खामेनेई की विदाई में उमड़ा जनसैलाब: ‘बदला-बदला’ के नारों से गूंजा तेहरान, बेटे मुजतबा रहे नदारद

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई में लाखों लोग तेहरान पहुंचे। 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि रूस, चीन और भारत के शीर्ष नेता समारोह से दूर रहे। ट्रम्प के बयान और बदले के नारों ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

खामेनेई की विदाई में उमड़ा जनसैलाब: ‘बदला-बदला’ के नारों से गूंजा तेहरान, बेटे मुजतबा रहे नदारद

      HighLights

  • पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की अंतिम विदाई की रस्में शुरू
  • सुरक्षा कारणों से बेटे Mojtaba Khamenei समारोह में शामिल नहीं हुए
  • 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल ने अंतिम संस्कार में भाग लिया
  • Russia, China, India और Türkiye ने शीर्ष नेताओं को नहीं भेजा
  • लाखों लोगों ने काले कपड़े पहनकर मातम मनाया और बदले के नारे लगाए
  • अंतिम यात्रा पांच शहरों और दो देशों से गुजरते हुए 9 जुलाई को समाप्त होगी।

तेहरान (Threesocieties.com Desk): ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की अंतिम विदाई की रस्मों ने पूरे मध्य-पूर्व का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राजधानी तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में लाखों लोग काले कपड़े पहनकर पहुंचे और शिया परंपरा के अनुसार मातम मनाया।

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श्रद्धांजलि सभा के दौरान ‘खून बहेगा’, ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘बदला, बदला’ जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। बड़ी संख्या में लोग लाल झंडे लेकर पहुंचे, जिन्हें प्रतिरोध और प्रतिशोध का प्रतीक माना जाता है।

बेटे मुजतबा समारोह से रहे दूर

सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और संभावित खतरों को देखते हुए खामेनेई के बेटे Mojtaba Khamenei सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। ईरानी प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी मौजूदगी को सीमित रखा।

100 से अधिक देशों की मौजूदगी, लेकिन बड़े देशों के शीर्ष नेता गायब

खामेनेई की अंतिम विदाई में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए, लेकिन दुनिया की कई बड़ी शक्तियों ने अपने शीर्ष नेताओं को नहीं भेजा। India की ओर से विदेश राज्य मंत्री Pabitra Margherita और Syed Ata Hasnain ने प्रतिनिधित्व किया। वहीं Pakistan, Iraq, Armenia, Tajikistan और Georgia के शीर्ष नेता खुद समारोह में पहुंचे।

भावुक दिखे ईरान के शीर्ष नेता

श्रद्धांजलि समारोह में ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, चीफ जस्टिस Gholam-Hossein Mohseni-Ejei और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf भावुक नजर आए।

ट्रम्प का बड़ा बयान

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि अमेरिका ने मानवता के आधार पर ईरान को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए "एक सप्ताह का समय" दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ईरान को अमेरिकी शर्तों पर निर्णय लेना होगा।

अंतिम यात्रा पांच शहरों से गुजरेगी

खामेनेई की अंतिम यात्रा तेहरान से शुरू होकर कोम, कर्बला और नजफ होते हुए मशहद पहुंचेगी, जहां 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

तेहरान में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था

अंतिम संस्कार के दौरान राजधानी की सड़कों पर सेना और पुलिस की भारी तैनाती की गई है। मुख्य सरकारी इमारतों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की चौकसी बढ़ा दी गई है। शहर की प्रमुख सड़कों पर सैन्य वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं।

आम लोगों के लिए खास इंतजाम

अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोगों के लिए मेट्रो और सरकारी बस सेवाएं मुफ्त रखी गईं। होटल किराए में 50 फीसदी की छूट दी गई, जबकि स्कूलों और मस्जिदों में ठहरने की व्यवस्था की गई। दूसरे शहरों से लोगों को लाने के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन भी किया गया।

अंतिम संस्कार के बाद फिर शुरू हो सकती है अमेरिका-ईरान वार्ता

सूत्रों के अनुसार खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का अगला दौर शुरू हो सकता है। हालांकि ईरान ने फिलहाल अपने परमाणु ठिकानों के निरीक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाया है और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।