महाबोधि मंदिर में आस्था की बारिश: दानपात्र से निकले ₹2 करोड़, विदेशी भक्तों ने भी खोला खजाना

विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर के दान पात्रों से छह दिनों की गिनती में करीब दो करोड़ रुपये निकले। इसमें डेढ़ करोड़ भारतीय मुद्रा और 50 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा शामिल है। विदेशी श्रद्धालुओं ने भी उदारतापूर्वक दान दिया।

महाबोधि मंदिर में आस्था की बारिश: दानपात्र से निकले ₹2 करोड़, विदेशी भक्तों ने भी खोला खजाना
महाबोधि मंदिर को मिला करोड़ों का दान।

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      Highlights:

  • छह दिनों तक चली दान राशि की गणना प्रक्रिया
  • महाबोधि मंदिर को करीब ₹2 करोड़ का दान प्राप्त हुआ
  • लगभग ₹1.50 करोड़ भारतीय मुद्रा और ₹50 लाख की विदेशी मुद्रा मिली
  • म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम सहित कई देशों के श्रद्धालुओं ने दिया योगदान
  • दान राशि का उपयोग मंदिर रखरखाव और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर होगा

गयाजी (Threesocieties.com Desk): विश्व धरोहर Mahabodhi Temple में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था एक बार फिर दान के रूप में सामने आई है। मंदिर के दान पात्रों में प्राप्त राशि की छह दिनों तक चली गणना गुरुवार को पूरी हुई, जिसमें करीब दो करोड़ रुपये का दान सामने आया है। इसमें लगभग 1.50 करोड़ रुपये भारतीय मुद्रा तथा करीब 50 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा शामिल है।

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मंदिर प्रशासन के अनुसार, दान राशि की गिनती पूरी पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी में की गई। इस प्रक्रिया में नजारथ उप समाहर्ता, Bodh Gaya Temple Management Committee के सचिव, समिति के सदस्य और मंदिर के पुजारी मौजूद रहे।

छह दिनों तक चली गिनती

दान पात्रों को खोलने के बाद लगातार छह दिनों तक नोटों और सिक्कों की गिनती की गई। देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा किए गए दान की मात्रा इतनी अधिक थी कि गणना प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग एक सप्ताह का समय लग गया। गणना पूरी होने के बाद पूरी राशि को State Bank of India की बोधगया शाखा में बीटीएमसी के अधिकृत खाते में जमा करा दिया गया।

विदेशी श्रद्धालुओं ने भी दिखाई उदारता

सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष भी बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालुओं ने महाबोधि मंदिर में उदारतापूर्वक दान दिया। विशेष रूप से Myanmar, Thailand और Vietnam सहित कई बौद्ध देशों के श्रद्धालुओं की ओर से विदेशी मुद्रा में उल्लेखनीय योगदान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा अन्य कई देशों की मुद्राएं भी दान पात्रों से मिली हैं, जिन्हें बैंकिंग नियमों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी कर जमा कराया जाएगा।

मंदिर विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर होगा खर्च

बीटीएमसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दान में प्राप्त राशि का उपयोग मंदिर परिसर के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा अन्य प्रशासनिक और विकास कार्यों पर किया जाएगा।महाबोधि मंदिर दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली में पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं। करीब दो करोड़ रुपये की यह दान राशि इस बात का प्रमाण है कि भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली के प्रति देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है।

इस संबंध में बीटीएमसी की सचिव Dr. Mahashweta Maharathi से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका