट कंपनी से जुड़े लोगों को भी रेड के दायरे में शमिल किया है। इसके अलावा फर्जी दावों के भुगतान में थर्ड पार्टी असेसमेंट(टीपीए) का काम करने वाली कंपनी सेफवे टीपीए के स्टाफ दयाशंकर चौधरी , नेशनल इंश्यूरेंस कंपनी कर्मचारी मनीष के ठिकानों पर भी रेड की गयी है।
दयाशंकर चौधरी ने अपना एक हॉस्पिटल भी खोल रखा है। झारखंड में थर्ड पार्टी असेसमेंट का काम सेफवे इंश्यूरेंस ब्रोकर प्राइवेट लिमिटेड की सेफवे टीपीए नामक कंपनी करती है। सेफवे प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर इंद्रजोत सिंह को सरकारी बीमा योजना में गड़बड़ी करने के आरोप में अहमदाबाद सीबीआई कोर्ट पांच साल की सजा सुना चुकी है। झारखंड में भी सेफवे टीपीए के एक कर्मचारी द्वारा अस्पतालों के किये जाने वाले भुगतान में 10 प्रतिशत की दर से कमीशन लेने का वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था।
मुर्दों का इलाज करने वाले सनसाइन हॉस्पिटल में रेड
ईडी ने हजारीबग के सनसाइन हॉस्पिटल पर भी रेड मारा है। इस हॉस्पिटल पर भी मुर्दों का इलाज करने का आरोप लगा था। हॉस्पिटल का लाइसेंस सस्पेंड दिया गया था। हालांकि बाद में हॉस्पिटल चलाने की अनुमति दे दी गयी। इस हॉस्पिटल में एडमिट एक पेसेंट की मौत हो गयी थी, लेकिन आयुष्मान के पोर्टल पर उसका इलाज चल रहा था। जांच के दौरान पेसेंट के नंबर पर फोन कर उसकी स्थिति की जानकारी ली गयी। इसमें इस बात की जानकारी मिली कि पेसेंटकी मौत तीन दिन पहले हो चुकी है। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस घटना के बाद स्टेट गवर्नमेंट के लेवल से हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गयी। हालांकि बाद में इसे बंद कर दिया गया।
यह है मामला
भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा संसद में आयुष्मान योजना पर रिपोर्ट पेश करने के बाद ईडी ने स्वास्थ्य विभाग से योजना में हुई गड़बड़ी और की गयी कार्रवाई से संबंधित जानकारी मांगी थी। जवाब में राज्य सरकार ने ईडी को पत्र भेज कर आयुष्मान योजना में हुई गड़बड़ी और की गयी कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट भेजी थी। साथ ही गड़बड़ी के सिलसिले में दर्ज की गयी एफआइआर की जानकारी दी थी। ईडी ने इन एफआइआर के आधार पर इसीआईआर दर्ज की थी। मामले की प्रारंभिक जांच में ईडी ने पाया कि सुनियोजित साजिश के तहत आयुष्मान भारत योजना में फर्जी दावों के आधार पर अस्पतालों को भुगतान किया गया है। भुगतान करने के लिए फर्जी दस्तावेज का सहारा लिया गया। फर्जी दावों के भुगतान के लिए सरकारी अधिकारियों, थर्ड पार्टी असेसमेंट में लगी कंपनी, इंश्योरेंस कंपनी सहित अन्य लोगों की बीच साजिश रची गयी है।
महत्वपूर्ण लोग और उन पर लगे आरोप
ओम प्रकाश – एक्स हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता का प्राइवेट सेक्रेटरी थे। इन पर फर्जी भुगतान में शामिल लोगों के साथ करीबी संबंध रखने का आरोप है।
वैभव राय – झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के सीनियर कंसल्टेंट थे। इन पर फर्जी क्लेम देने और अस्पतालों के इंपैनलमेंट को प्रभावित करने का आरोप है।
अभिषेक श्रीवास्तव –एक्स एडिशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। इन पर नियुक्ति को आसान बनाने और अवैध लेन देन को बढ़ावा देने का आरोप है।
सेफवे टीपीए के स्टाफ – साजिश रच कर फर्जी दावों को स्वीकार करने का आरोप है।