NEET छात्रा मौत केस: CBI जांच के बाद पटना HC ने याचिका की निगरानी से किया इनकार

NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में पटना हाई कोर्ट ने CBI जांच के बाद याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने जांच की निगरानी से इनकार करते हुए कहा कि कमी लगे तो फिर याचिकाकर्ता कोर्ट आ सकते हैं।

NEET छात्रा मौत केस: CBI जांच के बाद पटना HC ने याचिका की निगरानी से किया इनकार
जांच में कमी हो तो फिर आएं कोर्ट।

पटना (Threesocieties.com Desk)। बिहार की राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़े बहुचर्चित मामले में पटना हाई कोर्ट ने दायर आपराधिक रिट याचिका को निष्पादित कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब राज्य सरकार स्वयं इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप चुकी है, तो अब न्यायालय द्वारा जांच की निगरानी आवश्यक नहीं है।

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न्यायमूर्ति अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने मृतक छात्रा के पिता नवीन कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता को भविष्य में सीबीआई जांच में किसी भी प्रकार की कमी या पक्षपात प्रतीत होता है, तो वे दोबारा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

कोर्ट ने क्यों किया मॉनिटरिंग से इनकार?

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता किंकर कुमार ने अदालत को बताया कि इस संवेदनशील मामले की जांच पहले ही सीबीआई को सौंप दी गई है। ऐसे में याचिका अब निष्प्रभावी हो चुकी है।अदालत ने याचिकाकर्ता की उस मांग को अस्वीकार कर दिया, जिसमें सीबीआई जांच की निगरानी किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज या हाई कोर्ट के कार्यरत न्यायाधीश से कराने का अनुरोध किया गया था। कोर्ट ने कहा कि—“यह कोई लोकहित याचिका नहीं है। जब सरकार स्वयं सीबीआई को जांच सौंप चुकी है, तो एजेंसी को स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाना चाहिए।” कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना जांच रिपोर्ट के निगरानी का आदेश देना न्यायसंगत नहीं होगा।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

सुनवाई के दौरान छात्रा के पिता की ओर से यह आरोप लगाया गया कि राज्य के डीजीपी और पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें, उनके परिवार और रिश्तेदारों को धमकाया जा रहा है तथा बेटी की मौत को आत्महत्या बताने का दबाव बनाया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे सीबीआई जांच में पूरा सहयोग करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बयान

मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह फैसला जनभावनाओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि—“पुलिस और एसआईटी की जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी। इसलिए पारदर्शिता और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सीबीआई जांच का निर्णय लिया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी को बचाने के पक्ष में नहीं है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सामने आया अंतिम वीडियो

इस बीच छात्रा की मौत से जुड़ा अंतिम सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हॉस्टल की अन्य छात्राएं दरवाजा खटखटाती और छात्रा को नाम लेकर पुकारती नजर आती हैं। बाद में छात्रा को अचेत अवस्था में गोद में उठाकर बाहर ले जाया जाता दिख रहा है।वीडियो के सामने आने के बाद घटना की टाइमलाइन और मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह फुटेज सीबीआई जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।