सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डायरेक्टर बनाने के नाम पर 72.65 लाख की ठगी, पैसे मांगने पर बंदूक दिखाने का आरोप

रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल और पैथोलॉजी लैब में डायरेक्टर बनाने के नाम पर महिला से 72.65 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पैसे वापस मांगने पर बंदूक दिखाकर धमकी देने और मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है।

सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डायरेक्टर बनाने के नाम पर 72.65 लाख की ठगी, पैसे मांगने पर बंदूक दिखाने का आरोप
डॉक्टर दंपत्ति भी मामले में बने आरोपी।

HighLights:

  • सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल और पैथोलॉजी लैब में पार्टनर बनाने के नाम पर 72.65 लाख रुपये की कथित ठगी
  • महिला से डायरेक्टर पद और शेयर देने का वादा कर करोड़ों के प्रोजेक्ट में निवेश कराया गया
  • पैसे और हिसाब मांगने पर बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप
  • चुटिया थाना में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की गुहार
  • शेयर दस्तावेज सामने आने के बाद कथित हेराफेरी का खुलासा

रांची (Threesocieties.com Desk): राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र से वित्तीय धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला चिकित्सक की पत्नी से नया सुपरस्पेशलिटी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब शुरू करने तथा उसमें डायरेक्टर और पार्टनर बनाने का झांसा देकर 72.65 लाख रुपये की बड़ी रकम वसूल ली गई। इतना ही नहीं, जब पीड़ित परिवार ने निवेश की गई राशि का हिसाब और रिफंड मांगा तो कथित तौर पर उन्हें बंदूक दिखाकर धमकाया गया और मारपीट भी की गई।

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पीड़िता ने चुटिया थाना में लिखित शिकायत देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में पीयूष कुमार, डॉ. डेनिस जेस, डॉ. नेहा अनुपमा शीतल और रंजन डीक्रूज को आरोपी बनाया गया है।

मेडिकल प्रोफेशन की पहचान का उठाया गया फायदा

शिकायत के अनुसार, पीड़िता के पति और आरोपी चिकित्सक एक ही पेशे से जुड़े होने के कारण एक-दूसरे को पहले से जानते थे। इसी परिचय का फायदा उठाकर आरोपियों ने सिरमटोली स्थित एक पैथोलॉजी सेंटर में बैठक की और बताया कि वे एक नया सुपरस्पेशलिटी अस्पताल शुरू कर रहे हैं, जिसमें नए डायरेक्टर और निवेशकों को शामिल किया जाएगा। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को अस्पताल और पैथोलॉजी कारोबार के सुनहरे भविष्य का सपना दिखाया और निवेश के लिए प्रेरित किया।

डायरेक्टर पद और शेयर का लालच देकर वसूले लाखों रुपये

पीड़िता के अनुसार, 5 जनवरी 2022 को एक इंट्रोडक्शन लेटर जारी किया गया, जिसमें उन्हें अस्पताल में डायरेक्टर बनाने और 5 प्रतिशत शेयर देने का भरोसा दिया गया। इसके बदले 50 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 4 लाख रुपये नकद लिए गए।इसके अलावा पैथोलॉजी यूनिट में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का वादा कर 18.65 लाख रुपये और लिए गए। इस तरह कुल 72.65 लाख रुपये का निवेश कराया गया।

न एग्रीमेंट, न शेयर और न ही खातों का हिसाब

आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो किसी तरह का औपचारिक एग्रीमेंट किया गया और न ही पीड़िता को डायरेक्टर बनाया गया। कंपनी में हिस्सेदारी देने और शेयर ट्रांसफर करने का वादा भी पूरा नहीं किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें कंपनी के बैंक खातों, कारोबार के टर्नओवर और खर्चों से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई। ईमेल और कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद आरोपियों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

पैसे मांगने पर बंदूक दिखाकर धमकाने का आरोप

मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़िता के पति अस्पताल पहुंचकर निवेश और हिसाब-किताब के बारे में जानकारी लेने लगे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बैठक के दौरान एक आरोपी ने टेबल पर बंदूक रख दी और कहा कि "जो करना है कर लो, न हिसाब देंगे और न पैसा।" पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि दबाव बनाकर उनसे एक एग्जिट मेल भी करवाया गया, लेकिन उसके बाद भी उनकी रकम वापस नहीं की गई।

54 लाख लिए, कागजों में सिर्फ 10 लाख का शेयर दिखाया

कथित धोखाधड़ी का खुलासा उस समय और गहरा गया जब मार्च 2023 में शेयरधारकों से संबंधित दस्तावेज पीड़ित परिवार के हाथ लगे। दस्तावेजों में यह बात सामने आई कि जिस हिस्सेदारी के लिए 54 लाख रुपये लिए गए थे, उसका मूल्यांकन केवल 10 लाख रुपये दिखाया गया था।पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब इस विसंगति के बारे में सवाल उठाया गया तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

पुलिस जांच के बाद सामने आएंगे कई बड़े खुलासे

मामले में लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम, वित्तीय लेन-देन, शेयर दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला झारखंड के निजी स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शामिल हो सकता है।